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Una News: ब्रह्मकुमारीज ने बनगढ़ के कैदियों को बांधा रक्षा सूत्र
Tue, 20 Aug 2024 02:13 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Updated Tue, 20 Aug 2024 02:13 AM IST
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मैहतपुर (ऊना)। ब्रह्मकुमारीज ऊना केंद्र के तत्वावधान में रक्षाबंधन पर्व पर बनगढ़ स्थित सुधार गृह में सजा काट रहे कैदियों तथा विचाराधीन कैदियों के साथ मनाया। इस अवसर जिला केंद्र की प्रमुख दीदी बीके आशा, मैहतपुर से ब्रह्मकुमारीज बहन बीके बबिता, भाई बीके अवदेश, भाई रोहित, बहन किरण के साथ ऊना से राजेंद्र शर्मा ने भाग लिया।
इस अवसर पर ऊना केंद्र की प्रमुख आशा दीदी ने उपस्थित 200 से अधिक कैदियों को रक्षाबंधन पर्व की महत्वता को परमात्मा शिव का संदेश दिया। बताया कि अपने अंदर काम, क्रोध, मोह व अंहकार के वश में ही हम विकर्म करते हैं, जिसका परिणाम हमें भुगतना पड़ता हैं। मन में चलने वाले नकारात्मक विचार कुशंका, ईर्ष्या, घृणा और अहम के घमण्ड सें ही विकार पैदा होते है। फलस्वरूप मनुष्य क्रोध व ईर्ष्या के वशीभूत होकर ही गलत कार्य कर बैठता है। इससे परेशानी पैदा होती है, जबकि गलत वयसंनो की लत, शारीरिक व मानसिक बीमारियां पैदा भी करती हैं। कहा कि इस पवित्र पर्व पर हम रक्षासूत्र बंधवाकर अपनी कमियों व विकारों को दूर करने का दृढ़ संकल्प लें। मुंह मीठा करके मीठे वचन बोलनें व प्रेम व पवित्र जीवन अपनाने का संकल्प लिया जाता है। इन पवित्र संकल्पों को दोहराकर उनको संकल्पित करवाया गया।
इस अवसर पर सुधार गृह के उप अधीक्षक जगजीत चौधरी व जेल स्टाफ को भी ब्रह्मकुमारीज बहनों ने रक्षा सूत्र बांधकर शुभकामनाएं दीं ऊना बाल सुधार गृह, समूरकलां नाबालिक बच्चों के साथ भी रक्षाबंधन का त्योहार ब्रह्मकुमारीज ने राखी बांधकर व सौगात में मिठाई खिलाई। बीके बबिता बहन ने बच्चों को शुद्ध व पवित्र सोच से अच्छे नागरिक बनने के लिए प्रेरणा दायक प्रसंगों सें प्ररित किया।
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इस अवसर पर ऊना केंद्र की प्रमुख आशा दीदी ने उपस्थित 200 से अधिक कैदियों को रक्षाबंधन पर्व की महत्वता को परमात्मा शिव का संदेश दिया। बताया कि अपने अंदर काम, क्रोध, मोह व अंहकार के वश में ही हम विकर्म करते हैं, जिसका परिणाम हमें भुगतना पड़ता हैं। मन में चलने वाले नकारात्मक विचार कुशंका, ईर्ष्या, घृणा और अहम के घमण्ड सें ही विकार पैदा होते है। फलस्वरूप मनुष्य क्रोध व ईर्ष्या के वशीभूत होकर ही गलत कार्य कर बैठता है। इससे परेशानी पैदा होती है, जबकि गलत वयसंनो की लत, शारीरिक व मानसिक बीमारियां पैदा भी करती हैं। कहा कि इस पवित्र पर्व पर हम रक्षासूत्र बंधवाकर अपनी कमियों व विकारों को दूर करने का दृढ़ संकल्प लें। मुंह मीठा करके मीठे वचन बोलनें व प्रेम व पवित्र जीवन अपनाने का संकल्प लिया जाता है। इन पवित्र संकल्पों को दोहराकर उनको संकल्पित करवाया गया।
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इस अवसर पर सुधार गृह के उप अधीक्षक जगजीत चौधरी व जेल स्टाफ को भी ब्रह्मकुमारीज बहनों ने रक्षा सूत्र बांधकर शुभकामनाएं दीं ऊना बाल सुधार गृह, समूरकलां नाबालिक बच्चों के साथ भी रक्षाबंधन का त्योहार ब्रह्मकुमारीज ने राखी बांधकर व सौगात में मिठाई खिलाई। बीके बबिता बहन ने बच्चों को शुद्ध व पवित्र सोच से अच्छे नागरिक बनने के लिए प्रेरणा दायक प्रसंगों सें प्ररित किया।
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