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Solan News: जिले के पांच नए स्कूलों को वोकेशन शिक्षा से जोड़ा, अब 105 हुई संख्या
Mon, 15 Apr 2024 11:16 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
Updated Mon, 15 Apr 2024 11:16 PM IST
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112 स्कूलों में चल रही प्री-वोकेशनल गतिविधियां
छठी से आठवीं तक के बच्चों को दिया जा रहा तकनीकी ज्ञान
बच्चों को डीएमआर व नौणी विवि में दी जाएगी जानकारी
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। जिले के विद्यार्थियों को किताबी ज्ञान के साथ तकनीकी शिक्षा भी दी जा रही है। इसके तहत जिले में वोकेशनल शिक्षा के तहत पांच नए स्कूलों को शामिल किया गया है। जिसमें इन स्कूलों की संख्या 105 हो गई है। जबकि 112 स्कूलों में छठी से आठवीं कक्षा तक प्री-वोकेशनल शिक्षा के तहत तकनीकी ज्ञान विद्यार्थियों को दिया जा रहा है। विद्यार्थियों को कृषि समेत अन्य तकनीकी ज्ञान के लिए डीएमआर और नौणी विवि का भी भ्रमण करवाया जाएगा। जहां पर मशरूम और कृषि विशेषज्ञों से भी विद्यार्थी इसके बारे में जानकारी हासिल कर सकेंगे। इसके लिए चयनित स्कूलों को 15-15 हजार का बजट भी प्रदान किया जा रहा है।
जानकारी के अनुसार छठी से आठवीं कक्षा तक विद्यार्थियों को तकनीकी शिक्षा का ज्ञान दिया जा रहा है। खास बात यह है कि विद्यार्थियों को जिस विषय के बारे में पढ़ाया जा रहा है। उस विषय के बारे में तकनीकी शिक्षा भी दी जाएगी। हालांकि प्री-वोकेशनल कोर्स करवाने के लिए कोई अलग से विषय नहीं है। इसमें विद्यार्थियों को उसी वोकेशनल कोर्स की जानकारी दी जाएगी जो उसके क्षेत्र में चल रहा है। जैसे सोलन में मशरूम की खेती, टमाटर, लहसुन, सेब की खेती के संबंध में जानकारी सहित तकनीकी शिक्षा भी दी जा रही है।
उधर, डाइट सोलन के प्रधानाचार्य डॉ. शिव कुमार शर्मा ने बताया कि प्री-वोकेशनल शिक्षा में विद्यार्थी अपनी मर्जी से विषय का अध्ययन कर सकते हैं। जिसमें उन्हें अपने जिले में तैयार होनी वाली मशरूम, टमाटर सहित अन्य विषय की भी जानकारी दी जा रही है। इस वर्ष वोकेशनल शिक्षा के लिए पांच नए स्कूलों को शामिल किया गया है।
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छठी से आठवीं तक के बच्चों को दिया जा रहा तकनीकी ज्ञान
बच्चों को डीएमआर व नौणी विवि में दी जाएगी जानकारी
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। जिले के विद्यार्थियों को किताबी ज्ञान के साथ तकनीकी शिक्षा भी दी जा रही है। इसके तहत जिले में वोकेशनल शिक्षा के तहत पांच नए स्कूलों को शामिल किया गया है। जिसमें इन स्कूलों की संख्या 105 हो गई है। जबकि 112 स्कूलों में छठी से आठवीं कक्षा तक प्री-वोकेशनल शिक्षा के तहत तकनीकी ज्ञान विद्यार्थियों को दिया जा रहा है। विद्यार्थियों को कृषि समेत अन्य तकनीकी ज्ञान के लिए डीएमआर और नौणी विवि का भी भ्रमण करवाया जाएगा। जहां पर मशरूम और कृषि विशेषज्ञों से भी विद्यार्थी इसके बारे में जानकारी हासिल कर सकेंगे। इसके लिए चयनित स्कूलों को 15-15 हजार का बजट भी प्रदान किया जा रहा है।
जानकारी के अनुसार छठी से आठवीं कक्षा तक विद्यार्थियों को तकनीकी शिक्षा का ज्ञान दिया जा रहा है। खास बात यह है कि विद्यार्थियों को जिस विषय के बारे में पढ़ाया जा रहा है। उस विषय के बारे में तकनीकी शिक्षा भी दी जाएगी। हालांकि प्री-वोकेशनल कोर्स करवाने के लिए कोई अलग से विषय नहीं है। इसमें विद्यार्थियों को उसी वोकेशनल कोर्स की जानकारी दी जाएगी जो उसके क्षेत्र में चल रहा है। जैसे सोलन में मशरूम की खेती, टमाटर, लहसुन, सेब की खेती के संबंध में जानकारी सहित तकनीकी शिक्षा भी दी जा रही है।
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उधर, डाइट सोलन के प्रधानाचार्य डॉ. शिव कुमार शर्मा ने बताया कि प्री-वोकेशनल शिक्षा में विद्यार्थी अपनी मर्जी से विषय का अध्ययन कर सकते हैं। जिसमें उन्हें अपने जिले में तैयार होनी वाली मशरूम, टमाटर सहित अन्य विषय की भी जानकारी दी जा रही है। इस वर्ष वोकेशनल शिक्षा के लिए पांच नए स्कूलों को शामिल किया गया है।
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