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पूबोवाल में मटमैले पानी की सप्लाई
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दुलैहड़। पूबोवाल में आ रही गंदे पानी की सप्लाई।
- फोटो : Una
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दुलैहड़ (ऊना)। हरोली हलके के पूबोवाल गांव के लोग मटमैला पानी पीने को मजबूर हैं। घरों में काला और मटमैला पानी आने से ग्रामीणों में आईपीएच विभाग के खिलाफ खासा रोष है। पिछले दिनों गांव में पानी की भारी किल्लत रही। अब आपूर्ति बहाल हुई तो पानी की हालत खराब है।
पूबोवाल में मंगलवार सुबह आया पानी पीने योग्य तो दूर नहाने के योग्य भी नहीं है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की कि उन्हें पीने का स्वच्छ पानी उपलब्ध करवाया जाए। ग्रामीण हैपी मोदी, सुषमा देवी, अंतरा देवी, निशा कुमारी, मनजीत कौर, करनैल सिंह, विकास कुमार, तरसेम लाल, मिंदो देवी का कहना है कि मंगलवार को उनके घर में गंदा पानी आया है, जो कि बिल्कुल काला था। इससे पहले भी कई बार गंदा पानी आ चुका है। इसके बारे में आईपीएच को बताया भी गया है। बार-बार गंदला पानी आना विभाग की लापरवाही को दर्शाता है।
उन्होंने कहा कि सरकारें और जिला प्रशासन स्वच्छ पेयजल उपलब्ध करवाने के बड़े-बड़े दावे करते हैं, लेकिन लोगों को मटमैला पानी पीने को मिल रहा है। मिट्टीयुक्त पानी आने से लोग अब टैप खोलने से भी कतरा रहे हैं। हैपी मोदी का कहना है कि मंगलवार को जब घर में पानी आया तो वह पूरी तरह से काला था। उन्होंने इसका सैंपल रखा है। उन्होंने कहा कि ये पानी जनता के पीने लायक तो दूर जानवरों के पीने लायक भी नहीं है। आईपीएच विभाग के एक्सईएन नरेश धीमान का कहना है कि इस बारे में एसडीओ को निर्देश दिए हैं। जल्द ही स्वच्छ पानी की आपूर्ति की जाएगी।
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पूबोवाल में मंगलवार सुबह आया पानी पीने योग्य तो दूर नहाने के योग्य भी नहीं है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की कि उन्हें पीने का स्वच्छ पानी उपलब्ध करवाया जाए। ग्रामीण हैपी मोदी, सुषमा देवी, अंतरा देवी, निशा कुमारी, मनजीत कौर, करनैल सिंह, विकास कुमार, तरसेम लाल, मिंदो देवी का कहना है कि मंगलवार को उनके घर में गंदा पानी आया है, जो कि बिल्कुल काला था। इससे पहले भी कई बार गंदा पानी आ चुका है। इसके बारे में आईपीएच को बताया भी गया है। बार-बार गंदला पानी आना विभाग की लापरवाही को दर्शाता है।
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उन्होंने कहा कि सरकारें और जिला प्रशासन स्वच्छ पेयजल उपलब्ध करवाने के बड़े-बड़े दावे करते हैं, लेकिन लोगों को मटमैला पानी पीने को मिल रहा है। मिट्टीयुक्त पानी आने से लोग अब टैप खोलने से भी कतरा रहे हैं। हैपी मोदी का कहना है कि मंगलवार को जब घर में पानी आया तो वह पूरी तरह से काला था। उन्होंने इसका सैंपल रखा है। उन्होंने कहा कि ये पानी जनता के पीने लायक तो दूर जानवरों के पीने लायक भी नहीं है। आईपीएच विभाग के एक्सईएन नरेश धीमान का कहना है कि इस बारे में एसडीओ को निर्देश दिए हैं। जल्द ही स्वच्छ पानी की आपूर्ति की जाएगी।
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