फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   State government could not give HP School Education Board neither permanent president nor BOD for two years

HP Board: दो साल से हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड को न स्थायी अध्यक्ष, न बीओडी दे सकी प्रदेश सरकार

Sat, 15 Feb 2025 05:00 AM IST
अंकेश डोगरा विपिन चौधरी, संवाद न्यूज एजेंसी, धर्मशाला
विपिन चौधरी, संवाद न्यूज एजेंसी, धर्मशाला Published by: अंकेश डोगरा Updated Sat, 15 Feb 2025 05:00 AM IST
सार

दो साल से हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड को सुक्खू सरकार न तो स्थायी अध्यक्ष दे पाई न ही प्रदेश सरकार शिक्षा बोर्ड की बीओडी का गठन कर सकी है। 

विज्ञापन
State government could not give HP School Education Board neither permanent president nor BOD for two years
हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड - फोटो : संवाद

विस्तार

हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड पिछले दो वर्ष से उधार के प्रबंधन पर चल रहा है। शिक्षा बोर्ड में मौजूदा समय में न तो स्थायी अध्यक्ष है और न ही प्रदेश सरकार शिक्षा बोर्ड की बीओडी का गठन कर सकी है। इसके चलते बोर्ड प्रबंधन में कई छात्र और कर्मचारी हित के कार्य लटके हुए हैं। हालांकि कुछ फैसले लिए जा रहे हैं, लेकिन इन फैसलों को इमरजेंसी की स्थिति में कार्यकारी बोर्ड अध्यक्ष ही ले रहे हैं।

विज्ञापन


जानकारी के अनुसार हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड पिछले दो वर्ष से बिना स्थायी बोर्ड अध्यक्ष के चल रहा है। शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष का जिम्मा मौजूदा समय में जिलाधीश कांगड़ा हेमराज बैरवा को दिया गया है। एक जिलाधीश होने के नाते शिक्षा बोर्ड को कितना समय दे पाते होंगे, इसका अंदाजा खुद ही लगाया जा सकता है। इसके अलावा हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड में पिछले दो वर्ष से बीओडी का भी गठन नहीं किया गया है, जिसका खामियाजा बोर्ड कर्मचारियों और विद्यार्थियों को उठाना पड़ रहा है।

विज्ञापन

उल्लेखनीय है कि शिक्षा बोर्ड में कर्मचारी और छात्र हित सहित कई प्रकार के फैसले होते हैं, जिनका निर्णय बीओडी करती है। इसके अलावा बोर्ड प्रबंधन को कितना बजट खर्च करना है, छात्रों को छात्रवृत्ति देने सहित उनके हित में कार्य करने का फैसला बीओडी लेती है। पिछले दो वर्ष से इस प्रकार के कोई निर्णय नहीं लिया जा सके हैं। वहीं इस संदर्भ में शिक्षा बोर्ड के कार्यकारी अध्यक्ष एवं जिलाधीश कांगड़ा हेमराज बैरवा से बात करनी चाही तो उन्होंने फोन ही नहीं उठाया।

क्या कहते हैं बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष
हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष एसके सोनी का कहना है कि शिक्षा बोर्ड को चलाने में जहां एक स्थायी अध्यक्ष का होना जरूरी है, वहीं बीओडी का होना भी उतना ही जरूरी है। बीओडी न होने के कारण छात्र हित सहित कई प्रकार के अन्य फैसले लेने में बोर्ड अध्यक्ष को दिक्कत आती है। हालांकि बोर्ड अध्यक्ष कई बार इमरजेंसी में निर्णय ले सकते हैं, लेकिन वह निर्णय उनका स्वयं का होता है। अगर बीओडी होगी तो उसमें चर्चा के बाद निर्णय होगा, जोकि सबके लिए ठीक रहता है।

न बजट का हो रहा प्रावधान, न कर्मियों के बन रही कोई नीति : सुनील
वहीं हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड कर्मचारी यूनियन के अध्यक्ष सुनील शर्मा ने बताया कि बोर्ड में पिछले दो वर्षों से बीओडी नहीं है। इसके चलते बोर्ड के कर्मचारियों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बीओडी न होने के कारण दो साल से बोर्ड के लिए नया बजट नहीं बन पाया है। साथ ही छात्रों के हित में भी फैसले नहीं लिए जा सके हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार को जल्द बोर्ड की बीओडी का गठन करना चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed