{"_id":"57af0eea4f1c1be82cee438b","slug":"without-briz-people-cross-river","type":"story","status":"publish","title_hn":" बिना पुल जान जोखिम में डालकर नदी पार करने को मजबूर हैं सौड़ी के लोग ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बिना पुल जान जोखिम में डालकर नदी पार करने को मजबूर हैं सौड़ी के लोग
ब्यूरो, बद्दी सोलन
Updated Tue, 16 Aug 2016 10:01 AM IST
विज्ञापन
दून विधानसभा की सौड़ी पंचायत के लोग पुल न होने से बांस की पांच फुट की लाठी के सहारे पानी के तेज बहाव वाली बालद नदी पार करने का जोखिम उठाने को मजबूर हैं।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दून विधानसभा की सौड़ी पंचायत के लोग पुल न होने से बांस की पांच फुट की लाठी के सहारे पानी के तेज बहाव वाली बालद नदी पार करने का जोखिम उठाने को मजबूर हैं। प्रदेश को सबसे अधिक राजस्व उपलब्ध करवाने वाले दून विधानसभा क्षेत्र की यह हकीकत हैरत भरी है। लोग आज भी नदियों पर पुल के लिए सरकार और प्रशासन से गुहार तो लगा रहे हैं पर सुनता कोई नहीं है।
विज्ञापन
सौड़ी पंचायत के एससी बाहुल इलाके माजरी, अरेटा, बेह मंडी, बंद कोलियां, टिक्कर, नवागांव, रतनगढ़ सहित अन्य गांवों को एक-दूसरे से जुड़ने के लिए इस नदी को पार करना पड़ता है। नदी पर पुल की व्यवस्था न होने से यहां के ग्रामीण बांस की एक पांच फुट की लाठी लेकर ही सीने तक की ऊंचाई और तेज बहाव की इस नदी में उतरते हैं। मजबूरी यह कि नदी के आरपार अपने संबंधियों तक पहुंचने तथा स्कूल, कॉलेज, राशन डिपो, गैस और नौकरी के लिए अन्य विकल्पों की कमी है। नदी के आरपार के इन गांवों को बरसात के दिनों में सबसे अधिक परेशानी झेलनी पड़ती है।
विज्ञापन
35 किमी दूर सड़क का विकल्प
बरसात के बीच लोग नदी में नहीं उतर पाते। इस दौरान यहां के लोग एक किलोमीटर की दूरी के लिए 36 किलोमीटर से अधिक का सफर तय करने को मजबूर हैं। ग्रामीणों को सरकार से आज तक आश्वासनों के सिवाय कुछ नहीं मिला। ग्रामीण भंगी राम, किशोरी लाल, सुख राम, चैत राम, वीरू राम, रमेश, अवतार, लक्ष्मी चंद, टेक चंद, राम प्रताप, रोशनी देवी, विमला देवी, राम पति, सुमन, सुनीता, गुरमीत, दुश्यंत, शांति देवी, परमानंद, संजू देवी, सावित्री, ध्यान सिंह, मान सिंह, वीर देई, करतार और कृष्णा ने कहा कि उनकी आमदन इतनी नहीं कि वह नदी आरपार करने के लिए रोजाना 35 किलोमीटर का सफर तय करें। सरकार चाहे तो उनके लिए झूला पुल तैयार करवाए अथवा वह सालों से जिस जोखिम को उठा रहे हैं, आगे भी उठाते ही रहेंगे। कहा कि कई दफा उनके जानवर भी नदी में बह चुके हैं।
विज्ञापन
पंचायत ने सरकार और प्रशासन को दिया प्रस्ताव
पंचायत प्रधान राजिंद्र कौर, उप प्रधान केदार नाथ, पंच रोशन लाल, बीडीसी सुनीता देवी और जिला परिषद सदस्य सुमन लता ने कहा कि पंचायत स्तर पर प्रस्ताव पास कर डीसी से लेकर विधायक राम कुमार चौधरी तथा मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह को भेजे हैं। इसमें उन्होंने झूला पुल निर्माण को लेकर आश्वासन दिया है। कहा कि जान जोखिम को देखते हुए सरकार को इसे जल्द स्वीकृत करना चाहिए।