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Solan News: जिले में यूरिया संकट बरकरार, अभी तक नहीं पहुंची सप्लाई
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सोलन। सोलन समेत अन्य जिलों में यूरिया खाद का संकट बरकरार है। हिमफेड के पास भी खाद की उचित सप्लाई नहीं आ रही है। जिले में एक हजार बोरियों की आवश्यकता पर सिर्फ 200 से 300 बोरी खाद ही मिल रही है।
जुलाई की शुरूआत में ही खाद का यह स्टॉक खत्म हो गया है। अब किसान रोजाना खाद डिपो के चक्कर काटने को मजबूर हो रहे है लेकिन, उन्हें खाद नहीं मिल रही है। खाद की कमी से किसानों की फसलें खराब होने के कागार पर हैं। जानकारी के अनुसार हिमफेड की ओर से जिले के लिए 98.600 मिट्रिक टन यूरिया की डिमांड भेजी है। भारी बारिश के चलते जिले के किसी भी डिपो तक खाद की सप्लाई नहीं पहुंच पाई है।
जानकारी के अनुसार मानसून की बारिश के बीच टमाटर, शिमला मिर्च और गोभी समेत अन्य फसलों के लिए यूरिया खाद अति आवश्यक हो गई है। इस बार अधिकतर किसानों को उचित खाद न मिलने से फसल खराब होने की चिंता सताने लगी है। किसानों की मानें तो भारी बारिश के बााद खाद न मिलने से उनकी टमाटर, शिमला मिर्च समेत अन्य फसल खराब होने लग गईं हैं।
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उधर, हिमफेड के क्षेत्रीय प्रबंधक हरीश शर्मा ने बताया कि यूरिया खाद की कमी को लेकर आला अधिकारियों को सूचित किया गया है। दो-तीन दिनों में खाद की पूर्ति करने का आश्वासन मिला है। जैसे ही उनके पास सप्लाई पहुंचेगी, जिले के सभी क्षेत्रों को आपूर्ति कर दी जाएगी। मौजूदा समय में मांग से करीब 80 फीसदी कम तक सप्लाई जिले के लिए मिल रही है।
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जुलाई की शुरूआत में ही खाद का यह स्टॉक खत्म हो गया है। अब किसान रोजाना खाद डिपो के चक्कर काटने को मजबूर हो रहे है लेकिन, उन्हें खाद नहीं मिल रही है। खाद की कमी से किसानों की फसलें खराब होने के कागार पर हैं। जानकारी के अनुसार हिमफेड की ओर से जिले के लिए 98.600 मिट्रिक टन यूरिया की डिमांड भेजी है। भारी बारिश के चलते जिले के किसी भी डिपो तक खाद की सप्लाई नहीं पहुंच पाई है।
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जानकारी के अनुसार मानसून की बारिश के बीच टमाटर, शिमला मिर्च और गोभी समेत अन्य फसलों के लिए यूरिया खाद अति आवश्यक हो गई है। इस बार अधिकतर किसानों को उचित खाद न मिलने से फसल खराब होने की चिंता सताने लगी है। किसानों की मानें तो भारी बारिश के बााद खाद न मिलने से उनकी टमाटर, शिमला मिर्च समेत अन्य फसल खराब होने लग गईं हैं।
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उधर, हिमफेड के क्षेत्रीय प्रबंधक हरीश शर्मा ने बताया कि यूरिया खाद की कमी को लेकर आला अधिकारियों को सूचित किया गया है। दो-तीन दिनों में खाद की पूर्ति करने का आश्वासन मिला है। जैसे ही उनके पास सप्लाई पहुंचेगी, जिले के सभी क्षेत्रों को आपूर्ति कर दी जाएगी। मौजूदा समय में मांग से करीब 80 फीसदी कम तक सप्लाई जिले के लिए मिल रही है।