{"_id":"62cb1c1950b7290e535a29b1","slug":"agriculture-una-news-sml414823876","type":"story","status":"publish","title_hn":"जिले में इस साल भी मक्की की फसल पर मंडरा रहा खतरा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जिले में इस साल भी मक्की की फसल पर मंडरा रहा खतरा
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ऊना। मक्की की फसल पर इस साल फिर से खतरा मंडराने लगा है। इस बार फसल के मुताबिक हुई बारिश लाभदायक है। हालांकि, राहत की फुहारों के बीच फॉल आर्मी वर्म कीट ने फसल पर हमला बोल दिया है। इस वजह से किसानों की चिंता बढ़ गई है।
जानकारी के अनुसार क्षेत्र में 1,500 हेक्टेयर से अधिक भूमि पर मक्की की फसल लगाई जाती है। कई सिंचित स्थानों पर पहले तो गैर सिंचित क्षेत्र में मानसून आने पर बुआई की जाती है। ऐसे में इस समय जिले भर में मक्की की बिजाई खत्म हो चुकी है और पौधा बड़ा हो रहा है। इस बीच कुछ दिन पहले से फसल को फॉल आर्मी वर्म कीट ने चपेट में लेना शुरू कर दिया है। बताया जा रहा है कि यह कीट फसल भक्षी है। यह तेजी से फसल को नुकसान पहुंचाता है। अगर समय रहते फॉल आर्मी वर्म कीट की पहचान कर इस पर नियंत्रण नहीं किया गया, तो आने वाले समय में मक्की और अन्य फसलों में भारी तबाही हो सकती है।
बता दें कि पिछले साल मक्की की फसल में किसानों को भारी नुकसान हुआ था। कीड़े की चपेट में आने से फसल को दाना ही नहीं पड़ा। लगभग 60 प्रतिशत से अधिक फसल बर्बाद हो गई थी। इस कारण इस बार कई किसानों ने मक्की लगाई ही नहीं। हालांकि इस बार मौसम ने तो किसानों का साथ दिया लेकिन अब कीड़े का खतरा फिर से मंडराने लगा है।
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किसानों से स्प्रे करने की अपील
- कृषि विभाग ने किसानों से फसल पर कौराजेन कीटनाशक का स्प्रे करने की अपील की है। कृषि विभाग के उपनिदेशक डॉ. कुलभूषण धीमान ने विभाग के पास कौराजेन कीटनाशक सभी विकास खंडों में उपलब्ध करवाई जा रही है। कौराजेन का पहला स्प्रे बुआई के दस दिन बाद मक्की के पत्तों के भंवर में करें। किसी भी सहायता के लिए किसान कृषि विभाग से संपर्क कर सकते हैं।
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जानकारी के अनुसार क्षेत्र में 1,500 हेक्टेयर से अधिक भूमि पर मक्की की फसल लगाई जाती है। कई सिंचित स्थानों पर पहले तो गैर सिंचित क्षेत्र में मानसून आने पर बुआई की जाती है। ऐसे में इस समय जिले भर में मक्की की बिजाई खत्म हो चुकी है और पौधा बड़ा हो रहा है। इस बीच कुछ दिन पहले से फसल को फॉल आर्मी वर्म कीट ने चपेट में लेना शुरू कर दिया है। बताया जा रहा है कि यह कीट फसल भक्षी है। यह तेजी से फसल को नुकसान पहुंचाता है। अगर समय रहते फॉल आर्मी वर्म कीट की पहचान कर इस पर नियंत्रण नहीं किया गया, तो आने वाले समय में मक्की और अन्य फसलों में भारी तबाही हो सकती है।
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बता दें कि पिछले साल मक्की की फसल में किसानों को भारी नुकसान हुआ था। कीड़े की चपेट में आने से फसल को दाना ही नहीं पड़ा। लगभग 60 प्रतिशत से अधिक फसल बर्बाद हो गई थी। इस कारण इस बार कई किसानों ने मक्की लगाई ही नहीं। हालांकि इस बार मौसम ने तो किसानों का साथ दिया लेकिन अब कीड़े का खतरा फिर से मंडराने लगा है।
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किसानों से स्प्रे करने की अपील
- कृषि विभाग ने किसानों से फसल पर कौराजेन कीटनाशक का स्प्रे करने की अपील की है। कृषि विभाग के उपनिदेशक डॉ. कुलभूषण धीमान ने विभाग के पास कौराजेन कीटनाशक सभी विकास खंडों में उपलब्ध करवाई जा रही है। कौराजेन का पहला स्प्रे बुआई के दस दिन बाद मक्की के पत्तों के भंवर में करें। किसी भी सहायता के लिए किसान कृषि विभाग से संपर्क कर सकते हैं।