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Solan News: चक्कीमोड में वर्षा शालिका की खस्ताहालत, छत गायब
Tue, 01 Sep 2026 12:13 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
Updated Tue, 01 Sep 2026 12:13 AM IST
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धर्मपुर के साथ लगते चक्कीमोड पर बनी वर्षा शालिका की खस्ता हालत। संवाद
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छत गायब, ठेकेदार की ओर से घटिया सामग्री का इस्तेमाल करने का आरोप
संवाद न्यूज एजेंसी
धर्मपुर (सोलन)। परवाणू से शिमला फोरलेन हाईवे पर भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) द्वारा बनाई गई वर्षा शालिकाएं जर्जर हालत में हैं। लाखों रुपये खर्च कर बनाई गई इन शालिकाओं की छत गायब है और फर्श टूट गया है। स्थानीय लोग एनएचएआई पर लापरवाही का आरोप लगा रहे हैं और इनकी तत्काल मरम्मत की मांग कर रहे हैं।
चक्कीमोड़ स्थित वर्षा शालिका की छत पूरी तरह गायब हो चुकी है। यहां बैठने वाली सीटों पर घास उग आई है। वर्ष 2023 की आपदा में पहाड़ों से पत्थर गिरने के कारण इन शालिकाओं को नुकसान पहुंचा था। हालांकि, क्षतिग्रस्त होने के बाद भी इनकी मरम्मत नहीं की गई है। शालिकाओं के फर्श में घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया गया है। लगाई गई टाइलें टूट रही हैं और सीमेंट का अनुपात भी कम रखा गया है। एनएचएआई ने वर्ष 2023 में ग्रील कंपनी को रखरखाव का कॉन्ट्रैक्ट दिया था। लेकिन वर्तमान में हाईवे का रखरखाव देख रही कंपनी भी वर्षा शालिकाओं की मरम्मत नहीं कर रही है।
स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि ग्रील कंपनी की मिलीभगत से निजी ठेकेदारों ने घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया। उन्होंने अच्छी सामग्री के पैसे लिए लेकिन काम में गुणवत्ता नहीं रखी। लोगों ने मांग की है कि ग्रील कंपनी को ठेकेदार को नोटिस जारी करना चाहिए। फर्श का निर्माण दोबारा से करवाया जाना चाहिए।
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चक्कीमोड़, जाबली और धर्मपुर के स्थानीय लोग एनएचएआई के ध्यान न देने से नाराज हैं। वर्षा शालिकाओं में बैठे लोग फर्श की खराब हालत देखकर कानूनी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि यह सुविधा हाईवे पर अनिवार्य रूप से होनी चाहिए। एनएचएआई को इस ओर तुरंत ध्यान देना चाहिए और जल्द-से-जल्द मरम्मत कार्य शुरू करवाना चाहिए।
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धर्मपुर (सोलन)। परवाणू से शिमला फोरलेन हाईवे पर भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) द्वारा बनाई गई वर्षा शालिकाएं जर्जर हालत में हैं। लाखों रुपये खर्च कर बनाई गई इन शालिकाओं की छत गायब है और फर्श टूट गया है। स्थानीय लोग एनएचएआई पर लापरवाही का आरोप लगा रहे हैं और इनकी तत्काल मरम्मत की मांग कर रहे हैं।
चक्कीमोड़ स्थित वर्षा शालिका की छत पूरी तरह गायब हो चुकी है। यहां बैठने वाली सीटों पर घास उग आई है। वर्ष 2023 की आपदा में पहाड़ों से पत्थर गिरने के कारण इन शालिकाओं को नुकसान पहुंचा था। हालांकि, क्षतिग्रस्त होने के बाद भी इनकी मरम्मत नहीं की गई है। शालिकाओं के फर्श में घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया गया है। लगाई गई टाइलें टूट रही हैं और सीमेंट का अनुपात भी कम रखा गया है। एनएचएआई ने वर्ष 2023 में ग्रील कंपनी को रखरखाव का कॉन्ट्रैक्ट दिया था। लेकिन वर्तमान में हाईवे का रखरखाव देख रही कंपनी भी वर्षा शालिकाओं की मरम्मत नहीं कर रही है।
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स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि ग्रील कंपनी की मिलीभगत से निजी ठेकेदारों ने घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया। उन्होंने अच्छी सामग्री के पैसे लिए लेकिन काम में गुणवत्ता नहीं रखी। लोगों ने मांग की है कि ग्रील कंपनी को ठेकेदार को नोटिस जारी करना चाहिए। फर्श का निर्माण दोबारा से करवाया जाना चाहिए।
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चक्कीमोड़, जाबली और धर्मपुर के स्थानीय लोग एनएचएआई के ध्यान न देने से नाराज हैं। वर्षा शालिकाओं में बैठे लोग फर्श की खराब हालत देखकर कानूनी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि यह सुविधा हाईवे पर अनिवार्य रूप से होनी चाहिए। एनएचएआई को इस ओर तुरंत ध्यान देना चाहिए और जल्द-से-जल्द मरम्मत कार्य शुरू करवाना चाहिए।