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बच्चा गोद लेने को पंजीकृत करना होगा पता-ठिकाना
Updated Mon, 26 Mar 2018 10:35 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
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ऊना।
जिला बाल संरक्षण समिति ऊना की बैठक अतिरिक्त उपायुक्त ऊना कृतिका कुलहरी की अध्यक्षता में की गई। अतिरिक्त उपायुक्त कृतिका कुलहरी ने बताया कि जिले में बाल संरक्षण इकाई के पिछले सर्वेक्षण के अनुसार 220 अनाथ बच्चे पाए गए थे। इनमें से 16 बच्चे 18 वर्ष की आयु पूरी कर गए हैं जबकि 182 अनाथ बच्चों में से 137 बच्चों को मुख्यमंत्री बाल उत्थान योजना के अंतर्गत लाभ दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि अनाथ बच्चों की संपत्ति के संरक्षण को लेकर जिला में कुल 205 बच्चों में 119 बच्चों का इंतकाल उनके नाम हो गया है जबकि 82 बच्चों की संपत्ति दादा-दादी के नाम है।
एडीसी ने बताया कि जो नि:संतान दंपती बच्चों गोद लेना चाहते हैं, वे वेबसाइट डब्ल्यू डब्ल्यू डब्ल्यू डॉट सीएआरए डॉट एनआईसी डॉट इन पर जाकर अपनी प्रोफाइल रजिस्टर कर सकते हैं या जिला बाल संरक्षण अधिकारी के कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि बच्चा गोद लेने के लिए जिला में आठ दंपतियों ने आवेदन किया है और इसकी रिपोर्ट बाल कल्याण परिषद शिमला को भेजी जा चुकी है। उन्होंने बताया कि जिन बच्चों को देख-रेख और संरक्षण की आवश्यकता होती है, उन्हें बाल कल्याण समिति के समग्र प्रस्तुत किया जाता है। समिति की ओर से बच्चे से संबंधित पूरी जानकारी प्राप्त कर बच्चे को आश्रम में प्रवेश करवाया जाता है या फिर फोस्टर परिवार में फोस्टर केयर योजना के अंतर्गत रखा जाता है।
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जिला ऊना में बाल कल्याण समिति की ओर से देखे गए 264 बच्चों में 99 बच्चों को फोस्टर केयर योजना के तहत फिट घोषित हैं। एडीसी ने बताया कि ऐसे बच्चों की सहायता के लिए समाज का कोई भी जिला आश्रम कल्याण समिति की सदस्यता ग्रहण कर सकता है। इसके लिए वे यदि वर्ष में पांच हजार या 10 हजार का योगदान देता है तो समिति का सलाहकार बन सकता है। एक साल में एक बार 10 हजार का योगदान देने वाला व्यक्ति आजीवन समिति का सदस्य जबकि एक बार 500 रुपये का योगदान देने वाला व्यक्ति साधारण सदस्यता प्राप्त कर सकता है।
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इसके अलावा संस्थान या एनजीओ 20 हजार रुपये का योगदान देकर संस्थानिक सदस्य बन सकते हैं। उन्होंने बताया कि सहयोग देने वाले लोग जिला आश्रम कल्याण समिति के खाता संख्या 917010044895350 और आईएफएससी कोड यूटीआईबी 0000857 में अंशदान कर सकते हैं। बैठक में जिला परिषद अध्यक्ष सोमा देवी भरवाल, सहायक आयुक्त विनय मोदी, जिला कार्यक्रम अधिकारी सतनाम सिंह, जिला बाल संरक्षण अधिकारी शाम लाल मल्होत्रा, उपनिदेशक उच्च शिक्षा भूप सिंह, उपनिदेशक प्रारंभिक शिक्षा हंसराज गुलेरिया सहित समिति के अन्य सरकारी व गैर सरकारी सदस्य उपस्थित थे।