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Una News: दावे यात्रियों की सुरक्षा के, एचआरटीसी बसों की स्टेपनी तक बेकार
Wed, 22 Jul 2026 12:56 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Updated Wed, 22 Jul 2026 12:56 AM IST
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ऊना। यात्रियों की सुरक्षा को लेकर बड़े-बड़े दावे करने वाला हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) खुद ही लोगों की जान जोखिम में डालता नजर आ रहा है। मंगलवार को ऊना आईएसबीटी से कुछ ही दूरी पर उपायुक्त कार्यालय के पास चंडीगढ़-ऊना-पठानकोट (वाया बद्दी) रूट की एचआरटीसी बस का अगला टायर पंक्चर हो गया। पंक्चर हुई एचआरटीसी की बस के टायर अपनी जर्जरता की पूरी कहानी बयां कर रहे थे।
मंगलवार को चंडीगढ़ से पठानकोट जा रही एचआरटीसी की बस जैसे ही उपायुक्त कार्यालय के समीप पहुंची, अचानक उसके अगले टायर में पंक्चर हो गया। पंक्चर हुई एचआरटीसी की बस ने निगम के रखरखाव पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। बस में रखी स्टेपनी की हालत भी इतनी खराब थी कि उसे आगे के पहिये के स्थान पर इस्तेमाल नहीं किया जा सका। ऐसे में दूसरी व्यवस्था होने तक बस वहीं खड़ी रही और यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ी। करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद पंक्चर टायर को बदल कर बस पठानकोट के लिए रवाना हुई। ऐसे में लोगों ने सवाल खड़े करते हुए कहा कि जब बसों के टायर और स्टेपनी तक सुरक्षित स्थिति में नहीं हैं तो यात्रियों की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित होगी। निगम की लापरवाही यात्रियों की जान पर भारी पड़ सकती है। यात्रियों का कहना है कि एचआरटीसी को नियमित रूप से बसों के टायरों और अन्य सुरक्षा उपकरणों की जांच करनी चाहिए।
पहले टायरों को लेकर कुछ कमी चल रही थी लेकिन कुछ दिन पहले ही टायरों की सप्लाई आई है। लंबे रूट की बसों में नए टायर लगाए जा रहे हैं।
-पीयूष उपाध्याय, क्षेत्रीय प्रबंधक एचआरटीसी देहरा
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मंगलवार को चंडीगढ़ से पठानकोट जा रही एचआरटीसी की बस जैसे ही उपायुक्त कार्यालय के समीप पहुंची, अचानक उसके अगले टायर में पंक्चर हो गया। पंक्चर हुई एचआरटीसी की बस ने निगम के रखरखाव पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। बस में रखी स्टेपनी की हालत भी इतनी खराब थी कि उसे आगे के पहिये के स्थान पर इस्तेमाल नहीं किया जा सका। ऐसे में दूसरी व्यवस्था होने तक बस वहीं खड़ी रही और यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ी। करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद पंक्चर टायर को बदल कर बस पठानकोट के लिए रवाना हुई। ऐसे में लोगों ने सवाल खड़े करते हुए कहा कि जब बसों के टायर और स्टेपनी तक सुरक्षित स्थिति में नहीं हैं तो यात्रियों की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित होगी। निगम की लापरवाही यात्रियों की जान पर भारी पड़ सकती है। यात्रियों का कहना है कि एचआरटीसी को नियमित रूप से बसों के टायरों और अन्य सुरक्षा उपकरणों की जांच करनी चाहिए।
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पहले टायरों को लेकर कुछ कमी चल रही थी लेकिन कुछ दिन पहले ही टायरों की सप्लाई आई है। लंबे रूट की बसों में नए टायर लगाए जा रहे हैं।
-पीयूष उपाध्याय, क्षेत्रीय प्रबंधक एचआरटीसी देहरा