{"_id":"6ab00e087e318078d40d1983","slug":"childrens-scientific-thinking-and-creativity-showcased-in-science-models-una-news-c-93-1-una1002-206654-2026-09-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"Una News: विज्ञान मॉडल में दिखी बच्चों की वैज्ञानिक सोच और रचनात्मकता","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Una News: विज्ञान मॉडल में दिखी बच्चों की वैज्ञानिक सोच और रचनात्मकता
Mon, 21 Sep 2026 10:16 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Updated Mon, 21 Sep 2026 10:16 AM IST
विज्ञापन
ऊना। जिले के पांचों विकास खंडों में आयोजित 33वें खंड स्तरीय बाल विज्ञान मेले का समापन हो गया। हिमकोस्टे के सहयोग से शिक्षा विभाग की ओर से 18 और 19 सितंबर को ऊना, हरोली, बंगाणा, अंब और गगरेट में मेले का आयोजन किया गया, इसमें विभिन्न विद्यालयों के विद्यार्थियों ने वैज्ञानिक सोच, नवाचार और रचनात्मकता का प्रदर्शन किया।
ऊना में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय देहलां, हरोली में पंडोगा, बंगाणा में धुंदला, अंब में चुरड़ू और गगरेट में घनारी स्कूल को आयोजन स्थल बनाया गया था। दो दिन तक विज्ञान मॉडल, परियोजनाओं, वैज्ञानिक गतिविधियों और मैथ्स ओलंपियाड समेत विभिन्न प्रतियोगिताएं हुईं।
विद्यार्थियों ने जल एवं पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता, ऊर्जा, स्वास्थ्य और तकनीक जैसे विषयों पर मॉडल तैयार किए। उन्होंने निर्णायकों के समक्ष मॉडल की कार्यप्रणाली और वैज्ञानिक सिद्धांतों की जानकारी दी।
विज्ञापन
प्रतिभागियों का मूल्यांकन वैज्ञानिक समझ, प्रस्तुति, रचनात्मकता और समस्या समाधान क्षमता के आधार पर किया गया। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।
शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने कहा कि बाल विज्ञान मेले का उद्देश्य विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, जिज्ञासा और नवाचार की भावना विकसित करना है। गतिविधि आधारित शिक्षा से बच्चों को कक्षा में पढ़े सिद्धांतों को प्रयोग के माध्यम से समझने का अवसर मिलता है।
आयोजन में प्रधानाचार्यों, विज्ञान अध्यापकों, निर्णायकों और विद्यालय स्टाफ ने सहयोग दिया। विभाग ने हिमकोस्टे के संयुक्त सदस्य सचिव डॉ. सुरेश अत्री का विशेष आभार जताया।
विज्ञापन
ऊना में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय देहलां, हरोली में पंडोगा, बंगाणा में धुंदला, अंब में चुरड़ू और गगरेट में घनारी स्कूल को आयोजन स्थल बनाया गया था। दो दिन तक विज्ञान मॉडल, परियोजनाओं, वैज्ञानिक गतिविधियों और मैथ्स ओलंपियाड समेत विभिन्न प्रतियोगिताएं हुईं।
विज्ञापन
विद्यार्थियों ने जल एवं पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता, ऊर्जा, स्वास्थ्य और तकनीक जैसे विषयों पर मॉडल तैयार किए। उन्होंने निर्णायकों के समक्ष मॉडल की कार्यप्रणाली और वैज्ञानिक सिद्धांतों की जानकारी दी।
विज्ञापन
प्रतिभागियों का मूल्यांकन वैज्ञानिक समझ, प्रस्तुति, रचनात्मकता और समस्या समाधान क्षमता के आधार पर किया गया। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।
शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने कहा कि बाल विज्ञान मेले का उद्देश्य विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, जिज्ञासा और नवाचार की भावना विकसित करना है। गतिविधि आधारित शिक्षा से बच्चों को कक्षा में पढ़े सिद्धांतों को प्रयोग के माध्यम से समझने का अवसर मिलता है।
आयोजन में प्रधानाचार्यों, विज्ञान अध्यापकों, निर्णायकों और विद्यालय स्टाफ ने सहयोग दिया। विभाग ने हिमकोस्टे के संयुक्त सदस्य सचिव डॉ. सुरेश अत्री का विशेष आभार जताया।