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खुलासा : लाश के पास मिली थी लोडेड बंदूक
Una
Updated Sun, 29 Dec 2013 05:46 AM IST
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बंगाणा (ऊना)। कुखेड़ा गांव में प्रीतम की गोली लगने से मौत के मामले में नया खुलासा हुआ है। पुलिस ने मौका ए वारदात से मिली बंदूक को बरामद कर कब्जे में ले लिया है। लाश बरामद होने के बाद प्रीतम के परिजनों ने पुलिस को बताया था कि प्रीतम जंगल में लकड़ी लाने गया था। अब खुलासा हुआ कि लाश के पास से एक मजल लोडिड गन भी मिली थी। वह गन मौका ए वारदात पर मृतक के भाई ने देखी थी। माना जा रहा है कि प्रीतम जंगल में शिकार खेलने के लिए गया था।
एडिशनल एएसपी वीरेंद्र ठाकुर ने बताया कि प्रीतम के भाई देवराज ने पूछताछ में खुलासा किया कि शव के पास एक मजल लोडिड गन भी मिली थी। गन बरामद होने के बाद आेंकार नामक शख्स ने कहा कि यह गन उनकी है। देवराज ने वह गन ओंकार को सौंप दी। ओंकार ने देवराज को गन लेते समय कहा था कि प्रीतम उनके घर से गन मांगकर ले गया था। प्रीतम गन के असली मालिक ओंकार के घर में काम आदि करता था। हालांकि जब पुलिस की टीम मौका ए वारदात पर पहुंची थी तो पुलिस को वहां कोई गन नहीं मिली थी। पुलिस ने जब बारीकी से मामले की छानबीन की तो अब खुलासा हुआ है कि मृतक प्रीतम के भाई को लाश के पास गन मिली थी। मृतक के भाई ने वह गन उसके असली मालिक ओंकार को दी। पुलिस इस मामले में तेजी से आगे बढ़ते हुए सही तथ्यों का पता लगा रही है। एएसपी ने कहा कि देवराज और आेंकार से पूछताछ में यह भी पता चला है कि गन लोडिड थी। इससे कोई फायर नहीं हुआ है। एएसपी ने कहा कि इस बात का भी पता लगाया जा रहा है कि जब प्रीतम गन लेकर निकला था तो उसके साथ और कौन कौन लोग थे। एएसपी ने कहा कि यह भी हो सकता है कि जंगली जानवरों का शिकार करने के लिए प्रीतम के साथ कुछ और लोग गए हों। उनमें से किसी एक की गोली का प्रीतम शिकार हुआ हो। एएसपी ने कहा कि प्रीतम को पीठ पर जो गोली लगी है, जो करीब 15 या 20 फुट की दूरी से दागी गई है। यह गोली किसने दागी, इसका पता लगाया जा रहा है।
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एडिशनल एएसपी वीरेंद्र ठाकुर ने बताया कि प्रीतम के भाई देवराज ने पूछताछ में खुलासा किया कि शव के पास एक मजल लोडिड गन भी मिली थी। गन बरामद होने के बाद आेंकार नामक शख्स ने कहा कि यह गन उनकी है। देवराज ने वह गन ओंकार को सौंप दी। ओंकार ने देवराज को गन लेते समय कहा था कि प्रीतम उनके घर से गन मांगकर ले गया था। प्रीतम गन के असली मालिक ओंकार के घर में काम आदि करता था। हालांकि जब पुलिस की टीम मौका ए वारदात पर पहुंची थी तो पुलिस को वहां कोई गन नहीं मिली थी। पुलिस ने जब बारीकी से मामले की छानबीन की तो अब खुलासा हुआ है कि मृतक प्रीतम के भाई को लाश के पास गन मिली थी। मृतक के भाई ने वह गन उसके असली मालिक ओंकार को दी। पुलिस इस मामले में तेजी से आगे बढ़ते हुए सही तथ्यों का पता लगा रही है। एएसपी ने कहा कि देवराज और आेंकार से पूछताछ में यह भी पता चला है कि गन लोडिड थी। इससे कोई फायर नहीं हुआ है। एएसपी ने कहा कि इस बात का भी पता लगाया जा रहा है कि जब प्रीतम गन लेकर निकला था तो उसके साथ और कौन कौन लोग थे। एएसपी ने कहा कि यह भी हो सकता है कि जंगली जानवरों का शिकार करने के लिए प्रीतम के साथ कुछ और लोग गए हों। उनमें से किसी एक की गोली का प्रीतम शिकार हुआ हो। एएसपी ने कहा कि प्रीतम को पीठ पर जो गोली लगी है, जो करीब 15 या 20 फुट की दूरी से दागी गई है। यह गोली किसने दागी, इसका पता लगाया जा रहा है।
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