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तेंदुए के आतंक से ग्रामीणों में दहशत
Updated Mon, 10 Dec 2018 10:35 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
ऊना। जिला मुख्यालय के निकटवर्ती गांव डंगोली में तेंदुए के आतंक से लोगों में दहशत है। तेंदुए ने डंगोली में पशुपालक जगदेव चंद की तीन बकरियों को शिकार करते उन्हें मौत के घाट उतार दिया। घटना में पशुपालक को करीब 30 हजार रुपये का नुकसान होने का अनुमान है। रिहायशी क्षेत्र में तेंदुए की दस्तक से ग्रामीणों में भय का माहौल बना हुआ है। ग्रामीणों ने वन विभाग से मामले की जांच कर तेंदुए के लिए पिंजरा लगाकर उसे काबू करने की मांग की है।
जगदेव चंद रोजाना की तरह घर के ही पास बकरियों को चरा रहा था। इसी दौरान करीब तीन बकरियां लापता हो गईं। जगदेव चंद और उसके परिजनों ने उन्हें हर संभव स्थान पर खोजा, लेकिन बकरियों का कोई अता-पता नहीं चल सका। अगले दिन परिजन बकरियों को खोजते-खोजते जंगल की तरफ गए। जहां उन्हें झाड़ियों में तीनों बकरियों के क्षति विक्षत शव मिले। बकरियों को जंगली जानवर ने इस तरह से नोचा था कि उनकी गर्दनों और टांगें ही उन्हें मिल पाई हैं। ग्राम पंचायत डंगोली के प्रधान हेमराज और उपप्रधान रामपाल शर्मा ने बताया कि जगदेव चंद को बकरियों की मौत से काफी नुकसान हुआ है। इन बकरियों में हाल में पशुपालन विभाग द्वारा आवंटित बकरियां भी शामिल थीं। उन्होंने प्रशासन से पीड़ित पशुपालक परिवार को मुआवजा देने की मांग की है। उन्होंने कहा कि जंगली जानवर से जहां पशुपालकों को चिंता होने लगी है, वहीं ग्रामीणों में भी दहशत है।
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ऊना। जिला मुख्यालय के निकटवर्ती गांव डंगोली में तेंदुए के आतंक से लोगों में दहशत है। तेंदुए ने डंगोली में पशुपालक जगदेव चंद की तीन बकरियों को शिकार करते उन्हें मौत के घाट उतार दिया। घटना में पशुपालक को करीब 30 हजार रुपये का नुकसान होने का अनुमान है। रिहायशी क्षेत्र में तेंदुए की दस्तक से ग्रामीणों में भय का माहौल बना हुआ है। ग्रामीणों ने वन विभाग से मामले की जांच कर तेंदुए के लिए पिंजरा लगाकर उसे काबू करने की मांग की है।
जगदेव चंद रोजाना की तरह घर के ही पास बकरियों को चरा रहा था। इसी दौरान करीब तीन बकरियां लापता हो गईं। जगदेव चंद और उसके परिजनों ने उन्हें हर संभव स्थान पर खोजा, लेकिन बकरियों का कोई अता-पता नहीं चल सका। अगले दिन परिजन बकरियों को खोजते-खोजते जंगल की तरफ गए। जहां उन्हें झाड़ियों में तीनों बकरियों के क्षति विक्षत शव मिले। बकरियों को जंगली जानवर ने इस तरह से नोचा था कि उनकी गर्दनों और टांगें ही उन्हें मिल पाई हैं। ग्राम पंचायत डंगोली के प्रधान हेमराज और उपप्रधान रामपाल शर्मा ने बताया कि जगदेव चंद को बकरियों की मौत से काफी नुकसान हुआ है। इन बकरियों में हाल में पशुपालन विभाग द्वारा आवंटित बकरियां भी शामिल थीं। उन्होंने प्रशासन से पीड़ित पशुपालक परिवार को मुआवजा देने की मांग की है। उन्होंने कहा कि जंगली जानवर से जहां पशुपालकों को चिंता होने लगी है, वहीं ग्रामीणों में भी दहशत है।
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