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Solan News: नौणी और इटरनल यूनिवर्सिटी बड़ू साहिब के बीच एमओयू
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शिक्षा और अनुसंधान की मिलेगी नई गति
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। नौणी विवि और इटरनल यूनिवर्सिटी बड़ू साहिब ने शैक्षणिक, अनुसंधान व संस्थागत सहयोग को मजबूत करने के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। इस समझौते का मुख्य उद्देश्य ज्ञान, विशेषज्ञता और सुविधाओं का आदान-प्रदान कर दोनों संस्थानों के विद्यार्थियों, शिक्षकों और वैज्ञानिकों के लिए नए अवसर पैदा करना है।
एमओयू पर नौणी विवि के कुलपति प्रो. एचएस बवेजा और इटरनल यूनिवर्सिटी की कुलपति डॉ. नीलम कौर ने हस्ताक्षर किए। इस मौके पर नौणी विवि के वैज्ञानिक सलाहकार डॉ. केके रैना और ओएसडी डॉ. अनिल हांडा भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। इसमें औद्यानिकी, वानिकी, कृषि, पर्यावरण विज्ञान, बायोटेक्नोलॉजी, औषधीय एवं सुगंधित पौधे, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, नवीकरणीय ऊर्जा और भारतीय ज्ञान प्रणाली जैसे उभरते विषयों पर मिलकर शोध किया जाएगा। विद्यार्थियों के लिए इंटर्नशिप, एक्सपेरिमेंटल लर्निंग प्रोग्राम और रूरल एग्रीकल्चर वर्क एक्सपीरियंस के अवसर मिलेंगे। इसके साथ ही दोनों संस्थानों के बीच शिक्षक और छात्र आदान-प्रदान को बढ़ावा दिया जाएगा। कृषि और वानिकी क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा साइंस और डिजिटल तकनीकों के उपयोग पर विशेष जोर रहेगा। दोनों विश्वविद्यालय पुस्तकालय, वैज्ञानिक साहित्य, हर्बेरियम और प्रयोगशालाओं जैसी सुविधाओं को साझा करेंगे। साथ ही संयुक्त सम्मेलनों, कार्यशालाओं और सेमिनार का आयोजन किया जाएगा
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सोलन। नौणी विवि और इटरनल यूनिवर्सिटी बड़ू साहिब ने शैक्षणिक, अनुसंधान व संस्थागत सहयोग को मजबूत करने के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। इस समझौते का मुख्य उद्देश्य ज्ञान, विशेषज्ञता और सुविधाओं का आदान-प्रदान कर दोनों संस्थानों के विद्यार्थियों, शिक्षकों और वैज्ञानिकों के लिए नए अवसर पैदा करना है।
एमओयू पर नौणी विवि के कुलपति प्रो. एचएस बवेजा और इटरनल यूनिवर्सिटी की कुलपति डॉ. नीलम कौर ने हस्ताक्षर किए। इस मौके पर नौणी विवि के वैज्ञानिक सलाहकार डॉ. केके रैना और ओएसडी डॉ. अनिल हांडा भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। इसमें औद्यानिकी, वानिकी, कृषि, पर्यावरण विज्ञान, बायोटेक्नोलॉजी, औषधीय एवं सुगंधित पौधे, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, नवीकरणीय ऊर्जा और भारतीय ज्ञान प्रणाली जैसे उभरते विषयों पर मिलकर शोध किया जाएगा। विद्यार्थियों के लिए इंटर्नशिप, एक्सपेरिमेंटल लर्निंग प्रोग्राम और रूरल एग्रीकल्चर वर्क एक्सपीरियंस के अवसर मिलेंगे। इसके साथ ही दोनों संस्थानों के बीच शिक्षक और छात्र आदान-प्रदान को बढ़ावा दिया जाएगा। कृषि और वानिकी क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा साइंस और डिजिटल तकनीकों के उपयोग पर विशेष जोर रहेगा। दोनों विश्वविद्यालय पुस्तकालय, वैज्ञानिक साहित्य, हर्बेरियम और प्रयोगशालाओं जैसी सुविधाओं को साझा करेंगे। साथ ही संयुक्त सम्मेलनों, कार्यशालाओं और सेमिनार का आयोजन किया जाएगा
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