फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Solan News ›   Water Problem

पेयजल समस्या पर लोगों व पार्षदों का पैदल मार्च

Wed, 26 Aug 2015 11:30 PM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, सोलन।
ब्यूरो/ अमर उजाला, सोलन। Updated Wed, 26 Aug 2015 11:30 PM IST
विज्ञापन

शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में विकराल रूप धारण कर चुकी पेयजल समस्या को लेकर लोगों व पार्षदों ने शहर में पैदल मार्च किया। पेयजल किल्लत के लिए आईपीएच और प्रशासन में तालमेल की कमी को जिम्मेदार ठहराया गया। भाजपा की अगुवाई में लोगों ने रोष प्रकट करते हुए उपायुक्त सोलन को शिकायती पत्र दिया। इसमें शहर में पानी की स्थिति को सुधारने की गुहार लगाई।

विज्ञापन


वहीं डीसी के माध्यम से आईपीएच मंत्री विद्या स्टोक्स को शिकायती पत्र की एक प्रतिलिपि भेजी गई। इसमें आरोप लगाया गया कि अश्वनी और गिरी योजना पर सुधार के नाम पर करोड़ों खर्च किया गया, लेकिन पेयजल किल्लत से सोलन के लोगों को निजात नहीं मिल सकी है।
विज्ञापन


उन्होंने चेताया की अगर सोलन में पेयजल समस्या से निजात नहीं मिली तो जन आंदोलन छेड़ दिया जाएगा। इस मौके भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेशाध्यक्ष रीतु सेठी, जिला महामंत्री रविंद्र परिहार के अलावा चंद्रकांत शर्मा, मदन मेहता, कृष्णा ठाकुर, नीलम, अनिता, यशोदा वर्मा, मीरा, सुषमा, अमर सिंह ठाकुर, प्रवीण मित्तल, अशोक कुमार वर्मा, पार्वती, सुनील आदि मौजूद रहे। इस दौरान दावा किया गया कि पेयजल किल्लत से करीब एक लाख की आबादी परेशान है।
विज्ञापन
विज्ञापन


नगर परिषद सोलन के उपाध्यक्ष पवन गुप्ता ने कहा कि जनता में पानी की किल्लत को लेकर रोष जायज है। प्रशासन और विभाग से पानी की किल्लत दूर करने की गुहार लगाई गई है। अगर पेयजल किल्लत दूर नहीं हुई तो सोलन शहर से लोगों का पलायन तक संभव है। उन्होंने कहा कि विभाग, प्रशासन और नप को मिलकर इसका समाधान निकालना चाहिए। अन्यथा स्थिति गंभीर हो सकती है।

शिकायत पत्र में कहा गया कि तीन सालों से सोलन में एक दिन छोड़कर पानी की सप्लाई की जा रही है। मगर पिछले तीन माह से तो पांच दिन में एक बार मुश्किल से पानी की सप्लाई होती है। पीने के पानी को लेकर लोगों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है।

दोनों योजनाओं से कम पानी की सप्लाई पहुंच रही है। शहर में पानी की आपूर्ति का जिम्मा आईपीएच विभाग के पास है। जबकि वितरण नगर परिषद के पास, लेकिन आईपीएच पचास फीसदी पानी की जरूरत पूरी नहीं कर पा रहा है जिससे वितरण में भारी दिक्कत आ रही है।
 
शिकायती पत्र में पानी की किल्लत के लिए आईपीएच को जिम्मेदार ठहराया है। इसमें कहा गया है कि बारिश के कारण गाद आना सामान्य बात है। इससे पहले भी बारिश होती थी, लेकिन गाद की समस्या के चलते लोगों को पांच-पांच दिन पानी का इंतजार नहीं करना पड़ा। ऐसे में यह कहीं न कहीं आईपीएच की लापरवाही है।


इससे पहले पानी की किल्लत लो वोल्टेज की वजह से बताई जाती रही, लेकिन अब करोड़ों की लागत से सब स्टेशन शुरू कर दिया गया है। इसके बावजूद पानी की समस्या दूर नहीं हुई। अब लो वोल्टेज की जगह गाद की समस्या विभाग ने नई पैदा कर दी है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed