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नतीजों का इंतजार: काटे नहीं कटते दिन ये रात
Updated Sun, 26 Nov 2017 10:29 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
मैहतपुर (ऊना)।
विधानसभा चुनाव नतीजों को लेकर बेहद लंबे इंतजार की वजह से आम जनता चुनाव आयोग के इस निर्णय से बेहद खफा है और आगामी चुनावों में एक नई नीति तय कर 15 दिन के भीतर चुनाव नतीजों की मांग जोर से उठने लगी है। मतदान के दिन से लेकर अब तक हर नुक्कड़, चौराहे, चौपाल, दुकान से लेकर श्मशान तक बस इसी बात को लेकर चर्चा है कि हिमाचल और गुजरात के चुनाव नतीजे क्या रहने वाले हैं। विवाह समारोहों से लेकर शोक सभाओं में भी चुनाव नतीजों को लेकर आकलन करते और समीकरण बैठाते लोग दिख रहे हैं। कोई प्रदेश में भाजपा की सरकार बनाते नजर आ रहे हैं तो कई कांग्रेस को रिपीट मानकर चल रहे हैं। बंपर मतदान पर किसी की राय सरकार के खिलाफ जाने को लेकर है तो कोई इसे सरकार के हित में मान रहा है। कई लोग इस दफा मतदाताओं की चुप्पी को सरकार के लिए खतरनाक समझ रहे हैं तो कई चुप्पी को कांग्रेस सरकार के लिए फायदेमंद बता रहे हैं।
क्षेत्र के प्रबुद्धजनों शिवदत्त वशिष्ठ, राकेश शर्मा, सुभाष ऐरी, दीपक, डॉ. रवि वैद्य, डॉ. केआर आर्य, सुरेंद्र कुमार, शकुंतला आर्य, राजीव सोनी, बलराम शर्मा, मदन लाल सोनी का मानना है कि चुनाव के लिए कुल 28 दिन और नतीजों के इंतजार को 39 दिनों का अंतर बेहद गलत है। लोगों ने कहा कि चुनाव आयोग को भविष्य से नीति तय करनी चाहिए कि मतदान से 15 दिनों के भीतर नतीजे आ सकें।
जीत को लेकर प्रत्याशी आश्वस्त
भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष सतपाल सत्ती ने बंपर मतदान को कांग्रेस सरकार के विरुद्ध मानकर चल रहे हैं और अपनी व भाजपा सरकार की जीत को लेकर आश्वस्त हैं। प्रदेश कांग्रेस कमेटी सदस्य एवं कांग्रेस प्रत्याशी सतपाल रायजादा अपनी जीत को लेकर आश्वस्त हैं और बंपर मतदान को सरकार के मिशन रिपीट के लिए शुभ संकेत मान रहे हैं।
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मैहतपुर (ऊना)।
विधानसभा चुनाव नतीजों को लेकर बेहद लंबे इंतजार की वजह से आम जनता चुनाव आयोग के इस निर्णय से बेहद खफा है और आगामी चुनावों में एक नई नीति तय कर 15 दिन के भीतर चुनाव नतीजों की मांग जोर से उठने लगी है। मतदान के दिन से लेकर अब तक हर नुक्कड़, चौराहे, चौपाल, दुकान से लेकर श्मशान तक बस इसी बात को लेकर चर्चा है कि हिमाचल और गुजरात के चुनाव नतीजे क्या रहने वाले हैं। विवाह समारोहों से लेकर शोक सभाओं में भी चुनाव नतीजों को लेकर आकलन करते और समीकरण बैठाते लोग दिख रहे हैं। कोई प्रदेश में भाजपा की सरकार बनाते नजर आ रहे हैं तो कई कांग्रेस को रिपीट मानकर चल रहे हैं। बंपर मतदान पर किसी की राय सरकार के खिलाफ जाने को लेकर है तो कोई इसे सरकार के हित में मान रहा है। कई लोग इस दफा मतदाताओं की चुप्पी को सरकार के लिए खतरनाक समझ रहे हैं तो कई चुप्पी को कांग्रेस सरकार के लिए फायदेमंद बता रहे हैं।
क्षेत्र के प्रबुद्धजनों शिवदत्त वशिष्ठ, राकेश शर्मा, सुभाष ऐरी, दीपक, डॉ. रवि वैद्य, डॉ. केआर आर्य, सुरेंद्र कुमार, शकुंतला आर्य, राजीव सोनी, बलराम शर्मा, मदन लाल सोनी का मानना है कि चुनाव के लिए कुल 28 दिन और नतीजों के इंतजार को 39 दिनों का अंतर बेहद गलत है। लोगों ने कहा कि चुनाव आयोग को भविष्य से नीति तय करनी चाहिए कि मतदान से 15 दिनों के भीतर नतीजे आ सकें।
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जीत को लेकर प्रत्याशी आश्वस्त
भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष सतपाल सत्ती ने बंपर मतदान को कांग्रेस सरकार के विरुद्ध मानकर चल रहे हैं और अपनी व भाजपा सरकार की जीत को लेकर आश्वस्त हैं। प्रदेश कांग्रेस कमेटी सदस्य एवं कांग्रेस प्रत्याशी सतपाल रायजादा अपनी जीत को लेकर आश्वस्त हैं और बंपर मतदान को सरकार के मिशन रिपीट के लिए शुभ संकेत मान रहे हैं।
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