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Una News: ओबीसी महिला आरक्षण के नियमों के उल्लंघन का लगाया आरोप
Sat, 20 Jun 2026 06:14 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Updated Sat, 20 Jun 2026 06:14 AM IST
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अंब(ऊना)। ग्राम पंचायत सेरी के प्रधान पद के चुनाव में पराजित रहीं प्रत्याशी अंजना कुमारी ने इस सीट पर ओबीसी महिला आरक्षण के नियमों के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए उपायुक्त ऊना को एक शिकायत पत्र भेजा है। शिकायत में मई 2026 में हुए पंचायत चुनाव की पात्रता को लेकर निष्पक्ष जांच की मांग की गई है।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि चुनी गई प्रधान ने कथित तौर पर गलत तरीके से अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) आरक्षण का लाभ उठाया है। उनका कहना है कि यह सीट ओबीसी महिला के लिए आरक्षित थी जबकि रंजू बाला मूल रूप से विवाह से पहले पंजाब की रहने वाली थीं। अंजना कुमारी के अनुसार, चुनाव के समय उन्हें इस बात की जानकारी नहीं थी, इसलिए वह समय रहते कोई आपत्ति दर्ज नहीं करा पाईं। अब उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि रंजू बाला के ओबीसी प्रमाण पत्र की जांच की जाए कि इसे किस आधार पर जारी किया गया था, जांच की जाए। वहीं शुक्रवार को एक प्रतिनिधिमंडल ने भी एसडीएम अंब पारस अग्रवाल से मुलाकात की और उन्हें ज्ञापन सौंपकर मामले की पूरी पड़ताल करने का आग्रह किया।
मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए एसडीएम अंब पारस अग्रवाल ने स्पष्ट किया कि यदि किसी भी पक्ष को चुनाव प्रक्रिया या किसी प्रत्याशी की पात्रता को लेकर कोई शिकायत है, तो वे स्थापित नियमों के तहत सक्षम प्राधिकारी के पास चुनाव याचिका (इलेक्शन पिटीशन) दायर कर सकते हैं।
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दूसरी ओर, नवनिर्वाचित प्रधान रंजू बाला ने इन आरोपों को निराधार बताया है। उनका कहना है कि उन्होंने नामांकन के दौरान प्रशासन द्वारा सत्यापित सभी वैध दस्तावेज सहायक निर्वाचन अधिकारी (एआरओ) के सामने पेश किए थे। उन्होंने यह स्वीकार किया कि उनका मायका पंजाब में है लेकिन विवाह के बाद से वह सेरी पंचायत की ही स्थायी निवासी हैं और उन्होंने पूरी तरह कानूनी प्रक्रिया के तहत ही चुनाव लड़ा है।
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शिकायतकर्ता का आरोप है कि चुनी गई प्रधान ने कथित तौर पर गलत तरीके से अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) आरक्षण का लाभ उठाया है। उनका कहना है कि यह सीट ओबीसी महिला के लिए आरक्षित थी जबकि रंजू बाला मूल रूप से विवाह से पहले पंजाब की रहने वाली थीं। अंजना कुमारी के अनुसार, चुनाव के समय उन्हें इस बात की जानकारी नहीं थी, इसलिए वह समय रहते कोई आपत्ति दर्ज नहीं करा पाईं। अब उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि रंजू बाला के ओबीसी प्रमाण पत्र की जांच की जाए कि इसे किस आधार पर जारी किया गया था, जांच की जाए। वहीं शुक्रवार को एक प्रतिनिधिमंडल ने भी एसडीएम अंब पारस अग्रवाल से मुलाकात की और उन्हें ज्ञापन सौंपकर मामले की पूरी पड़ताल करने का आग्रह किया।
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मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए एसडीएम अंब पारस अग्रवाल ने स्पष्ट किया कि यदि किसी भी पक्ष को चुनाव प्रक्रिया या किसी प्रत्याशी की पात्रता को लेकर कोई शिकायत है, तो वे स्थापित नियमों के तहत सक्षम प्राधिकारी के पास चुनाव याचिका (इलेक्शन पिटीशन) दायर कर सकते हैं।
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दूसरी ओर, नवनिर्वाचित प्रधान रंजू बाला ने इन आरोपों को निराधार बताया है। उनका कहना है कि उन्होंने नामांकन के दौरान प्रशासन द्वारा सत्यापित सभी वैध दस्तावेज सहायक निर्वाचन अधिकारी (एआरओ) के सामने पेश किए थे। उन्होंने यह स्वीकार किया कि उनका मायका पंजाब में है लेकिन विवाह के बाद से वह सेरी पंचायत की ही स्थायी निवासी हैं और उन्होंने पूरी तरह कानूनी प्रक्रिया के तहत ही चुनाव लड़ा है।