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डीहर में पानी के बिलों में लाखों की गड़बड़
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अमर उजाला ब्यूरो
जोल (ऊना)। उपमंडल बंगाणा की डीहर पंचायत के खडोह, राजपुरा, चंबोआ, चड़ोली गांव के पानी के बिलों में गड़बड़ी सामने आई है। आईपीएच विभाग बंगाणा के तहत मार्च 2017 के बिलों में गड़बड़ी सामने आई है।
ग्राम पंचायत डीहर के लोगों ने लोकमित्र केंद्र तलमेहड़ा में आईपीएच के बिल 583 रुपये के हिसाब से जमा करवा दिए थे। लोकमित्र संचालक ने लोगों के बिलों पर मोहर लगा दी थी। लेकिन 3 साल बाद पानी के बिल फिर थमाए गए हैं। पुराने बिल देखकर लोगों के होश उड़ गए है। उपभोक्ता डॉक्टर मदन लाल शर्मा, ओंकार दास शास्त्री, उधम सिंह, शेर सिंह, सुशील कुमार, जगदेव सिंह, सोमनाथ, तिलक राज, जीवन लाल, कमला देवी, रविंद्र कुमार, कर्मचंद, रतन चंद, रामकिशन, खुशीराम, लख्मीचंद, अशोक कुमार ने 30 मई, 2017 को लोकमित्र केंद्र तलमेहड़ा में बिल जमा करवा थे।
उन्होंने बताया कि आईपीएच विभाग एसडीओ का ऐसा कहना था कि हमारे पास स्टाफ की कमी होने की वजह से आप बिल लोकमित्र केंद्र में जमा करवा दें। लोगों में रोष है कि अगर पानी के बिलों की अदायगी के बाद भी बिल जमा नहीं हुए तो बिल के ऊपर टर्म एंड कंडीशन के अनुसार बिल जमा न होने पर पानी की सप्लाई तुरंत काट देनी चाहिए थी। इससे उपभोक्ताओं को पता चल जाता कि उनका बिल जमा नहीं हुआ है। उन्होंने आईपीएच के अधिकारियों पर आरोप लगाया कि लोकमित्र संचालक और आईपीएच अधिकारियों के साथ कहीं मिलीभगत तो नहीं थी। उनका कहना है कि अब दोबारा 2 साल के बाद विभाग गहरी नींद से कैसे जागा है। कई उपभोक्ता विभाग के खिलाफ उपभोक्ता न्यायालय जाने की तैयारी कर रहे हैं।
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पहले भी हुई थी केंद्र में धांधली
गौरतलब है कि लोकमित्र केंद्र तलमेहड़ा के संचालक ने 2017 में ही बिजली के बिलों में लाखों रुपये की धांधली की थी। उस दौरान कुछ लोगों के पैसे वापस हुए और कुछ लोग तो हाथ मलते ही रह गए थे। समाचार पत्रों में भी धांधली प्रकाशित हुई थी। लोगों का कहना है कि अगर लोकमित्र केंद्र तलमेहड़ा के संचालक ने बिलों में हेराफेरी की है तो विभाग उसके ऊपर कार्रवाई करे।
लोकमित्र पर करवाएं उपभोक्ता केस : एसडीओ
आईपीएच विभाग के एसडीओ बीबी गुप्ता ने कहा कि लोकमित्र केंद्रों पर हमारा कोई भी नियंत्रण नहीं है। जो उपभोक्ताओं को देरी से बिल आए हैं वह स्टाफ की कमी की वजह से है। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर उपभोक्ता लोकमित्र संचालक पर मामला दर्ज करवा सकते हैं।
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जोल (ऊना)। उपमंडल बंगाणा की डीहर पंचायत के खडोह, राजपुरा, चंबोआ, चड़ोली गांव के पानी के बिलों में गड़बड़ी सामने आई है। आईपीएच विभाग बंगाणा के तहत मार्च 2017 के बिलों में गड़बड़ी सामने आई है।
ग्राम पंचायत डीहर के लोगों ने लोकमित्र केंद्र तलमेहड़ा में आईपीएच के बिल 583 रुपये के हिसाब से जमा करवा दिए थे। लोकमित्र संचालक ने लोगों के बिलों पर मोहर लगा दी थी। लेकिन 3 साल बाद पानी के बिल फिर थमाए गए हैं। पुराने बिल देखकर लोगों के होश उड़ गए है। उपभोक्ता डॉक्टर मदन लाल शर्मा, ओंकार दास शास्त्री, उधम सिंह, शेर सिंह, सुशील कुमार, जगदेव सिंह, सोमनाथ, तिलक राज, जीवन लाल, कमला देवी, रविंद्र कुमार, कर्मचंद, रतन चंद, रामकिशन, खुशीराम, लख्मीचंद, अशोक कुमार ने 30 मई, 2017 को लोकमित्र केंद्र तलमेहड़ा में बिल जमा करवा थे।
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उन्होंने बताया कि आईपीएच विभाग एसडीओ का ऐसा कहना था कि हमारे पास स्टाफ की कमी होने की वजह से आप बिल लोकमित्र केंद्र में जमा करवा दें। लोगों में रोष है कि अगर पानी के बिलों की अदायगी के बाद भी बिल जमा नहीं हुए तो बिल के ऊपर टर्म एंड कंडीशन के अनुसार बिल जमा न होने पर पानी की सप्लाई तुरंत काट देनी चाहिए थी। इससे उपभोक्ताओं को पता चल जाता कि उनका बिल जमा नहीं हुआ है। उन्होंने आईपीएच के अधिकारियों पर आरोप लगाया कि लोकमित्र संचालक और आईपीएच अधिकारियों के साथ कहीं मिलीभगत तो नहीं थी। उनका कहना है कि अब दोबारा 2 साल के बाद विभाग गहरी नींद से कैसे जागा है। कई उपभोक्ता विभाग के खिलाफ उपभोक्ता न्यायालय जाने की तैयारी कर रहे हैं।
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पहले भी हुई थी केंद्र में धांधली
गौरतलब है कि लोकमित्र केंद्र तलमेहड़ा के संचालक ने 2017 में ही बिजली के बिलों में लाखों रुपये की धांधली की थी। उस दौरान कुछ लोगों के पैसे वापस हुए और कुछ लोग तो हाथ मलते ही रह गए थे। समाचार पत्रों में भी धांधली प्रकाशित हुई थी। लोगों का कहना है कि अगर लोकमित्र केंद्र तलमेहड़ा के संचालक ने बिलों में हेराफेरी की है तो विभाग उसके ऊपर कार्रवाई करे।
लोकमित्र पर करवाएं उपभोक्ता केस : एसडीओ
आईपीएच विभाग के एसडीओ बीबी गुप्ता ने कहा कि लोकमित्र केंद्रों पर हमारा कोई भी नियंत्रण नहीं है। जो उपभोक्ताओं को देरी से बिल आए हैं वह स्टाफ की कमी की वजह से है। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर उपभोक्ता लोकमित्र संचालक पर मामला दर्ज करवा सकते हैं।