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हाउस टैक्स पर उद्यमियों ने मारी कुंडली

Sun, 22 Dec 2013 05:46 AM IST
Una
Una Updated Sun, 22 Dec 2013 05:46 AM IST
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मैहतपुर (ऊना)। स्थानीय औद्योगिक क्षेत्र के ज्यादातर उद्योगपतियों की तरफ डेढ़ करोड़ से ज्यादा की देनदारी हाउस टैक्स के रूप में खड़ी है। पिछले लंबे अरसे से इन उद्योगपतियों ने नगर पंचायत को हाउस टैक्स नहीं चुकाया है, जो साल दर साल बढ़ता गया और मौजूदा समय में यह रकम बढ़कर डेढ़ करोड़ के पार पहुंच चुकी है। नगर पंचायत सचिव वर्षा चौधरी ने इस बात की पुष्टि की है।
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नगर पंचायतों, परिषदों में हाउस टैक्स की बकाएदारी को लेकर प्रदेश सरकार के कड़े रुख के बाद स्थानीय नगर पंचायत ने कड़े कदम उठाने के संकेत दिए हैं। स्थानीय नगर पंचायत द्वारा हाउस टैक्स की वसूली न कर पाना कहीं न कहीं उनकी कारगुजारी पर सवालिया निशान लगाता है। हालांकि हर साल नगर पंचायत वार्ड नंबर एक के तहत आते उद्यमियों को हाउस टैक्स जमा करवाने को लेकर नोटिस थमाती आ रही है, लेकिन नगर पंचायत के उन तमाम नोटिसों को ठेंगा दिखाते हुए उद्यमी टैक्स अदा न करने के अपने स्टैंड पर कायम है। साल 1997 में नपं, नगर पालिकाओं में शहरी विकास विभाग ने प्रदेश में निकायों को आत्मनिर्भर बनाने के मकसद से हाउस टैक्स की वसूली शुरू की थी। मैहतपुर नगर पंचायत में यह प्रक्रिया हालांकि 1999-2000 में शुरू की गई थी। वर्षा चौधरी की मानें तो चुनाव लड़ते वक्त अथवा अन्य मामलों में नपं से एनओसी लेते वक्त इक्का दुक्का उद्यमियों को छोड़कर ज्यादातर उद्यमियों ने आज तक अपना हाउस टैक्स जमा नहीं करवाया है।
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डिफाल्टरों की फेहरिस्त में मैहतपुर नपं
तपोवन में विधानसभा सत्र के दौरान शहरी विकास मंत्री सुधीर शर्मा ने साफ संकेत दिए हैं कि जो नपं हाउस टैक्स की वसूली करने में नाकाम होगी, उन्हें भंग किया जा सकता है। ऐसे में मैहतपुर नगर पंचायत के समक्ष डेढ़ करोड़ से ज्यादा की वसूली करके डिफाल्टरों की फेहरिस्त से अपना नाम हटाने की चुनौती होगी।
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क्या कहते हैं उद्योगपति
उद्योग संघ के अध्यक्ष बलतेज इंद्र सिंह, पूर्व अध्यक्ष पीसी शर्मा, उद्यमी विजय लॉ, दिलबाग सिंह, रामपाल शर्मा, रंजीत ऐरी, सुरेन्द्र उप्पल, शम्मी जैन समेत कई अन्य उद्यमियों की मानें तो आईएडीए को वह टैक्स अदा कर रहे हैं, ऐसे में नपं को हाउस टैक्स क्यों अदा करें?


क्या कहती नगर पंचायत
नगर पंचायत का अतिरिक्त कार्यभार देख रहीं सचिव वर्षा चौधरी ने इस दफा होनी वाली बैठक में कोई ठोस कदम उठाने के संकेत देते हुए कहा कि सरकार इस मामले में कड़ा रुख अपना चुकी हैं। ऐसे में हाउस टैक्स की वसूली के लिए कठोर निर्णय लेने होंगे।
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