{"_id":"5c6055eabdec22270200dac6","slug":"41549817322-una-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"मेगा फूड पार्क बनेगा किसानों की लाइफलाइन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मेगा फूड पार्क बनेगा किसानों की लाइफलाइन
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सिंगा(ऊना)। जिला के सिंगा में स्थापित होने वाली देश की सबसे बड़ी फूड प्रोसेसिंग लाइन हिमाचल और पंजाब के सीमावर्ती किसानों की लाइफलाइन बनने जा रही है। लगभग एक सौ दस करोड़ के निवेश से तैयार इस मेगा फूड पार्क की स्थापना से हिमाचल और पंजाब के करीब 15 हजार किसानों को लाभ मिलेगा। फूड प्रोसेसिंग लाइन पर अतिरिक्त 100 करोड़ खर्च कर रही अग्रणी प्रोसेसिंग कंपनी क्रीमिका ने अपनी कार्ययोजना में क्षेत्र के करीब 15 हजार किसानों को जोड़ने की योजना बनाई है। इस फूड पार्क को हर वर्ष करीब 15 हजार टन फलों व सब्जियों की कच्चे माल के तौर पर जरूरत होगी, जो सीधे तौर पर हिमाचल प्रदेश और सीमावर्ती पंजाब के गांवों व शहरों से एकत्र किया जाएगा। फूड पार्क की स्थापना से यहां के किसान-बागवानों के लिए बाजार की चिंता भी शीघ्र खत्म होने वाली है।
क्रीमिका कंपनी के प्रबंध निदेशक अक्षय बैक्टर ने बताया कि क्रीमिका फूड पार्क को पहले से ही जैम, स्क्वैश लाइन, आचार, निर्जलित फलों और सब्जियों की स्थापना के लिए निवेश मिल चुका है। उन्होंने कहा कि यह फूड पार्क पंजाब और हिमाचल की सीमा पर स्थित है, जिसे भारत के सबसे उत्पादक कृषि क्षेत्रों में एक माना जाता है। यहां आलू, टमाटर, मटर, किन्नू, लीची, अमरूद, आडू, गाजर गेहूं, मक्की तथा चावल समेत ऊपरी हिमाचल में सेब भी उपलब्ध है। लिहाजा इस फूड पार्क के जरिए करीब 15 हजार छोटे बड़े किसानों को बाजार उपलब्ध करवाया जाएगा। जहां वे उचित दामों पर अपने उत्पाद बेच सकें। उन्होंने बताया कि क्रीमिका के फूड पार्क में एक अच्छी तरह से विकसित सामाजिक, भौतिक तथा औद्योगिक बुनियादी ढांचा है, जो बेहतर कनेक्टिविटी से जुड़ा है। इससे दोनों राज्यों के लोगों को लाभ होगा। उन्होंने बताया कि बहुत जल्द इसमें देश की अन्य कंपनियां भी निवेश करने वाली हैं, जिन्हें क्रीमिका की ओर से हर तरह की सुविधा मुहैया करवाई जाएगी।
फूड पार्क में ये मिलेंगी सुविधाएं
110 करोड़ की लागत से लगभग 55 एकड़ जमीन में स्थापित क्रीमिका फूड पार्क सतलुज और ब्यास नदी के करीब है। यहां तीन स्वीकृत डीप ट्यूबवेल हैं, जिनमें पर्याप्त रनिंग वाटर उपलब्ध है। यह लंबे समय तक कम बिजली लागत सुनिश्चित करने के लिए सरप्लस हाइड्रो इलेक्ट्रिक पावर से लैस होगा। इसमें एडवांस्ड सेंट्रल प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित है, जिसमें भारत की पहली फ्लैश स्टरलाइजर के साथ सेप्टिक पल्पिंग लाइन के साथ 30 टन से अधिक प्रति घंटे की क्षमता होगी। फूड पार्क में बॉयलर और रेफ्रिजरेशन की पर्याप्त सुविधा मौजूद है। प्रत्यक्ष एचटी फीडर और बिजलीघर निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करेगा। इसके अलावा प्लग एंड प्ले सुविधा के साथ 10 छोटे मानक डिजाइन सुविधा शेड भी हैं। एमडी अक्षय बैक्टर ने बताया कि पार्क में ही वीडियो कांफ्रेंसिंग सुविधा के अलावा विकसित बिजनेस सेंटर भी होगा। इसके अलावा एक क्रैच, एक बड़ा कैफेटेरिया, प्रशासनिक सुविधा, परीक्षण प्रयोगशाला व स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
क्रीमिका कंपनी के प्रबंध निदेशक अक्षय बैक्टर ने बताया कि क्रीमिका फूड पार्क को पहले से ही जैम, स्क्वैश लाइन, आचार, निर्जलित फलों और सब्जियों की स्थापना के लिए निवेश मिल चुका है। उन्होंने कहा कि यह फूड पार्क पंजाब और हिमाचल की सीमा पर स्थित है, जिसे भारत के सबसे उत्पादक कृषि क्षेत्रों में एक माना जाता है। यहां आलू, टमाटर, मटर, किन्नू, लीची, अमरूद, आडू, गाजर गेहूं, मक्की तथा चावल समेत ऊपरी हिमाचल में सेब भी उपलब्ध है। लिहाजा इस फूड पार्क के जरिए करीब 15 हजार छोटे बड़े किसानों को बाजार उपलब्ध करवाया जाएगा। जहां वे उचित दामों पर अपने उत्पाद बेच सकें। उन्होंने बताया कि क्रीमिका के फूड पार्क में एक अच्छी तरह से विकसित सामाजिक, भौतिक तथा औद्योगिक बुनियादी ढांचा है, जो बेहतर कनेक्टिविटी से जुड़ा है। इससे दोनों राज्यों के लोगों को लाभ होगा। उन्होंने बताया कि बहुत जल्द इसमें देश की अन्य कंपनियां भी निवेश करने वाली हैं, जिन्हें क्रीमिका की ओर से हर तरह की सुविधा मुहैया करवाई जाएगी।
विज्ञापन
फूड पार्क में ये मिलेंगी सुविधाएं
110 करोड़ की लागत से लगभग 55 एकड़ जमीन में स्थापित क्रीमिका फूड पार्क सतलुज और ब्यास नदी के करीब है। यहां तीन स्वीकृत डीप ट्यूबवेल हैं, जिनमें पर्याप्त रनिंग वाटर उपलब्ध है। यह लंबे समय तक कम बिजली लागत सुनिश्चित करने के लिए सरप्लस हाइड्रो इलेक्ट्रिक पावर से लैस होगा। इसमें एडवांस्ड सेंट्रल प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित है, जिसमें भारत की पहली फ्लैश स्टरलाइजर के साथ सेप्टिक पल्पिंग लाइन के साथ 30 टन से अधिक प्रति घंटे की क्षमता होगी। फूड पार्क में बॉयलर और रेफ्रिजरेशन की पर्याप्त सुविधा मौजूद है। प्रत्यक्ष एचटी फीडर और बिजलीघर निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करेगा। इसके अलावा प्लग एंड प्ले सुविधा के साथ 10 छोटे मानक डिजाइन सुविधा शेड भी हैं। एमडी अक्षय बैक्टर ने बताया कि पार्क में ही वीडियो कांफ्रेंसिंग सुविधा के अलावा विकसित बिजनेस सेंटर भी होगा। इसके अलावा एक क्रैच, एक बड़ा कैफेटेरिया, प्रशासनिक सुविधा, परीक्षण प्रयोगशाला व स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
विज्ञापन