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Solan News: दिहाड़ी बढ़ाने को लेकर कामगारों ने किया प्रदर्शन
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नालागढ़ नप में कार्य कर रहे कामगारों में सौंपा एसडीएम को मांग पत्रसंवाद न्यूज एजेंसी
नालागढ़(सोलन)। नालागढ़ में नप क्षेत्र में कार्य कर रहे कामगारों ने दिहाड़ी बढ़ाने और नियमित करने की मांग को लेकर कामगारों ने कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। बाद में कामगारों ने उपमंडलाधिकारी दिव्यांशु सिंगल को मांग पत्र सौंपा है।
उपमंडलाधिकारी को दिए मांग पत्र में कामगारों ने बताया कि पिछले 15 सालों से नगर परिषद नालागढ़ क्षेत्र में सफाई का कार्य करते हैं। पूरे शहर को साफ करने की जिम्मेदारी उनकी है, लेकिन इतना लंबा समय बीत जाने के बाद भी किसी भी कर्मचारी को नियमित नहीं किया गया है। उल्टा उन्हें ठेकेदार के अधीन कर दिया है। ठेकेदार सभी सफाई कर्मचारियों को 300 रुपये प्रति दिन के हिसाब से दिहाड़ी दे रहा है। सफाई कार्य का लाभ ठेकेदार उठा रहा है। उनका पिछले दस-पंद्रह साल से पीएफ भी नहीं काटा गया है। पंजाब और हरियाणा में सफाई कर्मचारियों को 18 हजार रुपये प्रति माह के हिसाब से मानदेय दिया जाता है। एक मिस्त्री के साथ मजदूर भी दिहाड़ी छह सौ रुपये प्रति दिन के हिसाब से ले रहा है, लेकिन उन्हें आज भी 300 रुपये दिहाड़ी मिल रही है। उन्होंने एसडीएम से मांग की है कि उनकी दिहाड़ी 500 रुपये कराई जाए, जिससे वह अपने परिवार का पालन पोषण कर सकें।
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नालागढ़(सोलन)। नालागढ़ में नप क्षेत्र में कार्य कर रहे कामगारों ने दिहाड़ी बढ़ाने और नियमित करने की मांग को लेकर कामगारों ने कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। बाद में कामगारों ने उपमंडलाधिकारी दिव्यांशु सिंगल को मांग पत्र सौंपा है।
उपमंडलाधिकारी को दिए मांग पत्र में कामगारों ने बताया कि पिछले 15 सालों से नगर परिषद नालागढ़ क्षेत्र में सफाई का कार्य करते हैं। पूरे शहर को साफ करने की जिम्मेदारी उनकी है, लेकिन इतना लंबा समय बीत जाने के बाद भी किसी भी कर्मचारी को नियमित नहीं किया गया है। उल्टा उन्हें ठेकेदार के अधीन कर दिया है। ठेकेदार सभी सफाई कर्मचारियों को 300 रुपये प्रति दिन के हिसाब से दिहाड़ी दे रहा है। सफाई कार्य का लाभ ठेकेदार उठा रहा है। उनका पिछले दस-पंद्रह साल से पीएफ भी नहीं काटा गया है। पंजाब और हरियाणा में सफाई कर्मचारियों को 18 हजार रुपये प्रति माह के हिसाब से मानदेय दिया जाता है। एक मिस्त्री के साथ मजदूर भी दिहाड़ी छह सौ रुपये प्रति दिन के हिसाब से ले रहा है, लेकिन उन्हें आज भी 300 रुपये दिहाड़ी मिल रही है। उन्होंने एसडीएम से मांग की है कि उनकी दिहाड़ी 500 रुपये कराई जाए, जिससे वह अपने परिवार का पालन पोषण कर सकें।
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