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दिव्यांगों के टीचरों को हो डिग्री करने का प्रावधान: आर्य
Updated Mon, 15 Jan 2018 07:51 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
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मैहतपुर(ऊना)।
बाबू जगजीवन राम एजुकेशनल चैरिटेबल ट्रस्ट में पांच दिवसीय सतत पुनर्वास प्रशिक्षण सेमिनार के दूसरे दिन जिला परिषद सदस्य पंकज सहोड़ ने सेमिनार का शुभारंभ किया। इस सेमिनार में दिव्यांगजनों को शिक्षित करने वाले उनके शिक्षकों को सेमिनार में अपडेट किया जा रहा है। पंकज सहोड़ ने कहा कि राज्य सरकार को प्रदेश के इन विशेष बच्चों के स्कूलों के लिए अधिक से अधिक आर्थिक सहायता देकर सक्षम बनाना चाहिए।
सहोड़ ने कहा कि विशेष बच्चों को शिक्षित करने वाले शिक्षकों को स्वच्छता अभियान में बढ़चढ़ कर सहभागी बनाना चाहिए जिससे ये विशेष बच्चे भी प्रेरणा पा सकें। भारतीय पुनर्वास परिषद उत्तरी भारत के चेयरमैन एवं बीजेआर संस्थान मैहतपुर के संस्थापक डॉ. केआर आर्य ने कहा कि प्रदेश में विशेष बच्चों को पढ़ाने वाले शिक्षकों के लिए बेशक डिप्लोमा कोर्सेज हैं लेकिन डिग्री का अभी तक कोई प्रावधान नहीं है।
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राज्य सरकार को प्रदेश विश्वविद्यालय में ऐसे शिक्षकों के लिए डिग्री का प्रावधान शुरू करना चाहिए। संस्थान की प्रबंध निदेशक डॉ. शकुंतला आर्य ने कहा कि संस्थान में प्रशिक्षित होकर निकले करीब आधा दर्जन टीचर कहीं न कहीं सरकारी सेवा में जा चुके हैं। इस अवसर पर कोऑर्डिनेटर नागेंद्र प्रताप, पूर्व पार्षद विनोद कुमार, समाजसेवी राकेश नैयर मौजूद रहे।
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