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क्षेत्रीय अस्पताल में भीड़ को नियंत्रित करने की व्यवस्थाएं हांफी
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क्षेत्रीय अस्पताल ऊना में ओपीडी के बाहर इलाज के लिए आए लोगों की जमा भीड़। संवाद
- फोटो : Una
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संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। जिले के सबसे बड़े अस्पताल में व्यवस्थाएं राम भरोसे चल रही हैं। अस्पताल में उचित दूरी के नियम से लेकर मरीजों को बैठने तक की सुविधा नहीं मिल पा रही है। मरीज उचित दूरी का नियम तो दूर मास्क पहनने से भी परहेज कर रहे हैं। इन सबकी देखरेख के लिए अस्पताल प्रबंधन की तरफ से कोई व्यवस्था नहीं की गई है।
जिले में फिर से लगातार कोरोना के नए मामले सामने आ रहे हैं। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग कोरोना से बचाव के लिए जहां एक तरफ एडवाइजरी जारी कर रहा है। वहीं, दूसरी तरफ क्षेत्रीय अस्पताल में ही नियमों की अनदेखी हो रही है। इसके अलावा अस्पताल में लोगों को बैठने के लिए भी सुविधा नहीं मिल पा रही है। हालत यह है कि अस्पताल में सभी व्यवस्थाएं राम भरोसे ही चल रही हैं। इससे जिले भर से अस्पताल में पहुंचने वाले मरीजों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
गर्मी के बीच मरीज ओपीडी के बाहर बिना पंखों के खड़े-खड़े अपनी बारी का इंतजार करने के लिए मजबूर हैं। इस पर अस्पताल प्रबंधन कई बार सुविधाओं में सुधार के लिए बड़े-बड़े दावे करता है, लेकिन असल में लोगों को बैठने के लिए भी उचित व्यवस्था नहीं हो पाती है। हैरानी तो इस बात की है कि वार्ड में दिन भर चिकित्सकों, स्टाफ और नर्सों का आना-जाना लगा रहता है।
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चिकित्सा अधीक्षक भी समय समय पर अस्पताल के विभिन्न वार्डों का निरीक्षण करते हैं। इसके बावजूद किसी चिकित्सक और अधिकारी की इन समस्याओं पर नजर नहीं पड़ती। अस्पताल प्रबंधन की इस सुस्त कार्यप्रणाली के कारण मरीजों को सबसे अधिक दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
इस संबंध में चिकित्सा अधीक्षक डॉ. रमन शर्मा ने कहा कि समस्या उनके ध्यान में आई है। कुछ ओपीडी के बाहर नए बेंच लगाए गए हैं। इसके लिए अस्पताल में मास्क के प्रयोग और उचित दूरी बनाने के लिए भी दिशा-निर्देश दिए जाएंगे।
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ऊना। जिले के सबसे बड़े अस्पताल में व्यवस्थाएं राम भरोसे चल रही हैं। अस्पताल में उचित दूरी के नियम से लेकर मरीजों को बैठने तक की सुविधा नहीं मिल पा रही है। मरीज उचित दूरी का नियम तो दूर मास्क पहनने से भी परहेज कर रहे हैं। इन सबकी देखरेख के लिए अस्पताल प्रबंधन की तरफ से कोई व्यवस्था नहीं की गई है।
जिले में फिर से लगातार कोरोना के नए मामले सामने आ रहे हैं। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग कोरोना से बचाव के लिए जहां एक तरफ एडवाइजरी जारी कर रहा है। वहीं, दूसरी तरफ क्षेत्रीय अस्पताल में ही नियमों की अनदेखी हो रही है। इसके अलावा अस्पताल में लोगों को बैठने के लिए भी सुविधा नहीं मिल पा रही है। हालत यह है कि अस्पताल में सभी व्यवस्थाएं राम भरोसे ही चल रही हैं। इससे जिले भर से अस्पताल में पहुंचने वाले मरीजों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
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गर्मी के बीच मरीज ओपीडी के बाहर बिना पंखों के खड़े-खड़े अपनी बारी का इंतजार करने के लिए मजबूर हैं। इस पर अस्पताल प्रबंधन कई बार सुविधाओं में सुधार के लिए बड़े-बड़े दावे करता है, लेकिन असल में लोगों को बैठने के लिए भी उचित व्यवस्था नहीं हो पाती है। हैरानी तो इस बात की है कि वार्ड में दिन भर चिकित्सकों, स्टाफ और नर्सों का आना-जाना लगा रहता है।
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चिकित्सा अधीक्षक भी समय समय पर अस्पताल के विभिन्न वार्डों का निरीक्षण करते हैं। इसके बावजूद किसी चिकित्सक और अधिकारी की इन समस्याओं पर नजर नहीं पड़ती। अस्पताल प्रबंधन की इस सुस्त कार्यप्रणाली के कारण मरीजों को सबसे अधिक दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
इस संबंध में चिकित्सा अधीक्षक डॉ. रमन शर्मा ने कहा कि समस्या उनके ध्यान में आई है। कुछ ओपीडी के बाहर नए बेंच लगाए गए हैं। इसके लिए अस्पताल में मास्क के प्रयोग और उचित दूरी बनाने के लिए भी दिशा-निर्देश दिए जाएंगे।