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पहाडों की तफरीह के शौक ने ली युवक की जान
Updated Wed, 10 Jan 2018 06:33 PM IST
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पहाड़ों की तफरीह के शौक ने ले ली जान
स्कूल बंक कर होशियारपुर से निकले छात्र, महाकालेश्वर में स्नान के बाद घर लौटते समय हादसा
गोपाल शर्मा
अंब(ऊना)।
स्कूल बंक कर पहाड़ों में तफरीह के शौक ने दसवीं कक्षा के एक छात्र की जान ले ली। वहीं उसका साथी होशियारपुर के विद्या मंदिर स्कूल का दसवीं का छात्र दिव्यांशु सदमे में है। अस्पताल में डॉक्टर से उसकी एक ही गुजारिश कर रहा है कि उसे दर्द से निजात के लिए बेहोशी का इंजेक्शन दे दे। उसकी दाईं जांघ की हड्डी फ्रैक्चर हो गई है। इस हादसे में दिवंगत हुए समीर और उसके कुछ साथी बुधवार सुबह साढे़ 11 बजे स्कूल बंक कर कांगड़ा के महाकालेश्वर के लिए निकले थे। महाकालेश्वर में स्नान करने के बाद वापस लौटते समय अंब से लगभग तीन किलोमीटर पहले ही एक टैंपो की जद में आ गए। रेफर करने तक घायल युवक को यह पता भी नहीं है कि उसके साथी की जान जा चुकी है। बताया जा रहा है कि लगभग आधा दर्जन युवक महाकालेश्वर के लिए निकले थे जो समूह में वापस लौट रहे थे। संभवतया स्कूल टाइम खत्म होने से पहले ही घर पहुंचने के लिए समय रहते वापसी के लिए रवाना हुए थे। हालांकि कम उम्र में हिल राइडिंग के शौक ने एक अबोध किशोर की जान ले ली। बाइक उसकी अपनी थी या किसी अन्य की, यह जांच का विषय है। सवाल पुराना है लेकिन आज भी उतना ही प्रासंगिक है कि आखिर कब अभिभावकों का कच्ची उम्र में ही बच्चों को बाइक चलाने देने के क्रेज से मोहभंग होगा।
अंब के थाना प्रभारी मोहन रावत ने अभिभावकों से अपील की है कि नाबालिग युवाओं को कतई वाहन चलाने की अनुमति न दें। पुलिस यातायात नियमों को लेकर सख्त है। इस मामले की जांच की जा रही है जिसके बाद उचित कार्रवाई की जाएगी।
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स्कूल बंक कर होशियारपुर से निकले छात्र, महाकालेश्वर में स्नान के बाद घर लौटते समय हादसा
गोपाल शर्मा
अंब(ऊना)।
स्कूल बंक कर पहाड़ों में तफरीह के शौक ने दसवीं कक्षा के एक छात्र की जान ले ली। वहीं उसका साथी होशियारपुर के विद्या मंदिर स्कूल का दसवीं का छात्र दिव्यांशु सदमे में है। अस्पताल में डॉक्टर से उसकी एक ही गुजारिश कर रहा है कि उसे दर्द से निजात के लिए बेहोशी का इंजेक्शन दे दे। उसकी दाईं जांघ की हड्डी फ्रैक्चर हो गई है। इस हादसे में दिवंगत हुए समीर और उसके कुछ साथी बुधवार सुबह साढे़ 11 बजे स्कूल बंक कर कांगड़ा के महाकालेश्वर के लिए निकले थे। महाकालेश्वर में स्नान करने के बाद वापस लौटते समय अंब से लगभग तीन किलोमीटर पहले ही एक टैंपो की जद में आ गए। रेफर करने तक घायल युवक को यह पता भी नहीं है कि उसके साथी की जान जा चुकी है। बताया जा रहा है कि लगभग आधा दर्जन युवक महाकालेश्वर के लिए निकले थे जो समूह में वापस लौट रहे थे। संभवतया स्कूल टाइम खत्म होने से पहले ही घर पहुंचने के लिए समय रहते वापसी के लिए रवाना हुए थे। हालांकि कम उम्र में हिल राइडिंग के शौक ने एक अबोध किशोर की जान ले ली। बाइक उसकी अपनी थी या किसी अन्य की, यह जांच का विषय है। सवाल पुराना है लेकिन आज भी उतना ही प्रासंगिक है कि आखिर कब अभिभावकों का कच्ची उम्र में ही बच्चों को बाइक चलाने देने के क्रेज से मोहभंग होगा।
अंब के थाना प्रभारी मोहन रावत ने अभिभावकों से अपील की है कि नाबालिग युवाओं को कतई वाहन चलाने की अनुमति न दें। पुलिस यातायात नियमों को लेकर सख्त है। इस मामले की जांच की जा रही है जिसके बाद उचित कार्रवाई की जाएगी।
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