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करोड़ों की सिंचाई परियोजना, पर खेत प्यासे
Updated Mon, 13 Nov 2017 07:51 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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अमर उजाला ब्यूरो
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मैहतपुर(ऊना)।
क्षेत्र के किसानों की सूखी जमीन को तर करने के मकसद से लगाई बभौर साहिब सिंचाई परियोजना खेतों की प्यास बुझाने में नाकाम साबित हो रही है। सिंचाई की पाइपलाइनें बभौर साहिब से लेकर अनेक जगहों पर पंचर हो रही हैं। इस वजह से किसानों के सूखे खेतों तक पानी ठीक से पहुंच नहीं पा रहा है। दूसरी ओर यह पंचर लाइन लोक निर्माण महकमे के लिए भी सिरदर्द बन चुकी हैं। बभौर साहिब सिंचाई परियोजना से लेकर मैहतपुर मुख्य बाजार और स्थानीय रेलवे रोड पर कई जगहों सिंचाई की लाइनें टूट चुकी हैं। इससे पानी के लीकेज की समस्या भी दूर नहीं हो पा रही है।
हैरत की बात कि यह सिंचाई विभाग ने आज दिन तक इस दिशा में संजीदगी से गौर नहीं किया है। खेतों तक सिंचाई का पानी न पहुंचने की वजह से आज भी कई एकड़ कृषि योग्य जमीन सूखी ही रह रही है। बरसात के सहारे फसल उगाने वाले अनेक किसानों की मानें तो बभौर साहिब सिंचाई परियोजना का पानी चंद पहुंच वालों लोगों के खेतों तक ही पहुंचता है। न पानी छोड़ने का को समय तय है और न बंद करने का। मिलीभगत से हो रही खेतों की सिंचाई के इस गोरखधंधे में गरीब किसान महकमे की कारगुजारी से बेहद नाराज हैं। लोगों का कहना है कि पंचर हो चुकी पाइप लाइनों की लीकेज से सिंचाई का काफी पानी तो बेकार में ही बह जाता है। लीकेज से किसानों को तो नुकसान हो ही रहा है, साथ ही लोकनिर्माण विभाग की सड़कें भी लीकेज से जल्दी टूट रही हैं।
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रायपुर सहोड़ां के पूर्व प्रधान रोशन लाल ने कहा कि बभौर साहिब सिंचाई परियोजना पर सरकार ने करोड़ों खर्च किए हैं लेकिन दर्जनों किसानों को इस परियोजना का सही मायने में लाभ नहीं मिल पा रहा है। अन्य किसानों निर्मल सिंह, अनंत राम, सुच्चा सिंह, हरिराम, दर्शन, रोशन, गुरबक्श सिंह, शिंगारा सिंह, प्रेमचंद ने कहा कि मैहतपुर उपमंडल के तहत आते कृषि योग्य रकबे में बहुत कम जमीन हैं। इसे ही बभौर साहिब सिंचाई परियोजना का सही फायदा मिल रहा है। पानी की वितरण व्यवस्था पर सवाल खड़े करते हुए क्षेत्र के किसानों ने कहा है कि विभाग के आला अफसरों को करोड़ों रुपयों की लागत से स्थापित इस सिंचाई परियोजना का लाभ छोटे से छोटे जमींदार तक पहुंचाने के लिए कोई ठोस नीति बनानी चाहिए। अब तक तो सिंचाई परियोजना का यह पानी चंद रसूखदार लोगों के खेतों को ही तर कर रहा है जबकि छोटे किसानों के खेत आज भी प्यासे ही हैं।
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क्या कहता है आईपीएच विभाग
आईपीएच उपमंडल मैहतपुर में सहायक अभियंता रमेश चंद ने कहा कि पंचर पाइपलाइनों का पता लगाकर उन्हें दुरुस्त करवाया जाएगा। सिंचाई के लिए पानी की पर्याप्त सप्लाई के लिए विभाग पूरी तरह से संजीदा है।