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मुख्यमंत्री बाल उद्धार योजना पर मंथन
Updated Thu, 15 Jun 2017 10:48 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
ऊना। मुख्यमंत्री बाल उद्धार योजना के अंतर्गत गठित जिला आश्रम कल्याण समिति की बैठक का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी सुखदेव सिंह ने की। बैठक में एसडीएम ऊना, जिला कार्यक्रम अधिकारी, जिला बाल संरक्षण अधिकारी, बाल विकास परियोजना अधिकारी ऊना, बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष तथा अधीक्षक संप्रेषण गृह एवं विशेष गृह एवं सुरक्षा स्थान समूरकलां ने भाग लिया। अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी सुखदेव सिंह ने बताया कि बाल न्याय एवं संरक्षण व सुरक्षा अधिनियम-2015 के अंतर्गत मुख्य मंत्री बाल उद्धार योजना को प्रारंभ किया गया है। जिसके अंतर्गत जिन बच्चों को देखभाल, सुरक्षा एवं पुनर्वास की आवश्यकता है, उन्हें मुफ्त खाने, रहने व कपडे़ की व्यवस्था करने के साथ-साथ पहली से बारहवीं कक्षा तक स्वास्थ्य व शिक्षा की मुफ्त सुविधा उपलब्ध भी करवाना है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री बाल उद्धार योजना के तहत जिला आश्रम कल्याण समिति का गठन किया गया है। उन्होंनेे बताया कि इस समिति का मुख्य उद्देश्य जिला में सरकारी व गैर सरकारी बाल संस्थानों की देखरेख करने के लिए सार्वजनिक भागेदारी, दान प्राप्त करना, आश्रमों का रख-रखाव और पर्यवेक्षण सुनिश्चित करना है। इसके अलावा जरूरतमंद बच्चे के कल्याण के लिए प्रायोजन का भी प्रावधान है जिसके लिए कोई भी व्यक्ति या संगठन जिला आश्रम कल्याण समिति के माध्यम से आर्थिक सहायता दे सकता है। उन्होंने बताया कि बाल आश्रमों के प्रायोजन में समाज का कोई भी व्यक्ति बच्चों के कल्याण के लिए आर्थिक सहायता, शिक्षा, खान-पान व पिकनिक इत्यादि के तौर सहायता कर सकता है।
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ऊना। मुख्यमंत्री बाल उद्धार योजना के अंतर्गत गठित जिला आश्रम कल्याण समिति की बैठक का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी सुखदेव सिंह ने की। बैठक में एसडीएम ऊना, जिला कार्यक्रम अधिकारी, जिला बाल संरक्षण अधिकारी, बाल विकास परियोजना अधिकारी ऊना, बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष तथा अधीक्षक संप्रेषण गृह एवं विशेष गृह एवं सुरक्षा स्थान समूरकलां ने भाग लिया। अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी सुखदेव सिंह ने बताया कि बाल न्याय एवं संरक्षण व सुरक्षा अधिनियम-2015 के अंतर्गत मुख्य मंत्री बाल उद्धार योजना को प्रारंभ किया गया है। जिसके अंतर्गत जिन बच्चों को देखभाल, सुरक्षा एवं पुनर्वास की आवश्यकता है, उन्हें मुफ्त खाने, रहने व कपडे़ की व्यवस्था करने के साथ-साथ पहली से बारहवीं कक्षा तक स्वास्थ्य व शिक्षा की मुफ्त सुविधा उपलब्ध भी करवाना है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री बाल उद्धार योजना के तहत जिला आश्रम कल्याण समिति का गठन किया गया है। उन्होंनेे बताया कि इस समिति का मुख्य उद्देश्य जिला में सरकारी व गैर सरकारी बाल संस्थानों की देखरेख करने के लिए सार्वजनिक भागेदारी, दान प्राप्त करना, आश्रमों का रख-रखाव और पर्यवेक्षण सुनिश्चित करना है। इसके अलावा जरूरतमंद बच्चे के कल्याण के लिए प्रायोजन का भी प्रावधान है जिसके लिए कोई भी व्यक्ति या संगठन जिला आश्रम कल्याण समिति के माध्यम से आर्थिक सहायता दे सकता है। उन्होंने बताया कि बाल आश्रमों के प्रायोजन में समाज का कोई भी व्यक्ति बच्चों के कल्याण के लिए आर्थिक सहायता, शिक्षा, खान-पान व पिकनिक इत्यादि के तौर सहायता कर सकता है।