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अंबुजा सीमेंट के मुख्य द्वार पर टेंट लगाकर किया गया धरना प्रदर्शन
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संवाद न्यूज एजेंसी
दाड़लाघाट(सोलन)। अखिल भारतीय सीमेंट मजदूर महासंघ के आह्वान पर दाड़लाघाट में धरना-प्रदर्शन किया गया। श्रमिकों ने अंबुजा सीमेंट कंपनी के मुख्य द्वार पर टेंट लगाकर जमकर नारेबाजी की।
महासंघ के महामंत्री ओमप्रकाश शर्मा ने बताया कि पुराना सीमेंट वेतन समझौता 31 मार्च 2022 को समाप्त हो चुका है। एक अप्रैल से नया समझौता लागू हो चुका है लेकिन तीन महीने पूरे होने के बाद अभी तक सीमेंट निर्माता संघ ने वार्ता के लिए तिथि तय नहीं की है।
उन्होंने कहा कि आज पूरे भारत में आठ घंटे का धरना-प्रदर्शन किया गया। यदि सीमेंट निर्माता संघ ने वार्ता के लिए नहीं बुलाया तो शीघ्र ही काली पट्टी लगाकर टूल डाउन समेत कार्य रोको अभियान चलाया जाएगा। सीमेंट उद्योगों में ठेका श्रमिकों की संख्या 80 प्रतिशत हो गई है।
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सरकार और प्रशासन मांगों पर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं। इसलिए आने वाले समय मे सीमेंट उद्योगों में अशांति का वातावरण बनता रहेगा, जब तक वेतन समझौता नहीं होगा। इस प्रदर्शन में अध्यक्ष सुरेश कुमार, महामंत्री नरेश कुमार, उपाध्यक्ष टेक चंद, सचिव राकेश महाजन, कमल भट्टी, कोषाध्यक्ष रुवेश सहित लगभग 450 श्रमिकों ने भाग लिया।
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दाड़लाघाट(सोलन)। अखिल भारतीय सीमेंट मजदूर महासंघ के आह्वान पर दाड़लाघाट में धरना-प्रदर्शन किया गया। श्रमिकों ने अंबुजा सीमेंट कंपनी के मुख्य द्वार पर टेंट लगाकर जमकर नारेबाजी की।
महासंघ के महामंत्री ओमप्रकाश शर्मा ने बताया कि पुराना सीमेंट वेतन समझौता 31 मार्च 2022 को समाप्त हो चुका है। एक अप्रैल से नया समझौता लागू हो चुका है लेकिन तीन महीने पूरे होने के बाद अभी तक सीमेंट निर्माता संघ ने वार्ता के लिए तिथि तय नहीं की है।
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उन्होंने कहा कि आज पूरे भारत में आठ घंटे का धरना-प्रदर्शन किया गया। यदि सीमेंट निर्माता संघ ने वार्ता के लिए नहीं बुलाया तो शीघ्र ही काली पट्टी लगाकर टूल डाउन समेत कार्य रोको अभियान चलाया जाएगा। सीमेंट उद्योगों में ठेका श्रमिकों की संख्या 80 प्रतिशत हो गई है।
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सरकार और प्रशासन मांगों पर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं। इसलिए आने वाले समय मे सीमेंट उद्योगों में अशांति का वातावरण बनता रहेगा, जब तक वेतन समझौता नहीं होगा। इस प्रदर्शन में अध्यक्ष सुरेश कुमार, महामंत्री नरेश कुमार, उपाध्यक्ष टेक चंद, सचिव राकेश महाजन, कमल भट्टी, कोषाध्यक्ष रुवेश सहित लगभग 450 श्रमिकों ने भाग लिया।