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Una News: भुगतान में देरी से सरकारी ठेकेदारों में रोष, विकास कार्य ठप
Tue, 14 Jan 2025 07:37 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Updated Tue, 14 Jan 2025 07:37 AM IST
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बोले, ठेकेदार और उनके मजदूर परिवार आर्थिक संकट से जूझ रहे
संवाद न्यूज एजेंसी
घनारी (ऊना)। नवंबर 2024 से सरकारी ठेकेदारों को पेमेंट न मिलने के कारण उनमें आक्रोश है। वहीं, ठेकेदार और उनके मजदूर परिवार आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। ठेकेदारों की देनदारियां अटकी होने से न केवल उनके जीवन पर असर पड़ा है, बल्कि विकास कार्य भी बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं।
विभागों की ओर से 31 मार्च तक लक्ष्यों को पूरा करने का अत्यधिक दबाव ठेकेदारों पर डाला जा रहा है, लेकिन बिना धनराशि के कार्य करना उनके लिए असंभव हो गया है। ठेकेदार यूनियन के प्रधान राम लुभाया, शंभू गोस्वामी, विशाल शर्मा, मनोज कुमार, मनु शर्मा, मनु ठाकुर, राहुल शर्मा, यशपाल सिंह, सुरेश पाल, पंडित हरगोपाल, सौरव जरियाल, दलविंदर बबली, राजीव जसवाल और प्रधान निक्कू ने बताया कि ठेकेदारों को लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। यूनियन के प्रधान ने प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि हम न केवल अपने परिवारों का भरण-पोषण करने में असमर्थ हैं, बल्कि हमारे मजदूर भी रोजगार के अभाव में पाई-पाई को मोहताज हो गए हैं। विभागीय अधिकारी हम पर काम पूरा करने का दबाव बना रहे हैं, लेकिन बिना भुगतान के यह संभव नहीं है।
यूनियन के सदस्यों ने सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही भुगतान जारी नहीं किया गया तो ठेकेदार बड़े स्तर पर विरोध करने के लिए विवश होंगे। उन्होंने कहा कि सरकार को जल्द से जल्द यह समस्या सुलझानी चाहिए, अन्यथा प्रदेश के विकास कार्य पूरी तरह से ठप हो जाएंगे। यह संकट न केवल ठेकेदारों के लिए बल्कि प्रदेश के विकास के लिए भी गंभीर चुनौती बन गया है।
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जिला कोषाधिकारी ऊना वीरेंद्र शर्मा ने बताया कि उनके पास लेटर ऑफ क्रेडिट (एलओसी) उपलब्ध हैं, लेकिन इसे सचिव कार्यालय शिमला से अभी तक स्वीकृति नहीं मिली है। प्रदेश के वित्त सचिव देवेश कुमार से इस संबंध में बात करने की कोशिश की गई, लेकिन वे उपलब्ध नहीं हो सके।
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घनारी (ऊना)। नवंबर 2024 से सरकारी ठेकेदारों को पेमेंट न मिलने के कारण उनमें आक्रोश है। वहीं, ठेकेदार और उनके मजदूर परिवार आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। ठेकेदारों की देनदारियां अटकी होने से न केवल उनके जीवन पर असर पड़ा है, बल्कि विकास कार्य भी बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं।
विभागों की ओर से 31 मार्च तक लक्ष्यों को पूरा करने का अत्यधिक दबाव ठेकेदारों पर डाला जा रहा है, लेकिन बिना धनराशि के कार्य करना उनके लिए असंभव हो गया है। ठेकेदार यूनियन के प्रधान राम लुभाया, शंभू गोस्वामी, विशाल शर्मा, मनोज कुमार, मनु शर्मा, मनु ठाकुर, राहुल शर्मा, यशपाल सिंह, सुरेश पाल, पंडित हरगोपाल, सौरव जरियाल, दलविंदर बबली, राजीव जसवाल और प्रधान निक्कू ने बताया कि ठेकेदारों को लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। यूनियन के प्रधान ने प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि हम न केवल अपने परिवारों का भरण-पोषण करने में असमर्थ हैं, बल्कि हमारे मजदूर भी रोजगार के अभाव में पाई-पाई को मोहताज हो गए हैं। विभागीय अधिकारी हम पर काम पूरा करने का दबाव बना रहे हैं, लेकिन बिना भुगतान के यह संभव नहीं है।
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यूनियन के सदस्यों ने सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही भुगतान जारी नहीं किया गया तो ठेकेदार बड़े स्तर पर विरोध करने के लिए विवश होंगे। उन्होंने कहा कि सरकार को जल्द से जल्द यह समस्या सुलझानी चाहिए, अन्यथा प्रदेश के विकास कार्य पूरी तरह से ठप हो जाएंगे। यह संकट न केवल ठेकेदारों के लिए बल्कि प्रदेश के विकास के लिए भी गंभीर चुनौती बन गया है।
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जिला कोषाधिकारी ऊना वीरेंद्र शर्मा ने बताया कि उनके पास लेटर ऑफ क्रेडिट (एलओसी) उपलब्ध हैं, लेकिन इसे सचिव कार्यालय शिमला से अभी तक स्वीकृति नहीं मिली है। प्रदेश के वित्त सचिव देवेश कुमार से इस संबंध में बात करने की कोशिश की गई, लेकिन वे उपलब्ध नहीं हो सके।