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Una News: बोले सो निहाल... सत श्री अकाल के जयकारों से गूंजा शहर
Thu, 28 Mar 2024 01:42 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Updated Thu, 28 Mar 2024 01:42 AM IST
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बाबा साहिब सिंह बेदी के जन्म उत्सव पर सजा नगर कीर्तन
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। ऊना नगर के संस्थापक और गुरु नानक देव जी के वंशज बाबा साहिब सिंह बेदी के जन्म उत्सव के अवसर पर बुधवार को नगर कीर्तन आयोजित किया गया। इस मौके पर बाबा सरबजोत सिंह बेदी और संगत द्वारा गुरु ग्रंथ साहिब जी की छत्रछाया व पांच प्यारों की अगुवाई में नगर कीर्तन का आयोजन किया गया।
इस अवसर पर श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की पालकी को फूलों से सजाया गया। नगर कीर्तन में गतका जत्था द्वारा पुरातन युद्ध के तोर-तरीकों को प्रदर्शित किया गया। नगर कीर्तन को लेकर संगत में भारी उत्साह देखने को मिला। बोले सो निहाल सत श्री अकाल के जयकारे लगाती संगत द्वारा नगर की परिक्रमा करते हुए नगर कीर्तन किला बाबा साहिब सिंह बेदी से प्रारंभ होकर रेड लाइट चौक पुराना बस स्टैंड, आईएसबीटी, रोटरी चौक में बाजार से होता हुआ वापस किला बाबा साहिब सिंह जी बेदी में संपन्न हुआ। नगर कीर्तन के दौरान विभिन्न स्थानों पर लंगर बांटे गए।
इस अवसर पर बाबा अमरजोत सिंह बेदी, बाबा तेग्वीर सिंह जी बेदी, संत अनूप सिंह, बाबा प्रितपाल सिंह, बाबा सुरिंद्र सिंह, संत रणजीत सिंह, बाबा कुलदीप सिंह, भाई दलजीत सिंह, हरजिंद्र सिंह, त्रिलोक सिंह, सुखवंत सिंह, सर्वजीत सिंह, परमजीत सिंह सहत अन्य सदस्य मौजूद रहे।
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सुरक्षा की कीर्तन के दौरान की अरदास
नगर कीर्तन का महत्व बताते हुए बाबा सरबजोत सिंह बेदी ने बताया कि नगर के संस्थापक बाबा साहिब जब भी नगर को छोड़कर लंबे समय के लिए जाते थे तो सुरक्षा कवच के रूप में नगर की परिक्रमा करते थे। उसी याद को ताजा करने के लिए नगर कीर्तन के रूप में परिक्रमा की जाती है। सचित्र
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संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। ऊना नगर के संस्थापक और गुरु नानक देव जी के वंशज बाबा साहिब सिंह बेदी के जन्म उत्सव के अवसर पर बुधवार को नगर कीर्तन आयोजित किया गया। इस मौके पर बाबा सरबजोत सिंह बेदी और संगत द्वारा गुरु ग्रंथ साहिब जी की छत्रछाया व पांच प्यारों की अगुवाई में नगर कीर्तन का आयोजन किया गया।
इस अवसर पर श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की पालकी को फूलों से सजाया गया। नगर कीर्तन में गतका जत्था द्वारा पुरातन युद्ध के तोर-तरीकों को प्रदर्शित किया गया। नगर कीर्तन को लेकर संगत में भारी उत्साह देखने को मिला। बोले सो निहाल सत श्री अकाल के जयकारे लगाती संगत द्वारा नगर की परिक्रमा करते हुए नगर कीर्तन किला बाबा साहिब सिंह बेदी से प्रारंभ होकर रेड लाइट चौक पुराना बस स्टैंड, आईएसबीटी, रोटरी चौक में बाजार से होता हुआ वापस किला बाबा साहिब सिंह जी बेदी में संपन्न हुआ। नगर कीर्तन के दौरान विभिन्न स्थानों पर लंगर बांटे गए।
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इस अवसर पर बाबा अमरजोत सिंह बेदी, बाबा तेग्वीर सिंह जी बेदी, संत अनूप सिंह, बाबा प्रितपाल सिंह, बाबा सुरिंद्र सिंह, संत रणजीत सिंह, बाबा कुलदीप सिंह, भाई दलजीत सिंह, हरजिंद्र सिंह, त्रिलोक सिंह, सुखवंत सिंह, सर्वजीत सिंह, परमजीत सिंह सहत अन्य सदस्य मौजूद रहे।
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सुरक्षा की कीर्तन के दौरान की अरदास
नगर कीर्तन का महत्व बताते हुए बाबा सरबजोत सिंह बेदी ने बताया कि नगर के संस्थापक बाबा साहिब जब भी नगर को छोड़कर लंबे समय के लिए जाते थे तो सुरक्षा कवच के रूप में नगर की परिक्रमा करते थे। उसी याद को ताजा करने के लिए नगर कीर्तन के रूप में परिक्रमा की जाती है। सचित्र