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Solan News: सोलन में पेयजल संकट, छठे दिन भी नल सूखे, जनजीवन अस्त-व्यस्त
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मांग एक करोड़, आपूर्ति सिर्फ 70 लाख लीटर, शहरवासी पानी के टैंकर मंगवाने को मजबूर
आपूर्ति और वितरण काे लेकर जल शक्ति विभाग और नगर निगम आमने-सामने
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। शहर में पेयजल संकट दिन-प्रतिदिन गहराता जा रहा है। वार्डों में लगातार छठे दिन भी नल सूखे रहने से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। पीने और रोजमर्रा के कामों के लिए पानी न मिलने से परेशान हैं। स्थिति यह हो चुकी है कि पानी की किल्लत को लेकर अब जल शक्ति विभाग और नगर निगम भी आमने-सामने आ गए हैं। जल शक्ति विभाग का कहना है कि पर्याप्त मात्रा में पानी की आपूर्ति दी जा रही है। नगर निगम की ओर से ही वितरण में कोई कमी है। हालांकि विभाग ने माना कि वीरवार को पानी की आपूर्ति कम रही। वहीं नगर निगम का कहना है कि पानी की पर्याप्त आपूर्ति नहीं मिल रही है।
शहर में कोई प्राकृतिक जलस्रोत न होने के कारण स्थानीय निवासी पूरी तरह से विभागीय आपूर्ति पर ही निर्भर हैं। नियमित सप्लाई न मिलने से लोग अब निजी टैंकर मंगवाने को मजबूर हैं। महीने में तीन से चार बार लोग 2000 लीटर का टैंकर 1500 से 2000 रुपये में खरीदने को मजबूर हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि शहर में पहले कभी ऐसा संकट देखने को नहीं मिला। गर्मियों में थोड़ी दिक्कत होती थी, लेकिन मानसून व सर्दियों में आपूर्ति सुचारु रहती थी। इसके अलावा नगर निगम बिना किसी समयसारिणी या पूर्व सूचना के अनिश्चित समय पर पानी छोड़ रहा है, जिससे लोग पानी स्टोर भी नहीं कर पा रहे हैं। शहर में प्रतिदिन एक करोड़ लीटर पानी की आवश्यकता होती है, लेकिन वीरवार को मुख्य स्टोरेज टैंक में 69 लाख लीटर ही पानी पहुंच सका।
इनसेट
जल शक्ति विभाग के एसडीओ ऐन सिंह ने बताया कि वीरवार को 69.46 लाख लीटर पानी छोड़ा गया, जिसमें गिरि पेयजल योजना से 45.26 लाख लीटर और अश्वनी खड्ड परियोजना से 24.20 लाख लीटर पानी शामिल है।
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आपूर्ति और वितरण काे लेकर जल शक्ति विभाग और नगर निगम आमने-सामने
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। शहर में पेयजल संकट दिन-प्रतिदिन गहराता जा रहा है। वार्डों में लगातार छठे दिन भी नल सूखे रहने से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। पीने और रोजमर्रा के कामों के लिए पानी न मिलने से परेशान हैं। स्थिति यह हो चुकी है कि पानी की किल्लत को लेकर अब जल शक्ति विभाग और नगर निगम भी आमने-सामने आ गए हैं। जल शक्ति विभाग का कहना है कि पर्याप्त मात्रा में पानी की आपूर्ति दी जा रही है। नगर निगम की ओर से ही वितरण में कोई कमी है। हालांकि विभाग ने माना कि वीरवार को पानी की आपूर्ति कम रही। वहीं नगर निगम का कहना है कि पानी की पर्याप्त आपूर्ति नहीं मिल रही है।
शहर में कोई प्राकृतिक जलस्रोत न होने के कारण स्थानीय निवासी पूरी तरह से विभागीय आपूर्ति पर ही निर्भर हैं। नियमित सप्लाई न मिलने से लोग अब निजी टैंकर मंगवाने को मजबूर हैं। महीने में तीन से चार बार लोग 2000 लीटर का टैंकर 1500 से 2000 रुपये में खरीदने को मजबूर हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि शहर में पहले कभी ऐसा संकट देखने को नहीं मिला। गर्मियों में थोड़ी दिक्कत होती थी, लेकिन मानसून व सर्दियों में आपूर्ति सुचारु रहती थी। इसके अलावा नगर निगम बिना किसी समयसारिणी या पूर्व सूचना के अनिश्चित समय पर पानी छोड़ रहा है, जिससे लोग पानी स्टोर भी नहीं कर पा रहे हैं। शहर में प्रतिदिन एक करोड़ लीटर पानी की आवश्यकता होती है, लेकिन वीरवार को मुख्य स्टोरेज टैंक में 69 लाख लीटर ही पानी पहुंच सका।
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जल शक्ति विभाग के एसडीओ ऐन सिंह ने बताया कि वीरवार को 69.46 लाख लीटर पानी छोड़ा गया, जिसमें गिरि पेयजल योजना से 45.26 लाख लीटर और अश्वनी खड्ड परियोजना से 24.20 लाख लीटर पानी शामिल है।
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