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Solan News: उद्यमियों के लिए करोड़ों की लागत से तैयार किए वेयर हाउस में बिक रही गेंहू
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संवाद न्यूज एजेंसी
बद्दी (सोलन)। बद्दी की मलपुर पंचायत में करोड़ों रुपये की लागत से बने वेयर हाउस का उद्यमियों ने अभी तक कोई लाभ नहीं लिया है। इस वेयर हाउस में इन दिनों गेंहू बिक रही है। जिसके बाद अब उद्योग विभाग इसे कंटेनर कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया को देने की तैयारी कर रहा है। अनदेखी के चलते बिना इस्तेमाल किए ही खंडहर होते जा रहे हैं। उद्योगों में निर्मित सामान और कच्चे माल को रखने के मकसद से वर्ष 2018-19 में इसे तैयार किया गया था। 100 बीघा जमीन में 40 करोड़ रुपये खर्च करने के बाद भी यह उद्यमियों के किसी काम नहीं आ सके। सरकार औद्योगिक विभाग की नाकामी के चलते यहां बनी करोड़ों रुपये की इमारतें खंडहर बनती जा रही हैं। इस बड़े परिसर भवन की अनदेखी के चलते परिसर के प्रांगण में जंगली घास और पौधे उगने शुरू हो गए हैं और शरारती तत्वों ने बिल्डिंग की दीवारों पर लगी खिड़कियां तक तोड़ दी हैं। वेयरहाउस के इस परिसर में चार बड़े परिसर बनाए गए हैं। जिनका निर्माण उद्योग में इस्तेमाल होने वाली मशीनरी को लेकर आने और कच्चे माल को लेकर आने जाने वाले बड़े-बड़े कंटेनरों के हिसाब से इनकी लंबाई-चौड़ाई और ऊंचाई बनाई गई है, ताकि किसी भी तरह की कोई भी परेशानी उद्योगों तक पहुंचने वाले बढ़े वाहनों से लेकर उद्यमियों को न हो। उधर, उद्योग विभाग के उप निदेशक योगेश गुप्ता ने कहा कि विभाग की ओर से तैयार किए गए इस परिसर की सारी जानकारी उच्च अधिकारियों को दी जा चुकी है। विभाग ने कंटेनर कॉरपोरेशन इंडिया से बात की जा रही है। उम्मीद है कि जल्द ही इसका आवंटित विभाग की ओर से कर दिया जाएगा।
सरल पॉलिसी बनाकर उद्यमियों को आवंटन किया जाए : अशोक राणा
लघु उद्योग संघ प्रदेश अध्यक्ष अशोक राणा ने कहा कि सरकार ने जो करोड़ों रुपये खर्च करके वेयर हाउस बनाए हैं उनको जरूरतमंद उद्यमियों को सरल पॉलिसी बनाकर आवंटित किया जाना चाहिए। फेडरेशन ऑफ इंडिया के राज्य अध्यक्ष चिरंजीव ठाकुर ने कहा कि सरकार ने निर्मित किए गए वेयर हाउस जिसमें करोड़ों रुपये खर्च किए गए हैं, उनका लाभ उद्यमियों को नहीं मिला जिन पर करोड़ों रुपये खर्च किए गए हैं उनको खंडहर होने से बचाए जाने के लिए जल्द आवंटन करना चाहिए।
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बद्दी (सोलन)। बद्दी की मलपुर पंचायत में करोड़ों रुपये की लागत से बने वेयर हाउस का उद्यमियों ने अभी तक कोई लाभ नहीं लिया है। इस वेयर हाउस में इन दिनों गेंहू बिक रही है। जिसके बाद अब उद्योग विभाग इसे कंटेनर कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया को देने की तैयारी कर रहा है। अनदेखी के चलते बिना इस्तेमाल किए ही खंडहर होते जा रहे हैं। उद्योगों में निर्मित सामान और कच्चे माल को रखने के मकसद से वर्ष 2018-19 में इसे तैयार किया गया था। 100 बीघा जमीन में 40 करोड़ रुपये खर्च करने के बाद भी यह उद्यमियों के किसी काम नहीं आ सके। सरकार औद्योगिक विभाग की नाकामी के चलते यहां बनी करोड़ों रुपये की इमारतें खंडहर बनती जा रही हैं। इस बड़े परिसर भवन की अनदेखी के चलते परिसर के प्रांगण में जंगली घास और पौधे उगने शुरू हो गए हैं और शरारती तत्वों ने बिल्डिंग की दीवारों पर लगी खिड़कियां तक तोड़ दी हैं। वेयरहाउस के इस परिसर में चार बड़े परिसर बनाए गए हैं। जिनका निर्माण उद्योग में इस्तेमाल होने वाली मशीनरी को लेकर आने और कच्चे माल को लेकर आने जाने वाले बड़े-बड़े कंटेनरों के हिसाब से इनकी लंबाई-चौड़ाई और ऊंचाई बनाई गई है, ताकि किसी भी तरह की कोई भी परेशानी उद्योगों तक पहुंचने वाले बढ़े वाहनों से लेकर उद्यमियों को न हो। उधर, उद्योग विभाग के उप निदेशक योगेश गुप्ता ने कहा कि विभाग की ओर से तैयार किए गए इस परिसर की सारी जानकारी उच्च अधिकारियों को दी जा चुकी है। विभाग ने कंटेनर कॉरपोरेशन इंडिया से बात की जा रही है। उम्मीद है कि जल्द ही इसका आवंटित विभाग की ओर से कर दिया जाएगा।
सरल पॉलिसी बनाकर उद्यमियों को आवंटन किया जाए : अशोक राणा
लघु उद्योग संघ प्रदेश अध्यक्ष अशोक राणा ने कहा कि सरकार ने जो करोड़ों रुपये खर्च करके वेयर हाउस बनाए हैं उनको जरूरतमंद उद्यमियों को सरल पॉलिसी बनाकर आवंटित किया जाना चाहिए। फेडरेशन ऑफ इंडिया के राज्य अध्यक्ष चिरंजीव ठाकुर ने कहा कि सरकार ने निर्मित किए गए वेयर हाउस जिसमें करोड़ों रुपये खर्च किए गए हैं, उनका लाभ उद्यमियों को नहीं मिला जिन पर करोड़ों रुपये खर्च किए गए हैं उनको खंडहर होने से बचाए जाने के लिए जल्द आवंटन करना चाहिए।
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