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Una News: 48 साल बाद मिले ललड़ी स्कूल के 10वीं कक्षा के सहपाठी, अनुभव किए साझा
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सहपाठियों ने किया मेल मिलाप कार्यक्रम का आयोजन
संवाद न्यूज एजेंसी
टाहलीवाल (ऊना)। वर्ष 1976-77 के दौर में हरोली के ललड़ी स्कूल में 10वीं कक्षा के सहपाठी 48 साल बाद मिले। अपनी स्कूली जीवन की यादों को ताजा करने के लिए इन सहपाठियों ने मेल मिलाप दिवस का आयोजन संतोषगढ़ अजोली मार्ग स्थित एक निजी होटल में किया। यहां पर ललड़ी सरकारी हाई स्कूल के 20 सहपाठी पहुंचे। आयोजन की अध्यक्षता गुरुजनों मास्टर जगत राम, मास्टर गुरदास राम व मास्टर दौलत राम ने की। कार्यक्रम में अपने गुरुजनों का स्वागत विद्यार्थियों ने किया। स्कूल समय की यादों को ताजा करते हुए सभी ने अपने अनुभव साझा किए और पढ़ाई के बाद अपने जीवन में पाए गए ऊंचे मुकाम को बताया। कोई सहपाठी करतारपुर पंजाब तो कोई पुणे महाराष्ट्र से यहां पहुंचा। सभी ने दिवंगत हुए अपने साथियों को भी याद किया। गुरुजनों ने इस बात पर मान महसूस किया कि उनसे शिक्षा ग्रहण कर कोई एनएफएल में प्रबंधक, बीएसएनएल, विद्युत, शिक्षा व निजी आदि संस्थानों से सेवानिवृत्त हैं और अच्छे संस्कारों का निर्वहन आज के दौर में कर रहे हैं। मास्टर जगत राम, मास्टर गुरदास राम व मास्टर दौलत राम ने कहा कि आजकल शिक्षा का व्यापारीकरण हो रहा है। यह शिक्षा की गुणवत्ता के लिए ठीक नहीं है। आयोजन में पहुंचे सहपाठियों में चंचल सिंह, तरसेम लाल सहोता मैनेजर एनएफएल, एसडीओ देसराज, सुरिंदर सिंह बीएसएनएल, हरी सिंह, रमेश चंद, सुभाष चंद, राज कुमार, जरनैल, हरी सिंह, सुरिंदर पाल, इंस्पेक्टर सीआईएसएफ मनोहर सिंह, वायुसेना से सेवानिवृत्त सुभाष चंद, राम पाल, वशिष्ठ मनी, धर्मपाल, नरेंद्र पाल, भाग सिंह, मनोरमा देवी, संतोष कुमारी ने भावुकता भरे पलों का आनंद लिया। एनएफएल से प्रबंधक सेवानिवृत्त ललड़ी निवासी तरसेम लाल सहोता ने बताया कि वह कई बार अपने इर्द-गिर्द रहने वाले कक्षा सहपाठियों से मिलते थे, लेकिन दूरदराज और अन्य गांवों में बसे सहपाठियों को याद करते रहते। इस पर उन्होंने अन्य साथियों संग मिलकर मेल मिलाप दिवस आयोजन की योजना बनाई, जो सफल रही।
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संवाद न्यूज एजेंसी
टाहलीवाल (ऊना)। वर्ष 1976-77 के दौर में हरोली के ललड़ी स्कूल में 10वीं कक्षा के सहपाठी 48 साल बाद मिले। अपनी स्कूली जीवन की यादों को ताजा करने के लिए इन सहपाठियों ने मेल मिलाप दिवस का आयोजन संतोषगढ़ अजोली मार्ग स्थित एक निजी होटल में किया। यहां पर ललड़ी सरकारी हाई स्कूल के 20 सहपाठी पहुंचे। आयोजन की अध्यक्षता गुरुजनों मास्टर जगत राम, मास्टर गुरदास राम व मास्टर दौलत राम ने की। कार्यक्रम में अपने गुरुजनों का स्वागत विद्यार्थियों ने किया। स्कूल समय की यादों को ताजा करते हुए सभी ने अपने अनुभव साझा किए और पढ़ाई के बाद अपने जीवन में पाए गए ऊंचे मुकाम को बताया। कोई सहपाठी करतारपुर पंजाब तो कोई पुणे महाराष्ट्र से यहां पहुंचा। सभी ने दिवंगत हुए अपने साथियों को भी याद किया। गुरुजनों ने इस बात पर मान महसूस किया कि उनसे शिक्षा ग्रहण कर कोई एनएफएल में प्रबंधक, बीएसएनएल, विद्युत, शिक्षा व निजी आदि संस्थानों से सेवानिवृत्त हैं और अच्छे संस्कारों का निर्वहन आज के दौर में कर रहे हैं। मास्टर जगत राम, मास्टर गुरदास राम व मास्टर दौलत राम ने कहा कि आजकल शिक्षा का व्यापारीकरण हो रहा है। यह शिक्षा की गुणवत्ता के लिए ठीक नहीं है। आयोजन में पहुंचे सहपाठियों में चंचल सिंह, तरसेम लाल सहोता मैनेजर एनएफएल, एसडीओ देसराज, सुरिंदर सिंह बीएसएनएल, हरी सिंह, रमेश चंद, सुभाष चंद, राज कुमार, जरनैल, हरी सिंह, सुरिंदर पाल, इंस्पेक्टर सीआईएसएफ मनोहर सिंह, वायुसेना से सेवानिवृत्त सुभाष चंद, राम पाल, वशिष्ठ मनी, धर्मपाल, नरेंद्र पाल, भाग सिंह, मनोरमा देवी, संतोष कुमारी ने भावुकता भरे पलों का आनंद लिया। एनएफएल से प्रबंधक सेवानिवृत्त ललड़ी निवासी तरसेम लाल सहोता ने बताया कि वह कई बार अपने इर्द-गिर्द रहने वाले कक्षा सहपाठियों से मिलते थे, लेकिन दूरदराज और अन्य गांवों में बसे सहपाठियों को याद करते रहते। इस पर उन्होंने अन्य साथियों संग मिलकर मेल मिलाप दिवस आयोजन की योजना बनाई, जो सफल रही।