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Una News: सितंबर और अक्तूबर में 98 बच्चे पाए गए अति कुपोषित
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महिला एवं बाल विकास विभाग के सर्वेक्षण में हुआ खुलासा
283 बच्चे जिले भर में पाए गए कुपोषित
आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से विभाग रख रहा निगरानी
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। महिला एवं बाल विकास विभाग की तरफ से करवाए गए स्वास्थ्य सर्वेक्षण में सितंबर और अक्तूबर में 98 बच्चे अति कुपोषित पाए गए हैं। इसके अलावा 283 बच्चे कुपोषित पाए गए हैं। जिले में संचालित हो रहे आंगनबाड़ी केंद्रों में यह सर्वेक्षण करवाया गया है। विभाग ने अति कुपोषित व कुपोषित पाए गए बच्चों को डबल डाइट व स्वास्थ्य विभाग के साथ मिलकर उपचार देने की प्रक्रिया शुरू कर दी है ताकि इन बच्चों को कुपोषित बच्चों की श्रेणी से बाहर लाया जा सके।
सिंतबर में जिले में 55 बच्चे अति कुपोषित व 145 बच्चे कुपोषित पाए गए। इसके अलावा अक्तूबर माह में 43 बच्चे अति कुपोषित व 138 बच्चे कुपोषित पाए गए। अति कुपोषित बच्चों की जिला बाल विकास विभाग विशेष निगरानी कर रहा है। आंगनबाड़ी केंद्रों से इन बच्चों के स्वास्थ्य पर निगरानी रखी जा रही है। इसके अलावा बच्चों के अभिभावकों को भी सही खानपान पर विशेष ध्यान देने के लिए जागरूक किया जा रहा है। जिले में कुल 1364 आंगनबाड़ियों में 38 हजार के करीब बच्चे पंजीकृत हैं।
विभाग दे रहा दोगुनी खुराक
विभाग कुपोषित बच्चों को दोगुनी खुराक दे रहा है। दाल, दूध पाउडर, दलिया, न्यूट्री स्पलीमेंट, बिस्किट आदि की खुराक दी जाती है। इस दौरान नौनिहालों के लिए चिकित्सकों के परामर्श के हिसाब से ही उपचार दिया जा रहा है।
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जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास ऊना नरेंद्र कुमार का कहना है कि करवाए गए सर्वेक्षण में अति कुपोषित और कुपोषित श्रेणी में पाए गए बच्चों के स्वास्थ्य की निगरानी की जा रही है। नियमानुसार इन नौनिहालों को डबल डाइट व स्वास्थ्य संबंधी उपचार भी दिया जा रहा है।
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283 बच्चे जिले भर में पाए गए कुपोषित
आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से विभाग रख रहा निगरानी
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। महिला एवं बाल विकास विभाग की तरफ से करवाए गए स्वास्थ्य सर्वेक्षण में सितंबर और अक्तूबर में 98 बच्चे अति कुपोषित पाए गए हैं। इसके अलावा 283 बच्चे कुपोषित पाए गए हैं। जिले में संचालित हो रहे आंगनबाड़ी केंद्रों में यह सर्वेक्षण करवाया गया है। विभाग ने अति कुपोषित व कुपोषित पाए गए बच्चों को डबल डाइट व स्वास्थ्य विभाग के साथ मिलकर उपचार देने की प्रक्रिया शुरू कर दी है ताकि इन बच्चों को कुपोषित बच्चों की श्रेणी से बाहर लाया जा सके।
सिंतबर में जिले में 55 बच्चे अति कुपोषित व 145 बच्चे कुपोषित पाए गए। इसके अलावा अक्तूबर माह में 43 बच्चे अति कुपोषित व 138 बच्चे कुपोषित पाए गए। अति कुपोषित बच्चों की जिला बाल विकास विभाग विशेष निगरानी कर रहा है। आंगनबाड़ी केंद्रों से इन बच्चों के स्वास्थ्य पर निगरानी रखी जा रही है। इसके अलावा बच्चों के अभिभावकों को भी सही खानपान पर विशेष ध्यान देने के लिए जागरूक किया जा रहा है। जिले में कुल 1364 आंगनबाड़ियों में 38 हजार के करीब बच्चे पंजीकृत हैं।
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विभाग दे रहा दोगुनी खुराक
विभाग कुपोषित बच्चों को दोगुनी खुराक दे रहा है। दाल, दूध पाउडर, दलिया, न्यूट्री स्पलीमेंट, बिस्किट आदि की खुराक दी जाती है। इस दौरान नौनिहालों के लिए चिकित्सकों के परामर्श के हिसाब से ही उपचार दिया जा रहा है।
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जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास ऊना नरेंद्र कुमार का कहना है कि करवाए गए सर्वेक्षण में अति कुपोषित और कुपोषित श्रेणी में पाए गए बच्चों के स्वास्थ्य की निगरानी की जा रही है। नियमानुसार इन नौनिहालों को डबल डाइट व स्वास्थ्य संबंधी उपचार भी दिया जा रहा है।