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कोहरे से कृषि कारोबार पर खतरा
Updated Thu, 11 Jan 2018 10:47 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
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लठियाणी (ऊना)।
एक तरफ किसान-बागवान लावारिस पशुओं और बंदरों के आतंक से परेशान हैं, दूसरी ओर घने कोहरे ने उनकी चिंताएं बढ़ा दी हैं। बंगाणा उपमंडल में घने कोहरे ने किसानों-बागबानों की चिंताएं बढ़ा दी हैं। पिछले 15 दिनों से पड़ रहे घने कोहरे से उपमंडल में गेंहू, आंवला, सरसों के अलावा कई अन्य फलदार पौधों को भारी नुकसान पहुंच रहा है।
किसानों को चिंता सताने लगी है कि यदि कोहरे का सिलसिला लगातार जारी रहा तो मेहनत से उगाई फसलें और फलदार पौधे बर्बाद हो जाएंगे। किसानों की उगाई प्याज की पनीरी, धनिया, लहसुन पर भी कोहरे का असर पड़ रहा है। उपमंडल बंगाणा की ग्राम पंचायत धुंधला, मलांगड़, तनोह, लठियाणी, बुधान, ढियुगली पंचायतों में घने कोहरे से किसानों-बागवानों के पौधे मुरझाने शुरू हो गए हैं।
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अधिकतर नाले इन्हीं पंचायतों से होकर गुजरते हैं। यही कारण है कि यहां के किसानों को कोहरे की मार अधिक झेलनी पड़ रही है। क्षेत्र के किसानों और बागबानों में रमेश चंद, ओम दत्त, गिरधारी लाल, विनोद कुमार, हंसराज, सीता राम, अशोक कुमार का कहना है कि कोहरे से गेहूं फसल पर बुरा प्रभाव पड़ रहा है। गेहूं के अलावा अन्य फसलें भी प्रभावित हो रही हैं।
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किसानों का कहना है कि यदि जल्द मौसम में बदलाव न हुआ तो उनकी कृषि को काफी नुकसान होने का अंदेशा है। बंगाणा बागवानी इंचार्ज जयंत चिम्मा का कहना है कि बारिश न होने से यह समस्या पैदा हुई है। ऐसे परिस्थिति में इन पौधों को बचाने के लिए विभाग भी किसानों को जागरूक कर रहा है।