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गगरेट में ट्रक ऑपरेटरों ने किया विरोध प्रदर्शन
Updated Fri, 27 Jul 2018 11:51 PM IST
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गगरेट/ऊना। ट्रक ऑपरेटरों की हड़ताल का असर अब सभी व्यापारियों पर दिखना शुरू हो गया है। गगरेट की ट्रक यूनियन गगरेट के पदाधिकारियों व सदस्यों ने यूनियन के चेयरमैन सतीश गोगी के नेतृत्व में गगरेट-मुबारिकपुर मार्ग पर सांकेतिक चक्का जाम कर विरोध प्रदर्शन किया।
उन्होंने सभी पब्लिक कैरियर वाहनों को माल ढुलाई न करने की बात कही। इस हड़ताल का अब व्यापार पर दुष्प्रभाव पड़ना शुरू हो गया है। आलम यह है कि यदि कोई सामान भेजना हो तो यूनियन के सदस्य माल वाहक वाहन नहीं जाने दे रहे। माल वाहक ऑपरेटरों को सहयोग करने की अपील करते हुए सामान की ढुलाई न करने की बात कह रहे हैं। सतीश गोगी ने कहा कि आज पेट्रोल-डीजल के दाम आसमान छू रहे हैं, लेकिन माल-भाड़े में कोई वृद्धि नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि कर्ज लेकर गाड़ियां डालने वाले ट्रक ऑपरेटर किसी तरह अपने परिवार का पालन-पोषण कर रहे हैं। सारी कमाई टेक्स भरने, इंश्योरेंस करवाने व टायर आदि मूलभूत सुविधाएं पूरी करने में चली जाती है। इसके अलावा ऊना, मैहतपुर, संतोषगढ़ व टाहलीवाल में भी ट्रक ऑपरेटर की हड़ताल का असर देखने का मिला। इस मौके पर गगरेट ट्रक यूनियन के सभी पदाधिकारियों सहित सदस्य उपस्थित रहे।
ट्रक ऑपरेटरों का कहना है कि यदि डीजल के दामों में कमी नहीं आई तो गाड़ियां चलाना मुश्किल हो जाएगा, बल्कि लाखों परिवारों के भविष्य पर भी सवालिया निशान खड़ा हो जाएगा। उन्होंने सरकार से मांग करते हुए कहा कि पेट्रोल-डीजल के दामों को भी अन्य आवश्यक वस्तुओं की तरह जीएसटी के दायरे में लाया जाए। इससे आप नागरिकों को भी सस्ते दामों का लाभ मिल सके।
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क्षेत्र के व्यापारियों बिपुल, विकास, संजीव, रविंद्र, अरविंद, कपिल, बिट्टू आदि का कहना है कि ट्रक ऑपरेटरों की देशव्यापी हड़ताल से व्यापारी मंदी के दौर से गुजर रहा है। हालात ऐसे हो गए हैं कि व्यापार अब ठप होने के कगार पर आ गया है। व्यापारियों का कहना है कि ट्रक ऑपरेटरों की देशव्यापी हड़ताल के चलते न तो माल आ रहा है और न ही वे दुकानों पर बिक्री कर पा रहे हैं।
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उन्होंने सभी पब्लिक कैरियर वाहनों को माल ढुलाई न करने की बात कही। इस हड़ताल का अब व्यापार पर दुष्प्रभाव पड़ना शुरू हो गया है। आलम यह है कि यदि कोई सामान भेजना हो तो यूनियन के सदस्य माल वाहक वाहन नहीं जाने दे रहे। माल वाहक ऑपरेटरों को सहयोग करने की अपील करते हुए सामान की ढुलाई न करने की बात कह रहे हैं। सतीश गोगी ने कहा कि आज पेट्रोल-डीजल के दाम आसमान छू रहे हैं, लेकिन माल-भाड़े में कोई वृद्धि नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि कर्ज लेकर गाड़ियां डालने वाले ट्रक ऑपरेटर किसी तरह अपने परिवार का पालन-पोषण कर रहे हैं। सारी कमाई टेक्स भरने, इंश्योरेंस करवाने व टायर आदि मूलभूत सुविधाएं पूरी करने में चली जाती है। इसके अलावा ऊना, मैहतपुर, संतोषगढ़ व टाहलीवाल में भी ट्रक ऑपरेटर की हड़ताल का असर देखने का मिला। इस मौके पर गगरेट ट्रक यूनियन के सभी पदाधिकारियों सहित सदस्य उपस्थित रहे।
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ट्रक ऑपरेटरों का कहना है कि यदि डीजल के दामों में कमी नहीं आई तो गाड़ियां चलाना मुश्किल हो जाएगा, बल्कि लाखों परिवारों के भविष्य पर भी सवालिया निशान खड़ा हो जाएगा। उन्होंने सरकार से मांग करते हुए कहा कि पेट्रोल-डीजल के दामों को भी अन्य आवश्यक वस्तुओं की तरह जीएसटी के दायरे में लाया जाए। इससे आप नागरिकों को भी सस्ते दामों का लाभ मिल सके।
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क्षेत्र के व्यापारियों बिपुल, विकास, संजीव, रविंद्र, अरविंद, कपिल, बिट्टू आदि का कहना है कि ट्रक ऑपरेटरों की देशव्यापी हड़ताल से व्यापारी मंदी के दौर से गुजर रहा है। हालात ऐसे हो गए हैं कि व्यापार अब ठप होने के कगार पर आ गया है। व्यापारियों का कहना है कि ट्रक ऑपरेटरों की देशव्यापी हड़ताल के चलते न तो माल आ रहा है और न ही वे दुकानों पर बिक्री कर पा रहे हैं।