{"_id":"6a71d54d491d514d2f095dd7","slug":"15-crore-deposited-in-peer-nigah-temples-fund-in-three-months-raizada-una-news-c-93-1-una1017-201161-2026-08-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"पीरनिगाह मंदिर की निधि में तीन महीने में डेढ़ करोड़ जमा : रायजादा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पीरनिगाह मंदिर की निधि में तीन महीने में डेढ़ करोड़ जमा : रायजादा
Wed, 05 Aug 2026 05:33 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Updated Wed, 05 Aug 2026 05:33 AM IST
विज्ञापन
ऊना। कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष और पूर्व विधायक सतपाल रायजादा ने मंगलवार को प्रेसवार्ता में भाजपा पर तीखा जुबानी हमला बोला है। साथ ही जानकारी दी कि पीरनिगाह मंदिर में तीन महीने में डेढ़ करोड़ रुपये से अधिक की राशि जमा हुई है।
उन्होंने कहा कि जब उन्होंने राम मंदिर में कथित चंदा, सोना, चांदी और अन्य धार्मिक सामग्री की चोरी का मुद्दा उठाया तो भाजपा नेताओं ने इस विषय पर जवाब देने के बजाय पीरनिगाह मंदिर की निधि को लेकर उन पर आरोप लगाने शुरू कर दिए।
रायजादा ने कहा कि पंचायतों के भंग होने के बाद पीरनिगाह मंदिर का प्रभार प्रशासन के पास चला गया था। उस समय मंदिर निधि में लगभग 30 लाख रुपये जमा थे, जो प्रशासन के जिम्मा संभालने के पहले पांच वर्षों में एकत्र हुए थे।
विज्ञापन
उन्होंने दावा किया कि प्रशासन के कार्यकाल में प्रशासन ने पहले से चली आ रही व्यवस्था में कोई बदलाव नहीं किया। जिन लोगों को पेंशन और आर्थिक सहायता मिलती थी, उन्हें पहले की तरह लाभ मिलता रहा और अन्य सभी खर्च भी नियमित रूप से किए जाते रहे।
उन्होंने कहा कि इन सभी खर्चों के बावजूद केवल तीन महीने के भीतर मंदिर निधि में डेढ़ करोड़ रुपये से अधिक की राशि जमा करवाई गई।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि जब उन्होंने राम मंदिर में कथित चंदा, सोना, चांदी और अन्य धार्मिक सामग्री की चोरी का मुद्दा उठाया तो भाजपा नेताओं ने इस विषय पर जवाब देने के बजाय पीरनिगाह मंदिर की निधि को लेकर उन पर आरोप लगाने शुरू कर दिए।
विज्ञापन
रायजादा ने कहा कि पंचायतों के भंग होने के बाद पीरनिगाह मंदिर का प्रभार प्रशासन के पास चला गया था। उस समय मंदिर निधि में लगभग 30 लाख रुपये जमा थे, जो प्रशासन के जिम्मा संभालने के पहले पांच वर्षों में एकत्र हुए थे।
विज्ञापन
उन्होंने दावा किया कि प्रशासन के कार्यकाल में प्रशासन ने पहले से चली आ रही व्यवस्था में कोई बदलाव नहीं किया। जिन लोगों को पेंशन और आर्थिक सहायता मिलती थी, उन्हें पहले की तरह लाभ मिलता रहा और अन्य सभी खर्च भी नियमित रूप से किए जाते रहे।
उन्होंने कहा कि इन सभी खर्चों के बावजूद केवल तीन महीने के भीतर मंदिर निधि में डेढ़ करोड़ रुपये से अधिक की राशि जमा करवाई गई।