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Una News: मां का पहला दूध नवजात के लिए अमृत समान
Thu, 06 Aug 2026 06:13 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Updated Thu, 06 Aug 2026 06:13 PM IST
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दौलतपुर चौक (ऊना)। विश्व स्तनपान सप्ताह के तहत गगरेट विधानसभा क्षेत्र के आंगनबाड़ी केंद्र पिरथीपुर-डंगोह रोड में बुधवार को जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम इस वर्ष की थीम जीवन की स्थायी शुरुआत के लिए स्तनपान : जो कारगर है उसे मजबूत करें, पर आधारित रहा। इसमें गर्भवती एवं धात्री महिलाओं को स्तनपान के महत्व, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य तथा कार्यस्थलों पर स्तनपान के अनुकूल वातावरण विकसित करने की आवश्यकता के बारे में जानकारी दी गई।
कार्यक्रम का आयोजन सुपरवाइजर तृप्ता मिन्हास के मार्गदर्शन में किया गया। उन्होंने कहा कि मां का दूध नवजात शिशु के लिए सबसे सुरक्षित, प्राकृतिक और संपूर्ण आहार है। मां का पहला दूध नवजात के लिए अमृत समान है। जन्म के तुरंत बाद, आदर्श रूप से पहले एक घंटे के भीतर, शिशु को मां का पहला गाढ़ा पीला दूध (कोलोस्ट्रम) अवश्य पिलाना चाहिए, क्योंकि यही उसकी रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाने की पहली सीढ़ी है। उन्होंने बताया कि जन्म से छह माह तक शिशु को केवल मां का दूध ही दिया जाना चाहिए। इसके बाद पौष्टिक पूरक आहार शुरू करने के साथ दो वर्ष या उससे अधिक समय तक स्तनपान जारी रखना चाहिए।
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कार्यक्रम का आयोजन सुपरवाइजर तृप्ता मिन्हास के मार्गदर्शन में किया गया। उन्होंने कहा कि मां का दूध नवजात शिशु के लिए सबसे सुरक्षित, प्राकृतिक और संपूर्ण आहार है। मां का पहला दूध नवजात के लिए अमृत समान है। जन्म के तुरंत बाद, आदर्श रूप से पहले एक घंटे के भीतर, शिशु को मां का पहला गाढ़ा पीला दूध (कोलोस्ट्रम) अवश्य पिलाना चाहिए, क्योंकि यही उसकी रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाने की पहली सीढ़ी है। उन्होंने बताया कि जन्म से छह माह तक शिशु को केवल मां का दूध ही दिया जाना चाहिए। इसके बाद पौष्टिक पूरक आहार शुरू करने के साथ दो वर्ष या उससे अधिक समय तक स्तनपान जारी रखना चाहिए।
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