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सीएम स्पष्ट करें डीजीपी सही हैं या फिर पूर्व विधायक सच बोल रहे : भाजपा
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पूर्व विधायक ने डीजीपी के खिलाफ बयानबाजी से मुख्यमंत्री की करवा दी किरकिरी : भाजपा
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। भाजपा के ऊना मंडल अध्यक्ष देवेंद्र कौशल और बसदेहड़ा मंडल अध्यक्ष राहुल देव शर्मा ने पूर्व विधायक और कांग्रेस के उपाध्यक्ष सतपाल रायजादा के बयान पर पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि अपनी ही सरकार के डीजीपी के खिलाफ बयान देकर कांग्रेस नेता ने मुख्यमंत्री तक की किरकिरी करवा दी है। भाजपा नेताओं ने मुख्यमंत्री से भी सवाल पूछा है कि वे जनता को बताने का कष्ट करें कि क्या उनका डीजीपी सही है या फिर पूर्व विधायक सच बोल रहे हैं।
उन्होंने कहा कि अपनी सरकार के दम पर डीजीपी के खिलाफ जाकर माफिया के लोगों को बचाने का कांग्रेस नेता की ओर से प्रयास किया जा रहा है। 2019 में कांग्रेस नेता के विधायक रहते हुए उनका निजी सुरक्षा कर्मी शराब माफिया के समर्थन में पेखूबेला में बीच सड़क पुलिस कर्मचारियों से जा भिड़ा था, अब सरकार का दबाव डालकर हाईकोर्ट से केस को वापस करवा दिया गया है। भाजपा नेताओं ने कहा कि स्पेशल इन्वेस्टिगेशन यूनिट में लगाए गए व्यक्ति के घर जन्मदिन मनाया जाता है, जहां पर हिमाचल और पंजाब दोनों राज्यों के माफिया के लोग जमा होते हैं लेकिन कांग्रेस नेताओं के दबाव के चलते प्रदेश की सीआईडी भी इस मामले पर आंखें बंद करके बैठी रही। जिन लोगों ने खुलेआम लूट मचाई है उन्हें डीजीपी डिस्क जैसे अवार्ड दिए जा रहे हैं।
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संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। भाजपा के ऊना मंडल अध्यक्ष देवेंद्र कौशल और बसदेहड़ा मंडल अध्यक्ष राहुल देव शर्मा ने पूर्व विधायक और कांग्रेस के उपाध्यक्ष सतपाल रायजादा के बयान पर पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि अपनी ही सरकार के डीजीपी के खिलाफ बयान देकर कांग्रेस नेता ने मुख्यमंत्री तक की किरकिरी करवा दी है। भाजपा नेताओं ने मुख्यमंत्री से भी सवाल पूछा है कि वे जनता को बताने का कष्ट करें कि क्या उनका डीजीपी सही है या फिर पूर्व विधायक सच बोल रहे हैं।
उन्होंने कहा कि अपनी सरकार के दम पर डीजीपी के खिलाफ जाकर माफिया के लोगों को बचाने का कांग्रेस नेता की ओर से प्रयास किया जा रहा है। 2019 में कांग्रेस नेता के विधायक रहते हुए उनका निजी सुरक्षा कर्मी शराब माफिया के समर्थन में पेखूबेला में बीच सड़क पुलिस कर्मचारियों से जा भिड़ा था, अब सरकार का दबाव डालकर हाईकोर्ट से केस को वापस करवा दिया गया है। भाजपा नेताओं ने कहा कि स्पेशल इन्वेस्टिगेशन यूनिट में लगाए गए व्यक्ति के घर जन्मदिन मनाया जाता है, जहां पर हिमाचल और पंजाब दोनों राज्यों के माफिया के लोग जमा होते हैं लेकिन कांग्रेस नेताओं के दबाव के चलते प्रदेश की सीआईडी भी इस मामले पर आंखें बंद करके बैठी रही। जिन लोगों ने खुलेआम लूट मचाई है उन्हें डीजीपी डिस्क जैसे अवार्ड दिए जा रहे हैं।
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