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Una News: चिंतपूर्णी में आस्था का सैलाब, 15 हजार श्रद्धालुओं ने किए दर्शन
Mon, 20 Apr 2026 12:26 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Updated Mon, 20 Apr 2026 12:26 AM IST
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घालूवाल पुल का शिलान्यास करते उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री। स्रोत डीपीआरओ
भरवाईं (ऊना)। शक्तिपीठ माता श्री चिंतपूर्णी मंदिर में रविवार को श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। सुबह मंदिर के कपाट खुलते ही भक्तों की लंबी कतारें लगनी शुरू हो गईं, जो दिन चढ़ने के साथ लगातार बढ़ती गईं। मंदिर प्रशासन के अनुसार करीब 15 हजार श्रद्धालुओं ने माता रानी के दरबार में माथा टेककर आशीर्वाद प्राप्त किया।
दोपहर बाद भीड़ इतनी अधिक हो गई कि दर्शन के लिए लगी कतारें पुराने बस अड्डे से भी आगे तक पहुंच गईं। जानकारी के मुताबिक सुबह 5 बजे से ही श्रद्धालुओं का आना शुरू हो गया था और देर शाम तक यह सिलसिला जारी रहा। दोपहर के समय सबसे अधिक भीड़ रही, जो करीब 3 बजे के बाद कुछ कम होने लगी। हालांकि देर शाम तक मंदिर परिसर और आसपास के बाजार में रौनक बनी रही।
रविवार को सबसे ज्यादा श्रद्धालु पंजाब से पहुंचे, जबकि दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश से भी बड़ी संख्या में भक्तों ने हाजिरी भरी। मंदिर प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए थे। मंदिर अधिकारी संजीव प्रभाकर के निर्देशों पर सुरक्षा कर्मियों ने लाइन व्यवस्था को सुचारु बनाए रखा।
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होमगार्ड इंचार्ज सरदार पूर्ण सिंह अपनी टीम के साथ पुराने बस स्टैंड के पास व्यवस्था संभालते नजर आए, वहीं मंदिर परिसर में तैनात पूर्व सैनिकों ने भी भीड़ नियंत्रण में अहम भूमिका निभाई। बेहतर प्रबंधन के चलते श्रद्धालुओं को सुगम और व्यवस्थित तरीके से दर्शन करने का अवसर मिला। पूरा दिन मंदिर परिसर जय माता दी के जयकारों से गूंजता रहा।
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दोपहर बाद भीड़ इतनी अधिक हो गई कि दर्शन के लिए लगी कतारें पुराने बस अड्डे से भी आगे तक पहुंच गईं। जानकारी के मुताबिक सुबह 5 बजे से ही श्रद्धालुओं का आना शुरू हो गया था और देर शाम तक यह सिलसिला जारी रहा। दोपहर के समय सबसे अधिक भीड़ रही, जो करीब 3 बजे के बाद कुछ कम होने लगी। हालांकि देर शाम तक मंदिर परिसर और आसपास के बाजार में रौनक बनी रही।
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रविवार को सबसे ज्यादा श्रद्धालु पंजाब से पहुंचे, जबकि दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश से भी बड़ी संख्या में भक्तों ने हाजिरी भरी। मंदिर प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए थे। मंदिर अधिकारी संजीव प्रभाकर के निर्देशों पर सुरक्षा कर्मियों ने लाइन व्यवस्था को सुचारु बनाए रखा।
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होमगार्ड इंचार्ज सरदार पूर्ण सिंह अपनी टीम के साथ पुराने बस स्टैंड के पास व्यवस्था संभालते नजर आए, वहीं मंदिर परिसर में तैनात पूर्व सैनिकों ने भी भीड़ नियंत्रण में अहम भूमिका निभाई। बेहतर प्रबंधन के चलते श्रद्धालुओं को सुगम और व्यवस्थित तरीके से दर्शन करने का अवसर मिला। पूरा दिन मंदिर परिसर जय माता दी के जयकारों से गूंजता रहा।