Una: विदेश में नौकरी करने का 18 युवाओं का सपना पूरा, 100 पदों के लिए प्रदेशभर से पहुंचे 457 युवा; जानें
ओवरसीज रिक्रूटमेंट ड्राइव की श्रृंखला के राज्य स्तरीय कार्यक्रम में ट्रेलर चालक बनने के लिए प्रदेशभर से 457 युवाओं ने भाग लिया। इसमें महज 18 युवाओं को विदेश में नौकरी करने का सपना साकार हो पाया है। पढ़ें पूरी खबर...
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हरोली विस क्षेत्र के पालकवाह में हिमाचल सरकार की ओर करवाई गई ओवरसीज रिक्रूटमेंट ड्राइव की श्रृंखला के राज्य स्तरीय कार्यक्रम में ट्रेलर चालक बनने के लिए प्रदेशभर से 457 युवाओं ने भाग लिया। 100 पदों के लिए यह भर्ती प्रक्रिया हुई। इसमें महज 18 युवाओं को विदेश में नौकरी करने का सपना साकार हो पाया है। इतनी तादाद में युवा रिक्रूटमेंट ड्राइव शामिल हुए लेकिन तकनीकी कौशल में दक्षता नहीं दिखा पाए।
अधिकतर ट्रक चालक युवा रिक्रूटमेंट ड्राइव में शामिल हुए लेकिन विदेश में ट्रेलर चालक के लिए यह भर्ती हुई। इसमें ट्रक चालक ट्रेलर चालक बनने की दक्षता टेस्ट में नहीं दिखा पाए। इसके अलावा अभ्यर्थियों की अंग्रेजी कौशल क्षमता का परीक्षण पालकवाह सभागार परिसर एवं ड्राइविंग टेस्ट कांगड़ मैदान में लिया गया। चयनित अभ्यर्थियों को दुबई के जेबेल अली पोर्ट में नियुक्ति मिली है। उन्हें 2,250 यूएई दिरहम (लगभग 52,000 रुपये) मासिक वेतन, आवास, ओवरटाइम और अन्य भत्तों की सुविधा मिलेगी। प्रदेश के लेबर कमिश्नर डॉ. वीरेंद्र शर्मा ने बताया कि यह पहली बार है जब प्रदेश सरकार ने युवाओं को विदेश भेजने के लिए औपचारिक नीति बनाई है।
विदेश मंत्रालय की ओर से निर्धारित फीस के अनुसार युवाओं को बाहर भेजा जाएगा। विदेश में अलग-अलग ट्रेडों में नौकरियों की डिमांड के अनुसार चयन होगा। हमीरपुर में पहले कैंप में 29 उम्मीदवारों का चयन हुआ और उनकी वीजा प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। उन्हें जल्द ही विदेश रवाना किया जाएगा। उन्होंने बताया कि सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि विदेश में भेजे गए युवाओं को कोई कठिनाई या ठगी न हो। इसके लिए डेडिकेटेड हेल्पलाइन स्थापित की जा रही है। राज्य इलेक्ट्रॉनिक्स निगम एक सॉफ्टवेयर भी विकसित कर रहा है, जिससे युवा अपनी शिकायतें और समस्याएं सीधे साझा कर सकेंगे।
युवाओं को विदेशों में सुरक्षित रोजगार से जोड़ेगी सरकार : मुकेश
उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि विदेशों में स्किल की मांग है जिससे प्रदेश के युवा लाभान्वित होंगे। उन्होंने कहा कि एक समय ऐसा भी था जब विदेश में रोजगार दिलाने के नाम पर लोगों से ठगी होती थी। माता-पिता अपने जीवन की गाढ़ी कमाई खर्च कर बच्चों को भेजते थे पर अवैध और जालसाजी से ठगे जाते थे। अब हिमाचल सरकार ने तय किया है कि युवाओं को सुलभ, सस्ता और कानूनी तरीके से भेजा जाएगा। हिमाचल सरकार युवाओं को विदेशों में सुरक्षित रोजगार से जोड़ेगी।
अग्निहोत्री सोमवार को पालकवाह में आयोजित हिमाचल सरकार की ‘ओवरसीज रिक्रूटमेंट ड्राइव’ की श्रृंखला के राज्य स्तरीय कार्यक्रम के शुभारंभ सत्र में बतौर मुख्यातिथि बोल रहे थे। उपमुख्यमंत्री ने कहा यह सरकार का सबसे सुरक्षित, कानूनी और पारदर्शी तरीका है जिससे हिमाचल के युवा अपनी स्किल के अनुसार विदेश में रोजगार प्राप्त कर सकेंगे। विदेशों में स्किल की मांग है और हिमाचल प्रदेश के युवा इससे लाभान्वित होंगे। इस पहल से रोजगार कार्यालय की कार्यप्रणाली में नवाचार आएगा और युवाओं को हरसंभव सहायता मिलेगी। अग्निहोत्री ने विभाग से इस अभियान को और विस्तारित करने तथा युवाओं की हर संभव मदद सुनिश्चित करने का निर्देश भी दिया। उन्होंने युवाओं से ऑनलाइन ठगी से सावधान रहने और डाटा सुरक्षा के प्रति सतर्कता बरतने का भी आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि अब प्रदेश सरकार स्वयं जिम्मेदारी लेकर युवाओं को विदेश भेजने की पूरी प्रक्रिया को व्यवस्थित और पारदर्शी बनाएगी ताकि किसी को भी ठगी, धोखे या असुरक्षा की स्थिति का सामना न करना पड़े। विदेशों में उपलब्ध विभिन्न ट्रेडों में नौकरियों की मांग के अनुसार युवाओं का चयन किया जाएगा ताकि कौशल और अवसर का सही समन्वय सुनिश्चित हो सके। उपमुख्यमंत्री ने सांकेतिक रूप से चार चयनित युवाओं को प्रोविजनल ऑफर लेटर भी प्रदान किए।