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कर्मियों को वेतन सहित बहाल न किया तो होगा प्रदर्शन
Updated Tue, 19 Jun 2018 10:36 PM IST
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कर्मियों को वेतन सहित बहाल न किया तो प्रदर्शन
सीटू के महासचिव रघुनाथ ने दी नगर कौंसिल को चेतावनी
अमर उजाला ब्यूरो
नंगल। सीटू के प्रदेश महासचिव कामरेड रघुनाथ ने कहा कि अनुबंध श्रम एक्ट 1970 सहित श्रम कानूनों की धज्जियां उड़ाते हुए ठेकेदारी और आउटसोर्स के तहत भर्ती किए गए कर्मियों का शोषण किया जा रहा है। इसे सीटू सहन नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि ठेकेदारी और आउट सोर्सिंग प्रणाली सरकारी खजाना लूटने और कर्मियों के आर्थिक शोषण का एक साधन है और कुछ नहीं। उन्होंने कहा की अनुबंध श्रम कानून 1970 के तहत किसी भी नियमित चलने वाले कार्य और ठेकेदारी प्रथा तथा आउट सोर्सिंग के माध्यम से कर्मी की भर्ती नहीं की जा सकती। लेकिन अफसोस की बात है कि सफाई व सेनिटेशन के काम नियमित होने के बावजूद इन विभागों में भी नगर कौंसिलों द्वारा कर्मियों की नियमित भर्ती न कर ठेकेदारी प्रथा के तहत कर्मियों की भर्ती की जा रही है। उन्होंने कहा कि केवल नंगल नगर कौंसिल में ही 208 कर्मी ठेकेदारी और आउटसोर्सिंग प्रथा के तहत काम कर रहे हैं और इन कर्मियों को अभी तक ईएसआई और एपीएफ जैसी सुविधाओं से भी महरूम रखा जा रहा है। उन्होंने नंगल नगर कौंसिल के अधिकारियों को चेतावनी दी कि अगर नौकरी से हटाए गए सेनिटेशन विभाग के 150 कर्मियों को पहल के आधार पर वेतन सहित बहाल करने न किया, सफाई और सेनिटेशन विभाग में काम कर रहे कर्मियों को नियमित ना किया तो सीटू कानूनी कार्रवाई के साथ जोरदार संघर्ष शुरू करने को मजबूर होगी।
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सीटू के महासचिव रघुनाथ ने दी नगर कौंसिल को चेतावनी
अमर उजाला ब्यूरो
नंगल। सीटू के प्रदेश महासचिव कामरेड रघुनाथ ने कहा कि अनुबंध श्रम एक्ट 1970 सहित श्रम कानूनों की धज्जियां उड़ाते हुए ठेकेदारी और आउटसोर्स के तहत भर्ती किए गए कर्मियों का शोषण किया जा रहा है। इसे सीटू सहन नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि ठेकेदारी और आउट सोर्सिंग प्रणाली सरकारी खजाना लूटने और कर्मियों के आर्थिक शोषण का एक साधन है और कुछ नहीं। उन्होंने कहा की अनुबंध श्रम कानून 1970 के तहत किसी भी नियमित चलने वाले कार्य और ठेकेदारी प्रथा तथा आउट सोर्सिंग के माध्यम से कर्मी की भर्ती नहीं की जा सकती। लेकिन अफसोस की बात है कि सफाई व सेनिटेशन के काम नियमित होने के बावजूद इन विभागों में भी नगर कौंसिलों द्वारा कर्मियों की नियमित भर्ती न कर ठेकेदारी प्रथा के तहत कर्मियों की भर्ती की जा रही है। उन्होंने कहा कि केवल नंगल नगर कौंसिल में ही 208 कर्मी ठेकेदारी और आउटसोर्सिंग प्रथा के तहत काम कर रहे हैं और इन कर्मियों को अभी तक ईएसआई और एपीएफ जैसी सुविधाओं से भी महरूम रखा जा रहा है। उन्होंने नंगल नगर कौंसिल के अधिकारियों को चेतावनी दी कि अगर नौकरी से हटाए गए सेनिटेशन विभाग के 150 कर्मियों को पहल के आधार पर वेतन सहित बहाल करने न किया, सफाई और सेनिटेशन विभाग में काम कर रहे कर्मियों को नियमित ना किया तो सीटू कानूनी कार्रवाई के साथ जोरदार संघर्ष शुरू करने को मजबूर होगी।