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Una News: बल्क ड्रग पार्क से दवा सामग्री की आपूर्ति में चीन पर निर्भरता होगी खत्म
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बल्क ड्रग पार्क दौरा करते डीसी ऊना जतिन लाल। स्त्रोत: लोक संपर्क विभाग
डीसी ऊना बोले, बल्क ड्रग पार्क पर फैलाई जा रही भ्रांतियों पर न दें ध्यान
विकास और पर्यावरण का संतुलन हमारी प्राथमिकता,
वैज्ञानिक एवं पर्यावरणीय संतुलन के साथ किया जा रहा परियोजना का क्रियान्वयन
लोगों से अपील....सोशल मीडिया की अफवाहों पर न दें ध्यान
संवाद न्यूज एजेंसी
हरोली/टाहलीवाल (ऊना)। डीसी ऊना जतिन लाल ने कहा कि निर्माणाधीन बल्क ड्रग पार्क परियोजना के माध्यम से भारत की एक्टिव फार्मास्यूटिकल इंग्रेडिएंट्स आपूर्ति (सक्रिय दवा सामग्री) में चीन पर निर्भरता समाप्त होगी और देश की औषधीय आत्मनिर्भरता को बल मिलेगा। उन्होंने साइट का दौरा किया और परियोजना के विभिन्न पहलुओं की ब्रीफिंग दी। पर्यावरणीय, तकनीकी और सामाजिक तथ्यों से अवगत कराया गया। उद्योग विभाग के संयुक्त निदेशक अंशुल धीमान, डीएफओ सुनील राणा सहित अन्य अधिकारी भी उपायुक्त के साथ रहे और उन्होंने अपने विभागों से जुड़ी जानकारियां साझा कीं। उपायुक्त ने कहा कि विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन बनाए रखना प्रशासन की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। कुछ लोग सोशल मीडिया पर परियोजना को लेकर भ्रांतियां फैला रहे हैं, जबकि वास्तविकता यह है कि यह परियोजना राज्य के औद्योगिक भविष्य के लिए निर्णायक है और इसे वैज्ञानिक एवं पर्यावरणीय संतुलन के साथ क्रियान्वित किया जा रहा है। परियोजना निर्माण में राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी), प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और केंद्र व राज्य सरकार की पर्यावरणीय गाइडलाइन का कठोर अनुपालन सुनिश्चित किया जा रहा है। प्रशासन प्रत्येक आयाम की सूक्ष्मता से समीक्षा कर रहा है ताकि पारदर्शिता बनी रहे और जनविश्वास मजबूत हो। उपायुक्त ने कहा कि वे स्वयं इसकी निगरानी कर रहे हैं। भू-जल पुनर्भरण, प्रदूषण नियंत्रण, वनीकरण और वन्य जीव संरक्षण के लिए समुचित योजनाएं तैयार की गई हैं। उपायुक्त ने कहा कि बल्क ड्रग पार्क परियोजना मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू और उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री की दूरदर्शी सोच और औद्योगिक विकासोन्मुख दृष्टिकोण के अनुरूप आकार ले रही है। 1405 एकड़ क्षेत्र में 2000 करोड़ रुपये की लागत से विकसित की जा रही यह परियोजना देश में स्थापित हो रही तीन राष्ट्रीय बल्क ड्रग पार्क परियोजनाओं में से एक है। 10 हजार से अधिक युवाओं को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर मिलेंगे।
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विकास और पर्यावरण का संतुलन हमारी प्राथमिकता,
वैज्ञानिक एवं पर्यावरणीय संतुलन के साथ किया जा रहा परियोजना का क्रियान्वयन
लोगों से अपील....सोशल मीडिया की अफवाहों पर न दें ध्यान
संवाद न्यूज एजेंसी
हरोली/टाहलीवाल (ऊना)। डीसी ऊना जतिन लाल ने कहा कि निर्माणाधीन बल्क ड्रग पार्क परियोजना के माध्यम से भारत की एक्टिव फार्मास्यूटिकल इंग्रेडिएंट्स आपूर्ति (सक्रिय दवा सामग्री) में चीन पर निर्भरता समाप्त होगी और देश की औषधीय आत्मनिर्भरता को बल मिलेगा। उन्होंने साइट का दौरा किया और परियोजना के विभिन्न पहलुओं की ब्रीफिंग दी। पर्यावरणीय, तकनीकी और सामाजिक तथ्यों से अवगत कराया गया। उद्योग विभाग के संयुक्त निदेशक अंशुल धीमान, डीएफओ सुनील राणा सहित अन्य अधिकारी भी उपायुक्त के साथ रहे और उन्होंने अपने विभागों से जुड़ी जानकारियां साझा कीं। उपायुक्त ने कहा कि विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन बनाए रखना प्रशासन की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। कुछ लोग सोशल मीडिया पर परियोजना को लेकर भ्रांतियां फैला रहे हैं, जबकि वास्तविकता यह है कि यह परियोजना राज्य के औद्योगिक भविष्य के लिए निर्णायक है और इसे वैज्ञानिक एवं पर्यावरणीय संतुलन के साथ क्रियान्वित किया जा रहा है। परियोजना निर्माण में राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी), प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और केंद्र व राज्य सरकार की पर्यावरणीय गाइडलाइन का कठोर अनुपालन सुनिश्चित किया जा रहा है। प्रशासन प्रत्येक आयाम की सूक्ष्मता से समीक्षा कर रहा है ताकि पारदर्शिता बनी रहे और जनविश्वास मजबूत हो। उपायुक्त ने कहा कि वे स्वयं इसकी निगरानी कर रहे हैं। भू-जल पुनर्भरण, प्रदूषण नियंत्रण, वनीकरण और वन्य जीव संरक्षण के लिए समुचित योजनाएं तैयार की गई हैं। उपायुक्त ने कहा कि बल्क ड्रग पार्क परियोजना मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू और उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री की दूरदर्शी सोच और औद्योगिक विकासोन्मुख दृष्टिकोण के अनुरूप आकार ले रही है। 1405 एकड़ क्षेत्र में 2000 करोड़ रुपये की लागत से विकसित की जा रही यह परियोजना देश में स्थापित हो रही तीन राष्ट्रीय बल्क ड्रग पार्क परियोजनाओं में से एक है। 10 हजार से अधिक युवाओं को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर मिलेंगे।