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Una News: ऊना में 43,822 किसान डिजिटल फार्मर रजिस्ट्री से जुड़े
Sat, 03 Oct 2026 10:57 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Updated Sat, 03 Oct 2026 10:57 PM IST
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ऊना। एग्रीस्टैक परियोजना के तहत जिला ऊना के 43,822 किसान डिजिटल फार्मर रजिस्ट्री से जुड़ चुके हैं। जिले में किसान रजिस्ट्री को शत-प्रतिशत पूरा करने के लिए प्रशासन ने जागरूकता और पंजीकरण अभियान तेज कर दिया है। अब तक निर्धारित लक्ष्य का करीब 46 फीसदी हासिल किया जा चुका है। उपायुक्त जतिन लाल ने कहा कि प्रत्येक पंजीकृत किसान को आधार आधारित 11 अंकों की विशिष्ट किसान पहचान संख्या दी जाएगी। इसके माध्यम से किसान की पहचान, भूमि रिकॉर्ड, फसल विवरण और सरकारी योजनाओं से संबंधित जानकारी एक डिजिटल व्यवस्था में उपलब्ध होगी। इससे कृषि सेवाओं और योजनाओं का लाभ लेने की प्रक्रिया अधिक सरल और पारदर्शी बनाने में मदद मिलेगी।
डिजिटल पहचान के माध्यम से किसानों को पीएम-किसान सम्मान निधि का लाभ लेने में सुविधा होगी। इसके अलावा खाद की बिक्री व्यवस्था को पारदर्शी बनाने और खरीद पोर्टल के जरिये फसलों को न्यूनतम समर्थन मूल्य पर बेचने जैसी सेवाओं में भी इसका उपयोग किया जा सकेगा। दस्तावेजों के सत्यापन समेत अन्य कृषि सेवाओं के लिए भी यह पहचान उपयोगी होगी।
कृषि विभाग ने सितंबर में जिले में 50 से अधिक विशेष शिविर आयोजित कर मौके पर ही किसानों का पंजीकरण किया। प्रशासन ने अब साझा सेवा केंद्रों के जिला प्रबंधक और ग्राम स्तर के उद्यमियों को अपने क्षेत्रों में शत-प्रतिशत पंजीकरण कराने के निर्देश दिए हैं। उप निदेशक कृषि प्रेम सिंह ने बताया कि डिजिटल फार्मर रजिस्ट्री किसानों को एकीकृत डिजिटल पहचान उपलब्ध कराती है। उन्होंने पात्र किसानों से अपील की कि जिनका पंजीकरण अभी नहीं हुआ है, वे नजदीकी साझा सीएससी केंद्र या विशेष शिविर में जाकर प्रक्रिया पूरी करवाएं।
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डिजिटल पहचान के माध्यम से किसानों को पीएम-किसान सम्मान निधि का लाभ लेने में सुविधा होगी। इसके अलावा खाद की बिक्री व्यवस्था को पारदर्शी बनाने और खरीद पोर्टल के जरिये फसलों को न्यूनतम समर्थन मूल्य पर बेचने जैसी सेवाओं में भी इसका उपयोग किया जा सकेगा। दस्तावेजों के सत्यापन समेत अन्य कृषि सेवाओं के लिए भी यह पहचान उपयोगी होगी।
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कृषि विभाग ने सितंबर में जिले में 50 से अधिक विशेष शिविर आयोजित कर मौके पर ही किसानों का पंजीकरण किया। प्रशासन ने अब साझा सेवा केंद्रों के जिला प्रबंधक और ग्राम स्तर के उद्यमियों को अपने क्षेत्रों में शत-प्रतिशत पंजीकरण कराने के निर्देश दिए हैं। उप निदेशक कृषि प्रेम सिंह ने बताया कि डिजिटल फार्मर रजिस्ट्री किसानों को एकीकृत डिजिटल पहचान उपलब्ध कराती है। उन्होंने पात्र किसानों से अपील की कि जिनका पंजीकरण अभी नहीं हुआ है, वे नजदीकी साझा सीएससी केंद्र या विशेष शिविर में जाकर प्रक्रिया पूरी करवाएं।
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