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Una News: रायपुर सहोड़ा शिव मंदिर में नौ दिन तक हुआ 108 कन्याओं का पूजन
Sun, 13 Oct 2024 01:01 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Updated Sun, 13 Oct 2024 01:01 AM IST
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मैहतपुर (ऊना)। शारदीय नवरात्र में गांव रायपुर सहोड़ा के प्राचीन श्रीरामेश्वर शिव मंदिर में प्रथम नवरात्र से निरंतर नौ दिन तक नित्य सायंकालीन आरती में महिषासुर मर्दिनी स्तोत्र के साथ मां भगवती जगदंबा की महाआरती उतारी गई। वहीं, आरती के उपरांत प्रतिदिन 108 कन्याओं का विधिपूर्वक पूजन किया गया।
शनिवार को नवरात्र के अंतिम दिन मां भगवती की महाआरती के बाद प्रतिदिन की तरह 108 कन्याओं के पूजन के साथ ही यह धार्मिक अनुष्ठान संपन्न हुआ। प्रथम नवरात्र को प्रसिद्ध शक्तिपीठ मां नैना देवी से लाई गई अखंड ज्योति को नवरात्र के अंतिम दिन शनिवार को विधिविधान के साथ विसर्जित किया गया। मंदिर में इस प्रकार के धार्मिक अनुष्ठान का प्रारंभ आज से 10 वर्ष पूर्व मंदिर के मुख्य प्रबंधक दिवंगत निरंजन दत्त शास्त्री उपाध्याय ने शुरू करवाया था। उसी प्रथा को जारी रखते हुए मंदिर में शारदीय तथा चैत्र नवरात्र में महाआरती के बाद 108 कन्याओं का पूजन किया जाता है।
इन नवरात्र में मां भगवती जगदंबा के नौ रूपों की पूजा की जाती है। शिव मंदिर के मुख्य पुरोहित नरेश कुमार ने बताया कि जिस प्रथा को गुरुजी यानी शास्त्री निरंजन दत्त उपाध्याय ने शुरू किया था, उस परंपरा को गांववासी पूरी आस्था के साथ निरंतर निभाते आ रहे हैं। इस अनुष्ठान में स्थानीय गांववासियों के साथ-साथ दूसरे गांव के लोग भी शामिल होते रहे और कन्या पूजन कर मां भगवती का आशीर्वाद लेते देखे गए।
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फोटो कैप्शन: रायपुर सहोड़ा शिव मंदिर में कन्या पूजन का दृश्य: संवाद
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शनिवार को नवरात्र के अंतिम दिन मां भगवती की महाआरती के बाद प्रतिदिन की तरह 108 कन्याओं के पूजन के साथ ही यह धार्मिक अनुष्ठान संपन्न हुआ। प्रथम नवरात्र को प्रसिद्ध शक्तिपीठ मां नैना देवी से लाई गई अखंड ज्योति को नवरात्र के अंतिम दिन शनिवार को विधिविधान के साथ विसर्जित किया गया। मंदिर में इस प्रकार के धार्मिक अनुष्ठान का प्रारंभ आज से 10 वर्ष पूर्व मंदिर के मुख्य प्रबंधक दिवंगत निरंजन दत्त शास्त्री उपाध्याय ने शुरू करवाया था। उसी प्रथा को जारी रखते हुए मंदिर में शारदीय तथा चैत्र नवरात्र में महाआरती के बाद 108 कन्याओं का पूजन किया जाता है।
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इन नवरात्र में मां भगवती जगदंबा के नौ रूपों की पूजा की जाती है। शिव मंदिर के मुख्य पुरोहित नरेश कुमार ने बताया कि जिस प्रथा को गुरुजी यानी शास्त्री निरंजन दत्त उपाध्याय ने शुरू किया था, उस परंपरा को गांववासी पूरी आस्था के साथ निरंतर निभाते आ रहे हैं। इस अनुष्ठान में स्थानीय गांववासियों के साथ-साथ दूसरे गांव के लोग भी शामिल होते रहे और कन्या पूजन कर मां भगवती का आशीर्वाद लेते देखे गए।
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फोटो कैप्शन: रायपुर सहोड़ा शिव मंदिर में कन्या पूजन का दृश्य: संवाद