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Solan News: एक बेलदार के सहारे चल रहा है दून विस का जलशक्ति मंडल चंडी
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एसडीओ, जेई समेत अन्य स्टाफ न होने से लोग हो रहे परेशान
चंडी उपमंडल के तहत आती हैं क्षेत्र की 68 पेयजल योजनाएं
गर्मियों में पेयजल किल्लत होने से लोगों को आएंगी अब दिक्कतें।
ओमपाल सिंह
बद्दी(सोलन)। जलशक्ति विभाग का चंडी उपमंडल एक बेलदार के सहारे चल रहा है। इस उपमंडल में 68 पेयजल योजनाएं हैं। गर्मियों में इन योजनाओं का जल स्तर काफी नीचे चला जाता है। ऐसे में लोगों को पानी की समस्या से जूझना पड़ रहा है। ऐसे में लोग अपनी समस्याएं लेकर कहां जाएं और किससे कहें कुछ पता नहीं। कहने को तो बद्दी के सहायक अभियंता व जेई को यहां पर अतिरिक्त कार्यभार दिया है लेकिन उनके पास अपना इतना काम है कि उन्हें चंडी उपमंडल का देखना मुश्किल है।
जलशक्ति विभाग के चंडी उपंमडल के सहायक अभियंता का स्थानांतरण कर दिया गया है। यहां पर जेई का पद भी खाली है। पट्टा में भी जेई नहीं है और न ही कुठाड़ में जेई है। इस क्षेत्र में सभी योजनाओं भगवान के भरोसे चल रही हैं। दून की पहाड़ी क्षेत्र की 15 पंचायतों में हर साल गर्मियों में पानी की समस्या रहती है। इस दौरान लोग अपनी समस्याओं को लेकर कहां जाएंगे। चंडी उपमंडल में एसडीओ के अलावा तीन जेई व वरिष्ठ सहायक के पद रिक्त पड़े हुए हैं।
आपकी आवाज पट्टा महलोग के संचालक राज कुमार ने बताया कि पट्टा में जो जेई पहले थे उनकी पदोन्नति होने पर उन्हें चंडी में सहायक अभियंता तैनात कर दिया था। उन्हें इस पूरे उपमंडल की भौगोलिक स्थिति के बारे में पूरी जानकारी थी। वर्तमान में वह अकेले ही इस उपमंडल को संभाल रहे थे लेकिन आचार संहिता लगने से पहले उन्हें यहां से स्थानांतरित कर दिया गया है। अब यहां पर एक बेलदार ही इस उपमंडल की गतिविधियों को देख रहा है। उन्होंने कहा कि पहाड़ी क्षेत्र में सरकार व विभाग ने उपमंडल को खोल दिए हैं
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लेकिन यहां स्टाफ न होने से लोगों को इस उपमंडल का कोई फायदा नहीं हो रहा है।
जल शक्ति विभाग के अधिशाषी अभियंता दीपक कुमार ने चंडी में रिक्त पद होने की पुष्टि करते हुए बताया कि इस बारे में उच्च अधिकारियों को अवगत कराया गया है। लेकिन बद्दी के जेई व सहायक अभियंता को चंडी उपमंडल का चार्ज दिया हुआ हैै। वह स्वयं ही जरूरत पड़ने पर सप्ताह में इस क्षेत्र का दौरा करते हैं। अभी तक सभी 68 पेयजल योजनाएं सुचारू चल रही हैं। किसी भी योजना में पानी का स्तर कम नहीं हुआ है।
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चंडी उपमंडल के तहत आती हैं क्षेत्र की 68 पेयजल योजनाएं
गर्मियों में पेयजल किल्लत होने से लोगों को आएंगी अब दिक्कतें।
ओमपाल सिंह
बद्दी(सोलन)। जलशक्ति विभाग का चंडी उपमंडल एक बेलदार के सहारे चल रहा है। इस उपमंडल में 68 पेयजल योजनाएं हैं। गर्मियों में इन योजनाओं का जल स्तर काफी नीचे चला जाता है। ऐसे में लोगों को पानी की समस्या से जूझना पड़ रहा है। ऐसे में लोग अपनी समस्याएं लेकर कहां जाएं और किससे कहें कुछ पता नहीं। कहने को तो बद्दी के सहायक अभियंता व जेई को यहां पर अतिरिक्त कार्यभार दिया है लेकिन उनके पास अपना इतना काम है कि उन्हें चंडी उपमंडल का देखना मुश्किल है।
जलशक्ति विभाग के चंडी उपंमडल के सहायक अभियंता का स्थानांतरण कर दिया गया है। यहां पर जेई का पद भी खाली है। पट्टा में भी जेई नहीं है और न ही कुठाड़ में जेई है। इस क्षेत्र में सभी योजनाओं भगवान के भरोसे चल रही हैं। दून की पहाड़ी क्षेत्र की 15 पंचायतों में हर साल गर्मियों में पानी की समस्या रहती है। इस दौरान लोग अपनी समस्याओं को लेकर कहां जाएंगे। चंडी उपमंडल में एसडीओ के अलावा तीन जेई व वरिष्ठ सहायक के पद रिक्त पड़े हुए हैं।
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आपकी आवाज पट्टा महलोग के संचालक राज कुमार ने बताया कि पट्टा में जो जेई पहले थे उनकी पदोन्नति होने पर उन्हें चंडी में सहायक अभियंता तैनात कर दिया था। उन्हें इस पूरे उपमंडल की भौगोलिक स्थिति के बारे में पूरी जानकारी थी। वर्तमान में वह अकेले ही इस उपमंडल को संभाल रहे थे लेकिन आचार संहिता लगने से पहले उन्हें यहां से स्थानांतरित कर दिया गया है। अब यहां पर एक बेलदार ही इस उपमंडल की गतिविधियों को देख रहा है। उन्होंने कहा कि पहाड़ी क्षेत्र में सरकार व विभाग ने उपमंडल को खोल दिए हैं
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लेकिन यहां स्टाफ न होने से लोगों को इस उपमंडल का कोई फायदा नहीं हो रहा है।
जल शक्ति विभाग के अधिशाषी अभियंता दीपक कुमार ने चंडी में रिक्त पद होने की पुष्टि करते हुए बताया कि इस बारे में उच्च अधिकारियों को अवगत कराया गया है। लेकिन बद्दी के जेई व सहायक अभियंता को चंडी उपमंडल का चार्ज दिया हुआ हैै। वह स्वयं ही जरूरत पड़ने पर सप्ताह में इस क्षेत्र का दौरा करते हैं। अभी तक सभी 68 पेयजल योजनाएं सुचारू चल रही हैं। किसी भी योजना में पानी का स्तर कम नहीं हुआ है।