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Una News: काउंटर पर बसें पहुंचीं, सवारियां नहीं मिलीं तो 17 रूट रद्द
Mon, 21 Sep 2026 10:19 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Updated Mon, 21 Sep 2026 10:19 AM IST
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ऊना। एचआरटीसी की बसें रविवार को आईएसबीटी ऊना में अपने निर्धारित काउंटर पर पहुंचीं और चालक-परिचालक भी ड्यूटी पर मौजूद रहे लेकिन पर्याप्त सवारियां नहीं मिलने के कारण इंतजार के बाद 17 ग्रामीण रूटों की बस सेवाएं रद्द करनी पड़ीं।
इससे रविवार को जरूरी काम से ऊना या अन्य स्थानों पर जाने वाले ग्रामीण यात्रियों को निजी वाहनों या दूसरे उपलब्ध साधनों का सहारा लेना पड़ा। सामान्य दिनों में इन ग्रामीण रूटों पर विद्यार्थियों, नौकरीपेशा लोगों और रोजमर्रा के काम से आवाजाही करने वाले यात्रियों के कारण बसों में पर्याप्त सवारियां रहती हैं।
रविवार को शिक्षण संस्थानों और अधिकांश कार्यालयों में अवकाश होने से यात्रियों की संख्या काफी कम रही। इसका असर ग्रामीण बस सेवाओं के संचालन पर पड़ा।
निगम अधिकारियों के अनुसार कम सवारियों के बीच बस चलाने पर ईंधन, चालक-परिचालक और अन्य संचालन खर्च उठाना पड़ता है। यात्री मांग को देखते हुए रविवार को 17 ग्रामीण रूटों पर बस सेवा शुरू नहीं की गई। इससे बेहद कम सवारियों वाली बसें चलाने के खर्च से निगम को बचत हुई, लेकिन सेवा रद्द होने से जरूरतमंद ग्रामीण यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ी।
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मांग के आधार पर होता है संचालन
कार्यकारी उपमंडलीय प्रबंधक एचआरटीसी ऊना राजेश जोशी ने बताया कि ग्रामीण रूटों पर बस संचालन यात्रियों की मांग और उपलब्धता के आधार पर किया जाता है। रविवार को सवारियों की संख्या कम होने के कारण कई बार निर्धारित रूटों को रद्द करना पड़ता है।
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इससे रविवार को जरूरी काम से ऊना या अन्य स्थानों पर जाने वाले ग्रामीण यात्रियों को निजी वाहनों या दूसरे उपलब्ध साधनों का सहारा लेना पड़ा। सामान्य दिनों में इन ग्रामीण रूटों पर विद्यार्थियों, नौकरीपेशा लोगों और रोजमर्रा के काम से आवाजाही करने वाले यात्रियों के कारण बसों में पर्याप्त सवारियां रहती हैं।
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रविवार को शिक्षण संस्थानों और अधिकांश कार्यालयों में अवकाश होने से यात्रियों की संख्या काफी कम रही। इसका असर ग्रामीण बस सेवाओं के संचालन पर पड़ा।
निगम अधिकारियों के अनुसार कम सवारियों के बीच बस चलाने पर ईंधन, चालक-परिचालक और अन्य संचालन खर्च उठाना पड़ता है। यात्री मांग को देखते हुए रविवार को 17 ग्रामीण रूटों पर बस सेवा शुरू नहीं की गई। इससे बेहद कम सवारियों वाली बसें चलाने के खर्च से निगम को बचत हुई, लेकिन सेवा रद्द होने से जरूरतमंद ग्रामीण यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ी।
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मांग के आधार पर होता है संचालन
कार्यकारी उपमंडलीय प्रबंधक एचआरटीसी ऊना राजेश जोशी ने बताया कि ग्रामीण रूटों पर बस संचालन यात्रियों की मांग और उपलब्धता के आधार पर किया जाता है। रविवार को सवारियों की संख्या कम होने के कारण कई बार निर्धारित रूटों को रद्द करना पड़ता है।