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सासण में गहराया पेयजल संकट 16-51-03
Updated Fri, 08 Jun 2018 05:28 PM IST
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सासण में गहराया पेयजल संकट
पानी की बूंद-बूंद को तरस रहे ग्रामीण, तीसरे दिन सात मिनट आ रही सप्लाई
विभाग स्टाफ की कमी की दे रहा दुहाई
अमर उजाला ब्यूरो
थानाकलां (ऊना)। ‘गर्मियों की वजह से पानी है ही नहीं और न ही विभाग के पास स्टाफ है। सरकार से कहो स्टाफ रखे ताकि पानी मिल सके।’ भीषण जल संकट का सामना कर रही ग्राम पंचायत तनोह के गांव सासण घट्टी के बाशिंदों ने बताया कि विभाग के कर्मचारी और अधिकारी पानी की शिकायत करने पर ऐसी दलीलें दे रहे हैं। लोगों में महिला मंडल प्रधान प्रीतमा देवी, अशोक कुमार, रामजी दास, कृष्ण कुमार, अनुबाला, बीना देवी, राधिका, राज कुमार, इंदु, बाल कृष्ण, साक्षी, तीक्ष्ण, सत्या देवी का कहना है कि शिकायतों के बावजूद पानी की बूंद-बूंद को ग्रामीण मोहताज हैं। क्षेत्र में गर्मी का मौसम है और पानी के लिए त्राहि-त्राहि मची है। पेयजल का गंभीर संकट चल रहा है। पिछले 15 दिनों से तीसरे दिन आईपीएच के नलों से पांच या सात मिनट पानी टपकता है। इससे दो या तीन घड़े ही पानी के भर पाते हैं। विभाग को बार-बार बताने के बावजूद समस्या का निराकरण नहीं हो पा रहा। पानी के लिए आदमी और मवेेशी नालों और प्राकृतिक स्रोतों पर निर्भर हैं। दूषित पेयजल के सेवन से बीमारियों का खतरा लगातार बना हुआ है। ग्रामीणों ने चेताया कि यदि जल्द समस्या का समाधान कर पेयजल न मिला तो ग्रामीण प्रदर्शन से गुरेज नहीं करेंगे।
छंब पेयजल योजना का पानी सूखने से समस्या : जेई
आईपीएच विभाग के जेई आशीष कुमार का कहना है कि गांव सासण और कड़साई को छंब और समूरकलां पेयजल योजना से पानी की आपूर्ति होती है। छंब का पानी सूखने से समूरकलां पेयजल योजना से उक्त गांवों को पेयजल मुहैया करवाया जा रहा है। योजना का स्टोरेज टैंक अधिक ऊंचाई पर बना होने से पानी स्टोरेज नहीं हो पा रहा है।
जल्द किया जाएगा समस्या का हल
आईपीएच विभाग के एसडीओ बीबी गुप्ता कहना है कि सासण में पानी की आपूर्ति पर्याप्त न होने की जानकारी मिली है। जल्द ही समस्या का समाधान किया जाएगा।
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पानी की बूंद-बूंद को तरस रहे ग्रामीण, तीसरे दिन सात मिनट आ रही सप्लाई
विभाग स्टाफ की कमी की दे रहा दुहाई
अमर उजाला ब्यूरो
थानाकलां (ऊना)। ‘गर्मियों की वजह से पानी है ही नहीं और न ही विभाग के पास स्टाफ है। सरकार से कहो स्टाफ रखे ताकि पानी मिल सके।’ भीषण जल संकट का सामना कर रही ग्राम पंचायत तनोह के गांव सासण घट्टी के बाशिंदों ने बताया कि विभाग के कर्मचारी और अधिकारी पानी की शिकायत करने पर ऐसी दलीलें दे रहे हैं। लोगों में महिला मंडल प्रधान प्रीतमा देवी, अशोक कुमार, रामजी दास, कृष्ण कुमार, अनुबाला, बीना देवी, राधिका, राज कुमार, इंदु, बाल कृष्ण, साक्षी, तीक्ष्ण, सत्या देवी का कहना है कि शिकायतों के बावजूद पानी की बूंद-बूंद को ग्रामीण मोहताज हैं। क्षेत्र में गर्मी का मौसम है और पानी के लिए त्राहि-त्राहि मची है। पेयजल का गंभीर संकट चल रहा है। पिछले 15 दिनों से तीसरे दिन आईपीएच के नलों से पांच या सात मिनट पानी टपकता है। इससे दो या तीन घड़े ही पानी के भर पाते हैं। विभाग को बार-बार बताने के बावजूद समस्या का निराकरण नहीं हो पा रहा। पानी के लिए आदमी और मवेेशी नालों और प्राकृतिक स्रोतों पर निर्भर हैं। दूषित पेयजल के सेवन से बीमारियों का खतरा लगातार बना हुआ है। ग्रामीणों ने चेताया कि यदि जल्द समस्या का समाधान कर पेयजल न मिला तो ग्रामीण प्रदर्शन से गुरेज नहीं करेंगे।
छंब पेयजल योजना का पानी सूखने से समस्या : जेई
आईपीएच विभाग के जेई आशीष कुमार का कहना है कि गांव सासण और कड़साई को छंब और समूरकलां पेयजल योजना से पानी की आपूर्ति होती है। छंब का पानी सूखने से समूरकलां पेयजल योजना से उक्त गांवों को पेयजल मुहैया करवाया जा रहा है। योजना का स्टोरेज टैंक अधिक ऊंचाई पर बना होने से पानी स्टोरेज नहीं हो पा रहा है।
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जल्द किया जाएगा समस्या का हल
आईपीएच विभाग के एसडीओ बीबी गुप्ता कहना है कि सासण में पानी की आपूर्ति पर्याप्त न होने की जानकारी मिली है। जल्द ही समस्या का समाधान किया जाएगा।