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शबद कीर्तन से संगत निहाल
Updated Wed, 03 Jan 2018 10:59 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
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दुलैहड़(ऊना)।
डेरा गिड़गिड़ा साहिब ने गांव पूबोवाल में संचालित गुरुद्वारा में श्री गुरु गोविंद सिंह के प्रकाशोत्सव के उपलक्ष्य पर सायं गुरमत समागम का आयोजन किया गया। इसमें तख्त श्री केसगढ़ साहिब के रागी जत्थे ने संगत को कीर्तन और प्रवचनों से निहाल किया। हजूरी रागी आनंदपुर साहिब से राम सिंह के जत्थे ने गुरु गोविंद सिंह के बलिदान के बारे में बताया और अपने धर्म पर अडिग रहने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि धर्म की खातिर दशम पिता ने अपना सर्वस्व न्यौछावर कर दिया।
आज की युवा पीढ़ी उनके बलिदान को भूलती जा रही है। उन्होंने श्रद्धालुओं से आह्वान किया कि वे अपने बच्चों को बाणी के साथ जोड़ें, अच्छे कार्यों के लिए प्रेरित करें और धर्म के प्रचार के लिए बढ़चढ़ कर योगदान दें। सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालुओं ने श्री गुरु ग्रंथ साहिब के समक्ष शीश नवाकर मंगलकामना की। अरदास के बाद विशाल लंगर लगाया गया।
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धार्मिक समागम के आयोजन के लिए लक्खा टेंट हाउस के कर्मजीत सिंह ने निस्वार्थ सेवाएं दीं। इस अवसर पर कैप्टन हरदयाल सिंह, भाई गोपाल सिंह, भाई जरनैल सिंह, जोगिंद्र सिंह, अमरजीत सिंह, महासिंह, पुष्पिंद्र सिंह, मंजीत सिंह, कर्मजीत सिंह, जसबंत सिंह, संदीप सिंह मान, कुलतार सिंह, चरणजीत सिंह, बलबिंद्र सिंह उपस्थित थे।
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