Himachal News: युवाओं को नशे के दलदल में जाने से रोकेंगी पंचायतें, चिह्नित होंगे संदिग्ध
हिमाचल में राजभवन शिमला में नशा उन्मूलन को लेकर राज्यस्तरीय कार्यशाला में फैसला लिया गया कि ग्राम पंचायतें संदिग्ध लोगों की पहचान कर उन्हें नशे की आदत लगने से पहले सहायता प्रदान करेंगी।
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हिमाचल प्रदेश में समुदाय के साथ घनिष्ठ संबंध बनाकर ग्राम पंचायतें संदिग्ध लोगों की पहचान कर उन्हें नशे की आदत लगने से पहले सहायता प्रदान करेंगी। नशे की आदत से मजबूर लोगों और उनके परिवारों को सहायता प्रदान करने में स्थानीय सहायता समूहों, पुनर्वास कार्यक्रमों और परामर्श केंद्रों की भी मदद ली जाएगी। बुधवार को राजभवन शिमला में नशा उन्मूलन को लेकर राज्यस्तरीय कार्यशाला में यह फैसला लिया गया। इस अवसर पर राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने कहा कि पंचायतीराज संस्थाओं के प्रतिनिधियों के सहयोग से नशे की बुराई का समूल नाश किया जाएगा। पंचायतीराज मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने नशा मुक्त ग्राम पंचायतों को प्रोत्साहित करने का एलान किया।
राज्यपाल ने कहा कि देवभूमि की सार्थकता को बनाए रखने के लिए सामुदायिक सहभागिता को सुनिश्चित कर प्रदेश के भविष्य युवाओं को नशे की प्रवृति से बचाया जाएगा। इस कार्यक्रम की राज्य के स्वास्थ्य, सामाजिक स्थिरता और आर्थिक प्रगति को प्रभावित करने वाले विषय के सार्थक समाधान में महत्वपूर्ण भूमिका है। युवा समाज की अमूल्य निधि है और युवाओं से जुड़े मामलों को प्रभावी ढंग से सुलझाने की आवश्यकता है। राज्यपाल ने कहा कि नशे की बुराई से निपटने में पंचायती राज संस्थाएं महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं और जनप्रतिनिधि के तौर पर वे लोगों को मादक द्रव्यों के सेवन से होने वाले दुष्प्रभावों से जागरूक कर सकते हैं।
राज्यपाल ने कहा कि देवभूमि हिमाचल प्रदेश में नशे के लिए कोई जगह नहीं होनी चाहिए। इसके कारण सामाजिक मूल्य नष्ट हो जाते हैं, जिसके परिणामस्वरूप संयुक्त परिवार टूट रहे हैं। राज्यपाल ने राज्य में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाली ग्राम पंचायतों को सम्मानित भी किया। उन्होंने मादक पदार्थों के सेवन से निपटने में पंचायती राज संस्थाओं की भूमिका पर आधारित पुस्तक का विमोचन भी किया। इसके उपरांत राज्यपाल ने राज्य स्तरीय मास्टर प्रशिक्षकों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। पंचायती राज विभाग के निदेशक राघव शर्मा ने नशीली दवाओं और मादक द्रव्यों के सेवन पर प्रस्तुति दी। अतिरिक्त निदेशक पंचायती राज नीरज चांदला ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया। राज्यपाल के सचिव सीपी वर्मा, उपायुक्त अनुपम कश्यप, पुलिस अधीक्षक संजीव गांधी भी कार्यशाला में शामिल हुए।
नशा छीन रहा युवाओं के सपने और लक्ष्य : अनिरुद्ध
ग्रामीण विकास और पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने कहा कि नशा मुक्त पंचायतों को प्रोत्साहित किया जाएगा। नशा युवाओं से उनके सपनों और लक्ष्यों को छीन रहा है। पंचायत प्रतिनिधि ग्रामीण भारत के संरक्षक हैं और लोग उनसे गहरा जुड़ाव महसूस करते हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि जन सहभागिता के साथ जागरूकता अभियान, नुक्कड़ नाटक जैसे प्रयास किए जाने चाहिए। युवा क्लब, मनोरंजन क्लब तथा खेलकूद जैसी गतिविधियों को प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।
शिमला जिले की थानाधार पंचायत को तीन पुरस्कार
- कार्यशाला के दौरान प्रदेश की विभिन्न पंचायतों के प्रतिनिधियों को सम्मानित भी किया। पुरस्कार राज्यपाल ने दिए।
- कार्यशाला के दौरान शिमला के नारकंडा विकास खंड की थानाधार पंचायत को स्वच्छ और हरित ग्राम पंचायत, सामाजिक रूप से सुरक्षित ग्राम पंचायत और सुशासन वाली ग्राम पंचायत के लिए तीन पुरस्कार मिले।
- गरीबी मुक्त एवं उन्नत आजीविका ग्राम पंचायत का पुरस्कार ग्राम पंचायत कंडीधार बंजार
- स्वस्थ पंचायत का पुरस्कार ग्राम पंचायत बखान खंड निरमंड
- बाल हितैषी ग्राम पंचायत का पुरस्कार ग्राम पंचायत पंडवीं विकास खंड भोरंज जिला हमीरपुर
- जल पर्याप्त ग्राम पंचायत का पुरस्कार ग्राम पंचायत सिकंदर विकास खंड बमसन हमीरपुर को
- आत्मनिर्भर बुनियादी ढांचा युक्त ग्राम पंचायत का पुरस्कार ग्राम पंचायत कौलापुर विकास खंड परागपुर जिला कांगड़ा
- महिला हितैषी ग्राम पंचायत का पुरस्कार ग्राम पंचायत बाग पशोग विकास खंड पच्छाद जिला सिरमौर को मिला