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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Solan News ›   Umeed ki Mashal : Women in Nalagarh changing their lives selling self made herbal and hand craft products at bio diverse park

हर्बल और हस्तशिल्प उत्पाद बेच आत्मनिर्भर महिलाएं बनीं प्रेरणा स्रोत

Sun, 17 Jul 2022 11:48 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Sun, 17 Jul 2022 11:48 PM IST
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एचआर धीमान
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नालागढ़ (सोलन)। उपमंडल नालागढ़ के जैव विविधता वन से महिलाएं स्वरोजगार की राह पर चल पड़ी हैं। स्वयं सहायता समूहों की ये महिलाएं आत्मनिर्भर बनकर दूसरों के लिए प्रेरणा स्रोत बन रही हैं। इन महिलाओं ने जैव विविधता वन में विक्रय केंद्र खोला है।
इसमें महिलाएं अपने और कुछ दूसरे स्वयं सहायता समूहों के बनाए कई प्रकार के हर्बल और हस्तशिल्प उत्पाद बेचती हैं। स्वयं सहायता समूह में दूसरी महिलाओं को साथ जोड़कर स्वरोजगार को बढ़ावा दे रही हैं।
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इस केंद्र में महिलाएं एलोवेरा जूस, बिल्व जूस, आंवला पाउडर, लहसुन, अश्वगंधा, चुकंदर, जामुन गुठली, लेमन ग्रास और करेला पाउडर खुद तैयार करके बेचती हैं। नालागढ़ से गुजरने वाले पर्यटकों का यह विक्रस केंद्र बरबस ही ध्यान खींच रहा है।
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कोरोना काल में जब कोई काम नहीं मिल रहा था तो महिलाओं ने स्वयं सहायता समूह का गठन कर विक्रय केंद्र खोलने की सोची। स्वयं सहायता समूह की प्रधान निशा देवी ने बताया कि शुरू में पांच महिलाओं ने कार्य शुरू किया।
अब इन महिलाओं ने नालागढ़ के कई स्वयं सहायता समूहों को अपने साथ जोड़ लिया है। इन स्वयं सहायता समूह के हाथ से बने उत्पाद विक्रय केंद्र में रखती हैं। वर्तमान में ये महिलाएं अपने पांव पर खड़ी हैं और दूसरी महिलाओं को भी रोजगार दे रही हैं।
नालागढ़ के उप अरण्यपाल यशुदीप सिंह ने बताया कि यहां हस्तशिल्प के उत्पाद भी खरीद सकते हैं। खंड विकास से जुड़े सभी स्वयं सहायता समूहों को इसमें जोड़ा गया है। उनके बनाए उत्पाद यहां बिक्री के लिए रखे गए हैं।
इस वन में एक ऐसा स्थान विकसित करेंगे जहां लोग सुबह-सुबह योगाभ्यास कर सकें। इस जैव विविध वन को देश के पहले डिजिटल जैव विविध वन होने का गौरव प्राप्त है। 26 मार्च को मुख्यमंत्री ने इसे जनता को समर्पित किया था।

1,500 पौधे बढ़ा रहे हैं शोभा
तीन हेक्टेयर में फैले जैव विविध वन को 11 क्षेत्रों में बांटा गया है। करीब 359 प्रजातियों के 1,500 पौधे लगाए हैं। हर पौधे को एक क्यूआर कोड दिया गया है। इसे मोबाइल से स्कैन करने पर उस पौधे की विस्तृत जानकारी मिल जाती है।
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